चंडीगढ़: त्योहारी सीजन से पहले लोगों पर महंगाई की मार, दाल से लेकर तेल तक सब महंगा
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जैसे-जैसे त्योहारी सीजन नजदीक आ रहा है, महंगाई से किचन का बजट बिगड़ता जा रहा है। पिछले 20 दिनों में थोक मार्केट में जहां सरसों तेल 20 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया है, वहीं लाल मिर्च प्रति किलो 150 रुपये महंगी हो गई है। यही नहीं दाल, राजमा, छोले समेत अन्य राशन के दामों में भी उछाल आया है। ऐसे में लोगों का कहना है कि महंगाई से अब घर का बजट बिगड़ रहा है।
रिटेल किराना व्यवसायी एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने बताया कि होलसेल में सरसों का तेल 20 दिन पहले तक 95 रुपये प्रति लीटर बिक रहा था जो अब यह दाम 115 रुपये प्रति लीटर तक बिक रहा है। इसी तरह रिफाइंड 20 दिन पहले तक होलसेल में 90 रुपये प्रति लीटर बिक रहा था, जो अब 100 रुपये प्रति लीटर हो गया है।
टीन की बात करें तो एक टीन (15 लीटर) ब्रांडेड सरसों का तेल 20 दिन पहले 1650 रुपये में मिल रहा था, जो अब 1950 रुपये का हो गया है। वहीं एक टीन रिफाइंड की कीमत 1350 रुपये थी, जो अब बढ़कर 1520 रुपये की हो गई है। यही हाल लाल मिर्च का भी है। लाल मिर्च 20 दिन पहले होलसेल में 200 रुपये किलो थी, जो अब 350 रुपये किलो हो गई है।
सेक्टर-15 मार्केट के दुकानदार कृष्ण कुमार ने बताया कि रिटेल में सरसों का तेल 130 रुपये लीटर तक बेचा जा रहा है। वहीं रिफाइंड 110 रुपये लीटर तक बेच रहे हैं। इसी तरह लाल मिर्च भी 370 से 380 रुपये किलो तक बिक रही है। उन्होंने कहा कि सामान पीछे से ही महंगा आ रहा है, इसलिए महंगा बिक रहा है।
600 से बढ़कर 1100 रुपये किलो हुआ खसखस
दुकानदारों का कहना है कि त्योहारी सीजन के नजदीक आने के साथ ही अब मिठाई बनाने की तैयारियां भी शुरू होने लगी हैं। खसखस का मिठाइयों में काफी प्रयोग होता है। ऐसे में खसखस पर भी महंगाई की मार है। 20 दिन पहले तक जो खसखस होलसेल में 600 रुपये किलो था, अब वह 1100 रुपये किलो तक पहुंच गया है। ऐसे में मिठाइयों की कीमतें भी बढ़ेंगी।
महाराष्ट्र व मध्य प्रदेश में बारिश से दाल की कीमतों में आई तेजी
दुकानदारों का कहना है कि वैसे ही कोरोना के कारण माल की आवक कम है। ऊपर से महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में इस बार काफी बारिश हुई है। बारिश में दाल की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। खरीफ की फसल को नुकसान होने से दालों के दाम में अचानक से तेजी आ गई है। दाल के दामों में फिलहाल कमी आने की उम्मीद कम ही है। वैसे भी कोरोना काल में डॉक्टर सबसे ज्यादा दाल खाने की सलाह दे रहे हैं।
अरहर की दाल इस समय 8500 से 9000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई है। वहीं, मूंग (साबुत) 8500 से 8800 रुपये क्विंटल जबकि धुली मूंग 9000 से 9500 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई है। इसके अलावा चना दाल व सफेद चना 6000 से 6500 रुपये क्विंटल और राजमा 9000 से 12000 रुपये क्विंटल बिक रहा है।
इस प्रकार है दाल के दाम (होलसेल)
चना दाल
वर्तमान दाम : 60 से 65 रुपये प्रति किलो
20 दिन पहले : 48 से 50 रुपये प्रति किलो
सफेद चना (छोले)
वर्तमान दाम : 65 से 72 रुपये प्रति किलो
20 दिन पहले : 55 से 60 रुपये प्रति किलो
अरहर दाल
वर्तमान दाम : 90 से 95 रुपये प्रति किलो
20 दिन पहले : 80 से 85 रुपये प्रति किलो
मूंग दाल
वर्तमान दाम - 100 से 105 रुपये किलो (धुली)
20 दिन पहले - 90 से 95 रुपये किलो (धुली)
85 से 90 रुपये किलो (साबुत)
80 से 85 रुपये किलो (साबुत)
राजमा
वर्तमान दाम - 102 से 105 रुपये किलो
20 दिन पहले - 80 से 90 रुपये किलो
क्या कहती हैं गृहिणियां
महंगाई बढ़ेगी तो घर खर्च चलाना मुश्किल हो जाएगा। दाल, तेल और मिर्च तो रोजमर्रा की जरूरत की चीजें हैं। इनमें इजाफा होगा तो घर का पूरा बजट ही गड़बड़ा जाएगा। - हरप्रीत कौर, गृहिणी, सेक्टर-19
अभी तक केवल सब्जी ही महंगी थी। अब दाल और राशन का अन्य सामान भी महंगा हो गया है। एक मध्यम वर्गीय परिवार के लिए त्योहार में यह बड़ा झटका है। - अंजू सिंगला, गृहिणी, सेंटर 38