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3150 करोड़ के कर्ज में गमाडा, RTI में हुआ बड़ा खुलासा
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
Updated Fri, 02 Jun 2017 11:49 PM IST
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गमाडा
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मोहाली शहर के विभिन्न सेक्टरों में लोगों को प्लॉट और अन्य संपत्तियां बेचकर करोड़ों रुपये कमाने वाला गमाडा कर्ज में डूब हुआ है। सुनने में थोड़ा अजीब जरूर लग सकता है, लेकिन यह सच्चाई है। गमाडा ने 3150 करोड़ रुपये कर्ज लिया हुआ है। यह जानकारी बीजेपी पार्षद सैहिबी आनंद द्वारा गमाडा से आरटीआई के तहत ली गई जानकारी से सामने आई है।
जानकारी के मुताबिक पार्षद ने जानकारी मांगी थी कि उन्हें बताया जाए कि गमाडा ने बैंकों से कितना कर्ज लिया हुुआ है। जिसके जवाब में गमाडा ने बताया है कि रिहायशी प्लॉटों, मकानों व अन्य साइटों को बेचने से गमाडा को फंड हासिल होते हैं। साथ ही इस काम में होने वाले घाटे की भरपाई के लिए गमाडा द्वारा बैंकों से कर्ज लिया जाता है। गमाडा द्वारा 3150 करोड़ रुपये का कर्ज एयरोसिटी, इकोसिटी, आईटी सिटी की जमीन एक्वायर करने के लिए लिया गया था। इसके अलावा पूरब प्रीमियम अपार्टमेंट्स के विकास के लिए भी कर्ज लिया गया था।
हालांकि पार्षद का कहना है कि उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि आखिर गमाडा द्वारा उक्त राशि कहां पर खर्च की गई है। उनका कहना है कि गमाडा ने जो प्रोजेक्ट बताए हैं। वे अभी तक भी आधे अधूरे पड़े हुए हैं। इनमें से काफी प्रोजेक्टों की जमीन ऐसी है। जो कि गमाडा ने जमीन मालिकों सो से लैंड पूलिंग स्कीम के अधीन एक्वायर की थी। साथ ही इसके बाद गमाडा को किसी भी तरह की कोई अदायगी नहीं करनी पड़ी थी। जबकि अन्य प्रोजेेक्टों की हालत भी काफी खराब है। उनका आरोप है कि उन्हें अंदेशा है कि इस रकम का बड़े स्तर पर गलत प्रयोग हुुआ है।
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गमाडापार्षद ने बताया कि अब उनकी तरफ से यह जानकारी मांगी गई है कि उन्हें बताया जाए कि बैंकों से ली गई कर्जेे की रकम कहां पर खर्च की गई है। साथ ही इसे खर्च करने का तरीका कौन सा था। साथ ही इस राशि को खर्च करने वाले अधिकारियों का भी ब्यौरा भी मांगा गया है।
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जानकारी के मुताबिक पार्षद ने जानकारी मांगी थी कि उन्हें बताया जाए कि गमाडा ने बैंकों से कितना कर्ज लिया हुुआ है। जिसके जवाब में गमाडा ने बताया है कि रिहायशी प्लॉटों, मकानों व अन्य साइटों को बेचने से गमाडा को फंड हासिल होते हैं। साथ ही इस काम में होने वाले घाटे की भरपाई के लिए गमाडा द्वारा बैंकों से कर्ज लिया जाता है। गमाडा द्वारा 3150 करोड़ रुपये का कर्ज एयरोसिटी, इकोसिटी, आईटी सिटी की जमीन एक्वायर करने के लिए लिया गया था। इसके अलावा पूरब प्रीमियम अपार्टमेंट्स के विकास के लिए भी कर्ज लिया गया था।
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हालांकि पार्षद का कहना है कि उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि आखिर गमाडा द्वारा उक्त राशि कहां पर खर्च की गई है। उनका कहना है कि गमाडा ने जो प्रोजेक्ट बताए हैं। वे अभी तक भी आधे अधूरे पड़े हुए हैं। इनमें से काफी प्रोजेक्टों की जमीन ऐसी है। जो कि गमाडा ने जमीन मालिकों सो से लैंड पूलिंग स्कीम के अधीन एक्वायर की थी। साथ ही इसके बाद गमाडा को किसी भी तरह की कोई अदायगी नहीं करनी पड़ी थी। जबकि अन्य प्रोजेेक्टों की हालत भी काफी खराब है। उनका आरोप है कि उन्हें अंदेशा है कि इस रकम का बड़े स्तर पर गलत प्रयोग हुुआ है।
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गमाडापार्षद ने बताया कि अब उनकी तरफ से यह जानकारी मांगी गई है कि उन्हें बताया जाए कि बैंकों से ली गई कर्जेे की रकम कहां पर खर्च की गई है। साथ ही इसे खर्च करने का तरीका कौन सा था। साथ ही इस राशि को खर्च करने वाले अधिकारियों का भी ब्यौरा भी मांगा गया है।