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पंजाब कैबिनेट की बैठक, GST प्रस्ताव को मंजूरी, 8 बड़े फैसले
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 11 Sep 2016 10:04 AM IST
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पंजाब कैबिनेट मीटिंग
- फोटो : अमर उजाला
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मुख्यमंत्री बादल की अध्यक्षता में पंजाब कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें जीएसटी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। साथ ही कई बड़े फैसले लिए गए। पंजाब के गरीब और जरूरतमंद लोगों को सरकार पांच-पांच मरले के प्लॉट देगी।
मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता के अनुसार सरकार ने महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए समाज के गरीब और बेघर लोगों को जुमला मुशतरका मालिकाना से पांच-पांच मरले के प्लाट देने के लिए ईस्ट पंजाब होल्डिंग (कंसोलिडेशन एंड प्रिवेंशन आफ फरैगमेंनटेशन) एक्ट -1948 की धारा -2(बी.बी) को संशोधन के लिए सहमति दे दी है।
पंजाब के सैनी, स्वर्णकार और सुनियारा समुदाय को अब पिछले श्रेणी में शामिल करने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने स्वीकृति दे दी है। इस फैसले से इन समुदायों को सरकार की विभिन्न कल्याण योजनाओं का लाभ मिल पाएगा।
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मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता के अनुसार सरकार ने महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए समाज के गरीब और बेघर लोगों को जुमला मुशतरका मालिकाना से पांच-पांच मरले के प्लाट देने के लिए ईस्ट पंजाब होल्डिंग (कंसोलिडेशन एंड प्रिवेंशन आफ फरैगमेंनटेशन) एक्ट -1948 की धारा -2(बी.बी) को संशोधन के लिए सहमति दे दी है।
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पंजाब के सैनी, स्वर्णकार और सुनियारा समुदाय को अब पिछले श्रेणी में शामिल करने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने स्वीकृति दे दी है। इस फैसले से इन समुदायों को सरकार की विभिन्न कल्याण योजनाओं का लाभ मिल पाएगा।
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जीएसटी प्रस्ताव का सर्वसहमति से मंजूर किया गया
rss leader attack case cm badal
- फोटो : amar ujala
कैबिनेट ने देशभर में लागू होने वाले गुड्स एंड सर्विस टैक्स को विधानसभा में पेश करने के प्रस्ताव को मंजूर कर लिया। भारतीय संविधान (122 वीं संशोधन बिल-2014) में संशोधन की पुष्टि के लिए पंजाब विधानसभा में इसे पारित करवाना जरूरी है। इससे पहले संसद के दोनों सदनों ने इस बिल को मंजूरी दे दी है।
आनंद मैरिज एक्ट -1909 की धारा 6 के संशोधित अधिनियम के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने हरी झंडी दे दी। इसके तहत राज्य को विवाह पंजीकरण के अधिकार दिए गए हैं।
आनंद मैरिज एक्ट -1909 व आनंद मैरिज संशोधन एक्ट-2012 के तहत दर्ज होने वाले विवाहों को पंजाब कंपलसरी रजिस्ट्रेशन आफ मैरिज एक्ट-2012 के तहत विवाह का पंजीकरण करवाने की जरूरत नहीं होगी।
प्रदेश के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए कैबिनेट ने श्री गुरु रामदास यूनिवर्सिटी आफ हेल्थ साइंसेज (अमृतसर) और खालसा यूनिवर्सिटी (अमृतसर) 2016 आर्डिनेंस को एक्ट में तबदील करने के लिए विधानसभा के जारी सत्र के दौरानबिल पेश करने की कैबिनेट ने स्वीकृति दे दी है।
आनंद मैरिज एक्ट -1909 की धारा 6 के संशोधित अधिनियम के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने हरी झंडी दे दी। इसके तहत राज्य को विवाह पंजीकरण के अधिकार दिए गए हैं।
आनंद मैरिज एक्ट -1909 व आनंद मैरिज संशोधन एक्ट-2012 के तहत दर्ज होने वाले विवाहों को पंजाब कंपलसरी रजिस्ट्रेशन आफ मैरिज एक्ट-2012 के तहत विवाह का पंजीकरण करवाने की जरूरत नहीं होगी।
प्रदेश के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए कैबिनेट ने श्री गुरु रामदास यूनिवर्सिटी आफ हेल्थ साइंसेज (अमृतसर) और खालसा यूनिवर्सिटी (अमृतसर) 2016 आर्डिनेंस को एक्ट में तबदील करने के लिए विधानसभा के जारी सत्र के दौरानबिल पेश करने की कैबिनेट ने स्वीकृति दे दी है।
गैर अधिकृति कालोनियां नियमित करने को पेश होगा बिल
मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का संगत दर्शन प्रोग्राम
- फोटो : अमर उजाला
अनाधिकृत कालोनियों को योजनाबद्ध ढांचे में लाने और इन कालोनियों के लोगों को आधारभूत सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए कैबिनेट ने पंजाब लॉ (स्पेशल प्रोविजन) बिल-2016 को एक वर्ष के लिए बरकरार रखने का फैसला किया है।
इस संबंध में जारी आर्डिनेंस को एक्ट का रूप देने के लिए पंजाब विधानसभा के मौजूदा सत्र में पेश करने का फैसला किया है। राज्य सरकार इस एक्ट के अधीन समय-समय पर लोगों से आवेदनों की मांग करती है।
इस एक्ट की अवधि में पहले भी दो बार एक-एक वर्ष की बढ़ोतरी की गई थी। इसकी अवधि पांच फरवरी 2016 को खत्म हो गई है। योजना के तहत लगभग 4,39,902 आवेदन अनाधिकृत कालोनियों और इनमें पड़ते प्लाटों या इमारतों की प्राप्त हुई थी।
हालांकि बड़ी संख्या में एनआरआई व पंजाब से बाहर कार्य करते लोग इस स्कीम के लाभ से वंचित रह गए थे। इसी कारण राज्य सरकार ने दी पंजाब लॉ (स्पेशल प्रोविजन) बिल-2016 के तहत लोगों को एक वर्ष का और समय देने का फैसला किया है।
इस संबंध में जारी आर्डिनेंस को एक्ट का रूप देने के लिए पंजाब विधानसभा के मौजूदा सत्र में पेश करने का फैसला किया है। राज्य सरकार इस एक्ट के अधीन समय-समय पर लोगों से आवेदनों की मांग करती है।
इस एक्ट की अवधि में पहले भी दो बार एक-एक वर्ष की बढ़ोतरी की गई थी। इसकी अवधि पांच फरवरी 2016 को खत्म हो गई है। योजना के तहत लगभग 4,39,902 आवेदन अनाधिकृत कालोनियों और इनमें पड़ते प्लाटों या इमारतों की प्राप्त हुई थी।
हालांकि बड़ी संख्या में एनआरआई व पंजाब से बाहर कार्य करते लोग इस स्कीम के लाभ से वंचित रह गए थे। इसी कारण राज्य सरकार ने दी पंजाब लॉ (स्पेशल प्रोविजन) बिल-2016 के तहत लोगों को एक वर्ष का और समय देने का फैसला किया है।