कैबिनेट मंत्री को बुजुर्ग ने मारा थप्पड़, पगड़ी उतरी
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पवित्र ग्रंथ की बेअदबी से आहत एक बुजुर्ग ने कैबिनेट मंत्री मलूका को थप्पड़ जड़ दिया। इससे वे गिर गए और उनकी पगड़ी उतर गई। घटना पंजाब के बठिंडा में गांव हमीरगढ़ की है। हालांकि, पुलिस ने थप्पड़ मारने की पुष्टि नहीं की, बल्कि सिर्फ धक्का मारने की बात कही।
ग्रामीण विकास मंत्री सिकंदर सिंह मलूका वहां सद्भावना रैली में हिस्सा लेने आए थे, इस दौरान यह घटना हुई। उसके बाद मौके पर तैनात पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया, लेकिन अकाली दल के वर्करों ने बुजुर्ग को पुलिस से छुड़ाकर पीटना शुरू कर दिया। इतनी बुरी तरह पीटा कि वह अधमरा हो गया।
हालत गंभीर होने पर पुलिस उसे भगता भाईका के सरकारी अस्पताल ले गई। वहां से रात करीब 9 बजे उसे फरीदकोट मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। आरोपी का नाम गांव हमीरगढ़ निवासी 56 वर्षीय बुजुर्ग जैला सिंह खालसा बताया जा रहा है।
पुलिस कर रही थप्पड़ मारने से इंकार
दूसरी ओर, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मलूका को थप्पड़ नहीं मारा गया। बुजुर्ग ने धक्का दिया था, जिससे सीढ़ियों में गिरने के कारण उनकी पगड़ी उतरी। बठिंडा के एसएसपी स्वप्न शर्मा ने कहा कि मंत्री मलूका सीढ़ियों से उतर रहे थे। भीड़ होने की वजह से उन्हें धक्का लग गया। इससे वह गिर गए और उनकी पगड़ी उतर गई।
उसके बाद पुलिस ने सभी मीडियाकर्मियों से कैमरे छीन लिए। कुछ लोगों के मोबाइल फोन भी लिए, ताकि वीडियो या फोटो डिलीट कर सकें। इसी वजह से इस घटना की फोटो नहीं मिल पाई। घटना के कुछ समय बाद ही जिला पुलिस के आला अधिकारियों ने सभी एसपी और डीएसपी समेत थाना प्रभारियों की एक विशेष बैठक बुलाकर उनसे बातचीत की।
सूत्रों की मानें तो अकाली दल की सद्भावना रैली पुलिस प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। इसके चलते पुलिस अब एक विशेष रणनीति बनाकर रैली को निपटाने की कोशिश में लगी हुई है।
सद्भावना रैली करने के लिए आए थे मलूका
मिली जानकारी के अनुसार, बठिंडा में अकाली दल की 23 नवंबर को होने वाली सद्भावना रैली के लिए बठिंडा, मानसा, फरीदकोट जिलों से संबंधित अकाली मंत्री अपने-अपने क्षेत्र के लोगों से बैठकें कर रहे हैं। इसके तहत ग्र्रामीण विकास मंत्री सिकंदर सिंह मलूका भी शुक्रवार शाम अपने विधानसभा क्षेत्र रामपुरा के गांव हमीरगढ़ में अकाली वर्करों और आम लोगों की एक बैठक लेने पहुंचे थे।
जब वह लोगों को संबोधित करने लगे तो गांव के ही जैला सिंह ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामले सवाल कर दिया। मलूका के जवाब से गुस्साए जैला ने उन्हें धक्का देकर गिरा दिया, इससे उनकी पगड़ी उतर गई। गुस्साए अकाली वर्करों ने जैला से मारपीट शुरू कर दी।
मौके पर तैनात पुलिस कर्मियों ने जैला सिंह को हिरासत में ले लिया। इस बारे में पुलिस प्रशासन का कोई भी आला अधिकारी कुछ भी कहने को तैयार नहीं है। वहीं, आरोपी जैला सिंह का भी कुछ पता नहीं है।
गांव में दहशत, परिवार ने डर के मारे घर छोड़ा
घटना के बाद से गांव हमीरगढ़ में दहशत का माहौल है। जैला सिंह के घर ताला लगा हुआ है। आस-पड़ोस के लोगों ने बताया कि जैला सिंह के दोनों बेटे अन्य सदस्य डर के मारे घर छोड़ कर भाग गए हैं। जैला की हालत जानने के लिए डाक्टर जंग बहादुर सिंह से बात की तो उन्होंने सिर्फ ये ही कहा कि उन्हें कुछ भी बताने से मना किया गया है और गाड़ी लेकर निकल गए। लोगों का कहना है कि जैला मलूका के प्रोग्राम को लेकर तीन दिन से गुरुद्वारे से अनाउंसमेंट कर रहा था।
रिश्तेदार बोले- बेअदबी के कारण आहत था
जैला सिंह श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाओं से आहत था। उसके भांजे धर्मवीर ने कहा कि जैला हमीरगढ़ के गुरुद्वारा साहिब की प्रबंधकीय कमेटी का मेंबर है। बेअदबी की घटनाओं का उस पर गहरा असर पड़ा। बरगाड़ी कोटकपूरा के प्रदर्शनों में भी वह शामिल था। गांव के कत्तर सिंह ने बताया कि जैला का किसी पार्टी से संबंध नहीं है। वह तो ज्यादातर समय गुरुद्वारा साहिब में ही रहता है।
बुजुर्ग ने मुझ पर हमला क्यों किया, मालूम नहीं। हैरानी की बात तो ये है कि वही आदमी तीन दिन से गांव में स्पीकर से अनाउंसमेंट कर रहा था कि गांव में मलूका साहिब पहुंच रहे हैं। आज के प्रोग्राम के लिए उसने दरियां भी बिछाईं। वह नीली पगड़ी बांध कर आया था। मैं इस नेचर का नहीं हूं कि बिना जांच के ही उस व्यक्ति पर आरोप लगाऊं कि वह किसी राजनीतिक पार्टी से संबंधित है।'
- सिकंदरसिंह मलूका, ग्रामीण विकास मंत्री, पंजाब
जरनैल सिंह ने कहा- 'श्री गुरुग्रंथ साहिब की बेअदबी अकाली दल खुद करवा रहा है और फिर बेकसूरों पर झूठे केस दर्ज करवा रहे हैं। अकाली दल जिस तरह से राजनीतिक हित साधने के लिए सिखी का इस्तेमाल कर रहा है, ऐसा मैंने पहले कभी नहीं देखा। अब यही अकाली सद्भावना रैली के नाम पर लोगों को गुमराह कर रहे हैं।