हजारों कर्मचारियों और पेंशनर्स को सरकार का बड़ा तोहफा
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हजारों कर्मचारियों और पेंशनर्स को सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। कैबिनेट में प्रस्ताव रखा गया था, जिसे मंजूरी मिल गई। इसके तहत अब मेडिकल खर्च के लिए मौजूदा रिइंबर्समेंट व्यवस्था की जगह कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने को मंजूरी मिल गई है। मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की अध्यक्षता में वीरवार को हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया।
इसके साथ ही आगामी विधानसभा सत्र में पेश किए जाने वाले बिलों को भी मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता के अनुसार सरकारी कर्मचारी या पेंशनर या उस पर निर्भर परिवार के सदस्य को पंजाब, चंडीगढ़ और एनसीआर (गुडगांव, नोएडा और दिल्ली) स्थित 250 से अधिक सूचीबद्ध पब्लिक व प्राइवेट अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी।
इस योजना को लागू करने पर सरकारी खजाने पर सालाना 107 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। शुरुआत में यह स्कीम एक साल के लिए होगी और इसके बाद यह सरकार व बीमा कंपनियों की आपसी सहमति से अगले साल के लिए बढ़ाई जा सकेगी।
भक्त पूर्ण सिंह योजना का दायरा बढ़ाया जाएगा
भक्त पूर्ण सिंह योजना के दायरे को बढ़ाते हुए इसके अधीन 28.05 लाख नीले कार्ड धारक परिवारों को लाया जाएगा। इसके तहत सभी योग्य परिवार सालाना 30 हजार रुपये तक मुफ्त इलाज करवाने के हकदार होंगे। वन और जंगली जीव सुरक्षा विभाग में बेलदारों के 417 पदों पर स्थायी नियुक्तियां करने को स्वीकृति दी गई।
वहीं, विधानसभा में पेश किए जाने वाले पंजाब गऊ सेवा आयोग बिल-2015 में संशोधन, पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग के नियम 2015 को तैयार करने, एक्साइज एंड टैक्सेशन टेक्निकल सर्विस एजेंसी (ईटीटीएसए) के नियम 12.1 में संशोधन, आम लोगों को कंपनियों की वित्तीय धोखाधड़ी से बचाने के लिए पंजाब प्रोटेक्शन ऑफ इंट्रस्टस ऑफ डिपाजिटर्स बिल 2015 को हरी झंडी दी गई।
पंजाब पुरातन ऐतिहासिक स्मारकों, पुरातत्व स्थानों और सांस्कृतिक धरोहर संरक्षण बोर्ड एक्ट, 2013 में संशोधन को भी मंजूरी प्रदान की गई।
बैठक के अन्य फैसले
- पंजाब प्रोटेक्शन ऑफ इंट्रस्ट्स ऑफ डिपाजिटर्स (इन फाइनेंशियल एस्टैबलिशमेंट्स) बिल 2015 को हरी झंडी
- वन और जंगली जीव सुरक्षा विभाग में बेलदारों के 417 पद भरने को स्वीकृति
- पंजाब गऊ सेवा आयोग बिल, 2015 में होगा संशोधन
- पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग के नियम-2015 को तैयार करने पर बनी सहमति
- ईटीटीएसए के पुनर्गठन को मंजूरी
- पंजाब पुरातन, ऐतिहासिक स्मारकों, पुरातत्व स्थानों और सांस्कृतिक विरासत संभाल बोर्ड एक्ट -2013 में संशोधन को हरी झंडी
नहीं हुआ एक्टेंशन पर फैसला
सरकारी कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद दी जाती दो साल की एक्सटेंशन को समाप्त करने के संबंध में बैठक में विचार-विमर्श तो लेकिन कोई निर्णय नहीं हो पाया।