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सरकार बताए, यमुना से अवैध खनन करने वालों पर 5 साल में क्या कार्रवाई की : हाईकोर्ट

Wed, 24 Jul 2024 02:29 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 24 Jul 2024 02:29 AM IST
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Government should tell what action was taken against those doing illegal mining from Yamuna in 5 years: High Court : High Court
-अवैध खनन करने वालों की संपत्ति कुर्क करने और जुर्माने लगाने जैसी कार्रवाई का ब्योरा किया तलब
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-दो ब्लॉक में अवैध खनन का था मामला, अब पूरे हरियाणा में यमुना किनारे की कार्रवाई का मांगा ब्योरा

अमर उजाला ब्यूरो

चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने यमुना नदी के किनारे अवैध खनन करने वालों पर 5 साल में की गई कार्रवाई का ब्योरा सौंपने का हरियाणा सरकार को आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने पूछा है कि कितने मामलों में संपत्ति जब्त की गई और कितने मामलों में उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाया गया है। याचिका दाखिल करते हुए एंटी करप्शन सोसाइटी ने हाईकोर्ट को बताया था कि यमुना के किनारे यमुनानगर में अवैध खनन का कार्य चल रहा है। यमुनानगर के कुछ गांवों के बारे में बताया था कि यहां हो रहे अवैध खनन के कारण पर्यावरण को खतरा पैदा हो रहा है। इस प्रकार हो रहे खनन से न केवल मिट्टी को नुकसान हो रहा है बल्कि प्राकृतिक आपदा का खतरा भी बना हुआ है। याची ने प्रदेश सरकार को इस बारे में अवगत कराया लेकिन इस दिशा में कोई निर्णय नहीं लिया गया है। सरकार यदि इस पर कार्रवाई करे तो पर्यावरण भी बचेगा और राजस्व का लाभ की होगा। हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई पर अवैध खनन को लेकर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया था। सरकार ने जवाब दाखिल करते हुए बताया कि जांच के बाद पाया गया कि यमुना नदी में बताए गए स्थान पर अवैध अतिक्रमण नहीं है। हाईकोर्ट ने पाया कि यह रिपोर्ट बीते वर्ष 21 अगस्त की है। ऐसे में हाईकोर्ट ने इसे अप्रासंगिक मान लिया। हाईकोर्ट ने कहा कि अब हम मामला केवल यमुनानगर तक सीमित नहीं रखेंगे। अब यमुना नदी प्रदेश में जहां से भी गुजर रही है वहां पर अवैध खनन करने वालों पर बीते पांच साल में की गई कार्रवाई का ब्योरा दिया जाए। हाईकोर्ट ने सुनवाई सितंबर के अंतिम सप्ताह के लिए रखते हुए इससे एक सप्ताह पहले रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है।
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