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अच्छी खबरः चंडीगढ़ में हरियाली बढ़ी, हरित क्षेत्र में पांच फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी

Tue, 31 Dec 2019 03:36 PM IST
ajay kumar आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Tue, 31 Dec 2019 03:36 PM IST
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Greenery increased in Chandigarh
chandigarh - फोटो : फाइल फोटो

सिटीब्यूटीफुल के पर्यावरण प्रेमियों के लिए एक अच्छी खबर आई है। सोमवार को भारतीय वन सर्वेक्षण की जारी रिपोर्ट के मुताबिक चंडीगढ़ के ग्रीन कवर (हरियाली क्षेत्र) में करीब सवा पांच फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। साल 2017 की रिपोर्ट के मुताबिक चंडीगढ़ में कुल ग्रीन कवर एरिया 41.11 फीसदी था, जो दो साल में बढ़कर 46.36 फीसदी पहुंच गया है।

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इसका सीधा मतलब है कि चंडीगढ़ में हरियाली का क्षेत्र बढ़ा है। जंगल और सड़क के किनारे लगे पेड़ों की संख्या में जबरदस्त इजाफा हुआ है। पर्यावरण अधिकारियों का कहना है कि शहर में जिस तरह से विकास कार्यों का दबाव है, उस हिसाब से सिटी के ग्रीन कवर का बढ़ना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।
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भारतीय वन सर्वेक्षण की रिपोर्ट हर दो साल बाद आती है, जिसका मकसद यह बताना होता है कि भारत के राज्यों व केंद्र शासित राज्यों में हरियाली की स्थिति क्या है? सोमवार को इस रिपोर्ट को पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने जारी किया। उनके मुताबिक देश के कुल क्षेत्रफल में वन क्षेत्र की हिस्सेदारी 21.67 प्रतिशत हो गई है। 
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इस रिपोर्ट में चंडीगढ़ के बारे में भी ब्योरा दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक चंडीगढ़ ने करीब 55 हेक्टेयर एरिया को वन क्षेत्र में तब्दील किया गया है। पहले इस इलाके में पौधे नहीं थे। इसके अतिरिक्त ट्री कवर एरिया पहले 10 स्क्वायर किमी होता था, जो बढ़कर 25 स्क्वायर किलोमीटर हो गया है।

रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है, चंडीगढ़ के घने जंगलों में भी अच्छी खासी बढ़ोतरी हुई है। पहले इन जंगलों में पेड़ कम हुआ करते थे। पर्यावरण डिपार्टमेंट ने अभियान चलाकर जंगलों में खूब पेड़ लगाए, जिससे जंगल घने हो गए। चंडीगढ़ के डिप्टी कंजरवेटिव फारेस्ट अब्दुल कय्यूम का कहना है कि सर्वे में सुखना सेंचुरी के एरिया को चंडीगढ़ में शामिल नहीं किया जाता है, जबकि वह चंडीगढ़ का ही क्षेत्र है। इस एरिया को मिलाकर चंडीगढ़ का फारेस्ट एरिया कुल 46.26 फीसदी होता है।

दो सालों में ये उठाए गए कदम

  • मिशन जलशक्ति अभियान के तहत 65 हजार पौधे लगाए।
  • वन विभाग आपके द्वार नामक अभियान शुरू किया गया।
  • मानसून में शहर की स्वयंसेवी संस्थाओं ने भी पेड़ लगाए।
  • स्कूलों में बने इको क्लब की ओर से भी जगह-जगह जागरूकता फैलाई।


चंडीगढ़ के ग्रीन कवर का बढ़ना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। यह एक संयुक्त प्रयास का नतीजा है। इसमें चंडीगढ़ प्रशासन, पर्यावरण डिपार्टमेंट और पर्यावरण प्रेमियों का अहम योगदान रहा है। - डा. अब्दुल कय्यूम, डीसीएफ पर्यावरण डिपार्टमेंट

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