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Hindi News ›   Chandigarh ›   Garbage Dumping ground is Not cleared in Chandigarh

चंडीगढ़: कचरा निस्तारित कर 18 माह में बनाना था फुटबॉल मैदान, जुर्माने के बावजूद पूरा नहीं हुआ काम

Sat, 28 Aug 2021 04:53 PM IST
निवेदिता वर्मा नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 28 Aug 2021 04:53 PM IST
सार

21 दिसंबर 2019 को प्रशासक वीपी सिंह बदनौर और सांसद किरण खेर ने लीगेसी माइनिंग योजना का शुभारंभ किया था। इस दौरान कंपनी को 540 दिनों में कचरे का पहाड़ खत्म करना था। पहाड़ खत्म होने के बाद वहां फुटबॉल मैदान बनाने का भी प्रस्ताव दिया गया, लेकिन एक तरफ कोरोना और दूसरी ओर खराब मौसम के कारण 5 लाख मीट्रिक टन कचरे में से अभी 185800 टन कचरा ही निस्तारित हो सका है। 

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विस्तार

चंडीगढ़ के डड्डूमाजरा में कचरे के पहाड़ हटाने वाली कंपनी पर अब तक साढ़े 26 लाख रुपये जुर्माना लग चुका है, इसके बावजूद इस साल कचरे का पहाड़ खत्म होना मुश्किल है। जून 2021 तक कचरे के पहाड़ को खत्म करके 25 एकड़ भूमि को खाली करके फुटबॉल स्टेडियम बनना था, लेकिन कोरोना के बाद खराब मौसम के चलते यह संभव नहीं हो सका। 23 नवंबर 2021 तक कंपनी को स्मार्ट सिटी ने अनुबंध में विस्तार दिया है, लेकिन इस साल काम पूरा होता नहीं दिख रहा है। 

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21 दिसंबर 2019 को प्रशासक वीपी सिंह बदनौर और सांसद किरण खेर ने लीगेसी माइनिंग योजना का शुभारंभ किया था। इस दौरान कंपनी को 540 दिनों में कचरे का पहाड़ खत्म करना था। पहाड़ खत्म होने के बाद वहां फुटबॉल मैदान बनाने का भी प्रस्ताव दिया गया, लेकिन एक तरफ कोरोना और दूसरी ओर खराब मौसम के कारण 5 लाख मीट्रिक टन कचरे में से अभी 185800 टन कचरा ही निस्तारित हो सका है। 
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स्मार्ट सिटी के अनुबंध के अनुसार कंपनी को प्रतिमाह 24 हजार मीट्रिक टन कचरा निस्तारित कर बचे हुए अपशिष्ट को शहर के बाहर ले जाना था। इससे कम कचरा निस्तारित होने पर 28.80 रुपये प्रति टन के हिसाब से जुर्माना लगाया गया जाना है। स्मार्ट सिटी के अनुसार 23 नवंबर तक काम पूरा न होने पर कुल राशि का एक प्रतिशत जुर्माना और लगाया जाएगा। स्मार्ट सिटी ने 33.98 करोड़ में कचरा हटाने का टेंडर किया है। हालांकि, कुछ अधिकारियों का कहना है कि कंपनी की तकनीक काफी पुरानी है। इस वजह से काम में देरी हो रही है।
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एनजीटी के निर्देश पर बढ़ानी थीं मशीन
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की ओर से गठित कमेटी ने कुछ दिन पहले प्लांट का निरीक्षण किया था। इस दौरान कमेटी ने भी कंपनी के काम से नाराजगी जताई थी। उन्होंने कंपनी के अधिकारियों से अतिरिक्त मशीन लगाकर कचरा निस्तारण की बात कही थी। कमेटी के निर्देश पर कंपनी को मशीनों की संख्या 2 से बढ़ाकर 5 करनी है।

न सांसद देखने आईं और न प्रशासक ने पूछा
प्लांट के उद्घाटन के दौरान प्रशासक ने कहा था कि सांसद किरण खेर हर 15 दिन में निरीक्षण करने आएंगी। इसके अलावा वह खुद हर महीने प्लांट का निरीक्षण करेंगे, ताकि पता चल सके कि कंपनी किस तरह से काम कर रही है और कितनी तेजी से कचरा निस्तारित हो रहा है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि न सांसद ने कभी इस तरफ मुड़कर देखा और न प्रशासक ने इसकी रिपोर्ट ली।

स्वच्छ भारत मिशन 2.0 से हटेगा कचरे का दूसरा पहाड़
शहर से निकलने वाला कचरा फिलहाल निस्तारित नहीं हो पा रहा है। इस कारण उसे डंपिंग ग्राउंड पर फेंका जा रहा है। लगभग सवा लाख टन कचरे का एक नया पहाड़ बन गया है। इसके लिए निगम ने आठ करोड़ रुपये का बजट बनाकर केंद्र को भेज दिया है। लगभग 10 मीटर ऊंचे पहाड़ को स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के अंतर्गत खत्म किया जाएगा।

समय सीमा के अनुसार कंपनी पर जुर्माना लगाया गया है। कोरोना के बाद मौसम खराब होने से कचरा निस्तारित करने में कंपनी को समस्या हुई, लेकिन विस्तार सीमा में काम न होने पर फिर जुर्माना लगाएंगे। -एनपी शर्मा, जीएम, स्मार्ट सिटी

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