हरियाणा के इस शहर से गायब हो रहे बच्चे, 383 हैं लापता, अब सीबीआई जांच कराएगी सरकार
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हरियाणा के पानीपत जिले में बच्चों की गुमशुदगी के बढ़ते मामलों की सीबीआई जांच कराने को सरकार तैयार हो गई है। गृह मंत्री अनिल विज केंद्रीय गृह मंत्रालय से सीबीआई जांच कराने की सिफारिश करेंगे। सरकार ने बच्चों के गुम होने का कड़ा संज्ञान लिया है। अभी 383 बच्चे लापता चल रहे हैं। प्रश्नकाल में पानीपत से भाजपा विधायक प्रमोद विज ने इस मामले को उठाया।
गृह मंत्री ने बताया कि जब वह पानीपत जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे उस समय भी उनके समक्ष यह मामला आया था। पानीपत में गुमशुदा बच्चों की संख्या 2015 में 229 थी जो 2018 में बढ़कर 430 हो गई। हालांकि, 2019 में यह संख्या घटकर 379 हो गई। विज ने कहा कि सरकार गुमशुदा बच्चों को खोज निकालने के लिए अनेक कदम उठा रही है।
गुम होने वाले बच्चों में से अनेक को ढूंढकर माता-पिता के हवाले भी किया गया है। पंचकूला, गुरुग्राम, फरीदाबाद, मधुबन, हिसार, भिवानी व रोहतक में मानव तस्करी निरोधक इकाइयां भी काम कर रही हैं। बाल कल्याण पुलिस अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। विशेष किशोर पुलिस इकाइयों का गठन किया गया है। ट्रैक द मिसिंग चाइल्ड पोर्टल भी काम कर रहा है। खोया पाया पोर्टल, मानक संचालन प्रक्रिया, प्रदर्शन पटल के अलावा लापता बच्चों को बचाने के लिए विशेष अभियान भी चलाए जाते हैं।
लापता बच्चों का वर्ष वार ब्योरा
| वर्ष | लापता बच्चों की संख्या | बरामद किए | अभी लापता |
| 2015 | 229 | 205 | 24 |
| 2016 | 250 | 188 | 62 |
| 2017 | 358 | 311 | 47 |
| 2018 | 430 | 311 | 119 |
| 2019 | 379 | 281 | 98 |
| 2020 | 49 | 16 | 33 |