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जियो मैपिंग करने वाला पहला राज्य होगा हरियाणा, एक क्लिक पर सर्च होंगे शहरों के मकान व दुकानें

Sun, 14 Oct 2018 01:07 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 14 Oct 2018 01:07 PM IST
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geo mapping of houses and shops every city of haryana
Map - फोटो : फाइल फोटो

हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय क्षेत्रों में सभी संपत्तियों की जियो मैपिंग सर्वे कराने का खाका तैयार कर लिया गया है। देश में पहली बार किसी प्रदेश के सभी शहरी इलाकों में ड्रोन सर्वे से आधार मानचित्र तैयार किया जाएगा। इस सर्वे के दौरान हर वार्ड, गली, घर की जियो मैपिंग होगी और शहरी संपत्तियों के कर में सामने आने वाली त्रुटियां खत्म होंगी और कर संकलन में बढ़ोत्तरी होने से पालिकाओं को आर्थिक मजबूती मिलेगी।

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शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन ने बताया कि प्रदेश की सभी 81 पालिकाओं में सभी संपत्तियों की जियो मैपिंग कराने का काम जल्द शुरू किया जा रहा है। उन्होंने कहा वर्तमान में 10 नगर निगम, 18 नगर परिषद तथा 53 नगर पालिकाएं हैं और हरियाणा पहला ऐसा प्रदेश होगा, जिसकी सभी पालिकाओं का ड्रोन सर्वे करवाया जाएगा। इससे शहरों का बेस मानचित्र तैयार होगा, जिसमें वार्ड सीमा, गली से लेकर घर-घर को जियो मैपिंग के लिए टैग करना आसान हो जाएगा। 
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उन्होंने बताया कि यह सर्वेक्षण मोबाइल एप्लीकेशन बेस्ड होगा, जिसमें सर्वेक्षक संपत्ति की वर्तमान वास्तविक स्थान पर जाकर संपत्ति की जियो टैगिंग करेगा। जिससे हम संपत्ति की वास्तविक स्थान को नक्शे पर चिह्नित कर सकेंगे। सर्वेक्षण के माध्यम से पूरे शहर के जुटाए गए आंकडे़ को एनआईसी के ऑनलाइन पोर्टल पर भी अपलोड किया जाएगा। जिसे समय-समय पर अपडेट किया जा सकेगा। सर्वे के माध्यम से एकत्रित जानकारी के माध्यम से नगर निगम, नगर परिषद, नगर पालिका अपने क्षेत्र में सभी संपत्तियों की कर संबंधी जानकारी को यथा समय उपयोग एवं आवश्यकता अनुसार बदलाव कर सकेंगे।
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यू चलेगी सर्वे की प्रक्रिया
सबसे पहले ड्रोन सर्वे के माध्यम से स्थानीय निकाय का बेस मानचित्र तैयार किया जाएगा। इस प्रक्रिया के दौरान स्थानीय निकाय पुराने सर्वेक्षण का आंकड़ा और गलियों की कोडिंग ठेकेदार एजेंसी को उपलब्ध कराएगी, ताकि सर्वेक्षण के वक्त संपत्ति की यूनिक आईडी देने में आसानी हो। सर्वेक्षण के दौरान सभी सम्पत्तियों की जियो टैगिंग की जाएगी और आनलाइन ट्रैकिंग तंत्र के माध्यम से सर्वेक्षकों की निगरानी भी की जाएगी, ताकि वह अपने लक्ष्य को लेकर न भटकें।

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