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विधवा के प्लॉट पर कब्जा: पार्षद कैंथ की अग्रिम जमानत याचिका खारिज
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 18 May 2016 01:34 AM IST
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कोर्ट
- फोटो : file photo
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हल्लोमाजरा में विधवा का प्लाट हड़पने के मामले में भाजपा पार्षद और पूर्व डिप्टी मेयर सतीश कुमार कैंथ, उनकी पत्नी जसवंत कौर, पिता सोहन लाल की ओर से जिला अदालत में दायर अग्रिम जमानत याचिका मंगलवार को खारिज हो गई। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने अपने फैसले में कहा है कि आरोपियों पर गंभीर प्रवृत्ति के अपराध का आरोप है।
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ऐसे में अभियोजन पक्ष के केस पर विश्वास न करने को कोई कारण सामने नहीं आता। हालांकि प्रथम दृष्टता केस में धोखाधड़ी और आपराधिक अतिक्रमण के सबूत हैं। आरोपियों को गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत नहीं दी जा सकती। साथ ही आरोपियों को छोड़ने से पुलिस जांच प्रभावित हो सकती है। अपराध को अंजाम देने की प्रवृत्ति जानने के लिए हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ जरूरी है। केस में याचिकाकर्ताओं के हक में कोई विशेष परिस्थितियां नजर नहीं आती। साथ ही अदालत ने आरोपियों को पहले दी गई अंतरिम राहत के आदेश रद्द कर दिए हैं। बता दें कि सतीश कैंथ, उनकी पत्नी और पिता के खिलाफ सेक्टर-31 थाना पुलिस ने मार्च 2016 को संबंधित मामले में केस दर्ज किया था।
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करीब पौने दो घंटे चली बहस
भाजपा काउंसलर सहित अन्य की याचिका पर मंगलवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय में (एडीजे) करीब पौने दो घंटे बहस चली। इस दौरान दोनों पक्षों की ओर से पेश हुए वकीलों ने अपनी-अपनी दलीलें दी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि संबंधित जमीन का जीपीए खसरा नंबर 133/2/1(1-13) है। इस तथ्य के बावजूद सोहन लाल ने खसरा नंबर 133/1/2 के तहत आती जमीन बेच दी। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि यह टाइपिंग की गलती थी। हालांकि अदालत ने इस तर्क को खारिज कर दिया। क्योंकि अगर यह सिर्फ एक गलती थी तो इसे अभी तक ठीक क्यों नहीं कराया गया।
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यह है मामला
सतीश कैंथ पर हल्लोमाजरा में बिमला देवी का पांच मरले का प्लॉट कब्जाने का आरोप है। बिमला देवी व उनका परिवार फरीदाबाद में रहता है। पीड़ित महिला का बेटा अरुण गुप्ता बीच बीच में प्लॉट देखने के लिए आता रहता था। जब वह काफी लंबे समय के बाद आया तो उसके प्लॉट पर पूरा मकान बना था। सतीश कैंथ ने उस मकान पर दो मंजिला मकान बना लिया था। पीड़ित ने आरोप लगाया कि है कैंथ ने धोखे से प्लॉट पर कब्जा कर मकान बनाया है।