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गुड न्यूज, अब फतेह बुर्ज के टॉप तक जा सकेंगे सैलानी
राजेश शांडिल्य/अमर उजाला, मोहाली
Updated Fri, 13 May 2016 05:42 PM IST
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चप्पड़चिड़ी, मोहाली
- फोटो : amar ujala
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सिखों के गौरवपूर्ण इतिहास का आइना बने फतेह बुर्ज की 328 फुट की ऊंचाई से अब ऐतिहासिक चप्पड़चिड़ी सहित आसपास के क्षेत्र को निहारा जा सकेगा। रोजाना यहां आने वाले हजारों सैलानियों के लिए यह पल काफी रोमांचक होंगे। सैलानियों के चेहरे पर खास चमक लाने के लिए गमाडा ने फतेह बुर्ज के अंतिम छोर तक सीढ़ियों के निर्माण का कार्य लगभग पूरा कर लिया है।
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वहीं, फतेह बुर्ज को लिफ्ट की सुविधा से भी लैस किया जा रहा है। गौरतलब है कि अभी तक सैलानी फतेह बुर्ज को बाहर से ही देख पाते थे। वर्ष 2011 में फतेह बुर्ज के लोकार्पण के बाद, इसकी इसमें तीन मंजिलों तक सीढ़ियों का निर्माण हुआ था, लेकिन अब फतेह बुर्ज की अंतिम मंजिल तक सीढ़ियां तैयार हो चुकी हैं। बता दें कि फतेह बुर्ज की ऊंचाई 328 फुट है।
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सैकड़ों फुट की ऊंचाई से दिखेगा जंग का क्षेत्र बाबा बंदा सिंह बहादुर यहां काफी समय तक रहे और किसानों की भूमि मुक्त कराने के लिए कई बार जंग लड़े। चप्पड़चिड़ी वह ऐतिहासिक स्थान है, जहां बाबा बंदा सिंह बहादुर के नेतृत्व में सिख योद्धाओं ने वजीर खान की मुगल सेना को पराजित किया था।
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यहां ताजा होतीं हैं गौरवमयी यादें चप्पड़चिड़ी में फतेह बुर्ज स्मारक स्थल करीब 20 एकड़ में बना है। सैलानी इस जगह पर आकर अपने गौरवशाली अतीत की यादों को ताजा करते हैं। स्मारक स्थल पर बाबा बंदा सिंह बहादुर सहित उनके पांच जरनल की आदमकद प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं।
पिछले पांच सालों में लाखों ने किए दर्शन केवल सिख समुदाय ही नहीं, बल्कि प्रत्येक भारतवासी के लिए फतेहबुर्ज सुनहरे भारतीय इतिहास के साथ देश के योद्धाओं की वीरता को याद कर गर्व करने योग्य स्थल है। यही कारण है पिछले पांच वर्ष में दुनिया के कोने-कोने में बसे भारतीय यहां आ चुके हैं।