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चंडीगढ़ का भविष्यः लोगों को चाहिए ये स्वास्थ्य सुविधाएं

Mon, 21 Jul 2014 08:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 21 Jul 2014 08:15 AM IST
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Future of Chandigarh, Public Demands Health Services

न्यूरोसेंटर : पीजीआई में न्यूरोसेंटर बनाने की मंजूरी दे दी गई है। इससे मरीजों को पहले से और बेहतर इलाज की सुविधा मिलेगी। इसमें 300 बेड का हॉस्पिटल, आईसीयू, स्ट्रोक सेंटर, ओपीडी और पैथोलॉजी का भी इंतजाम रहेगा। इसके अलावा सेंट्रल लैब का भी निर्माण होगा। स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की टीम भी बढ़ेगी।

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एडवांस मदर एंड चाइल्ड केयर सेंटर  
पीजीआई में हर साल पांच से छह हजार महिलाओं की डिलीवरी होती है। गायनी से संबंधित हर साल एक लाख से ज्यादा मरीज देखे जाते हैं।

मरीजों की बढ़ती संख्या देखते हुए और उन्हें बेहतर इलाज मुहैया कराने के उद्देश्य से मदर एंड चाइल्ड केयर सेंटर बनाने की योजना बनाई गई है। इसके लिए जगह सुनिश्चित कर दी गई है। इसमें भी करीब 300 बेड बनाए जाने की योजना है।
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एडवांस लीवर सेंटर की योजना

Future of Chandigarh, Public Demands Health Services

लीवर के बढ़ते मरीजों को देखते हुए यहां पर 100 बेड का एक  एडवांस सेंटर बनाने की योजना है। अभी फिलहाल 24 बेड हैं। इसमें 10 आईसीयू में हैं। नए सेंटर में कम से कम 100 बेड होंगे। एडवांस पैथोलॉजी के लिए व्यवस्था होगी। विशेषज्ञों के मुताबिक हर साल लीवर से संबंधित 40 हजार नए मरीज आ रहे हैं।

250 बेड का नया हास्पिटल

नेहरू हॉस्पिटल की तर्ज पर पीजीआई में 280 बेड का नया हॉस्पिटल बनाया जा रहा है। इसमें 150 जनरल बेड होंगे, 30 बेड आईसीयू, दो ऑपरेशन थियेटर, एक रुटीन ऑपरेशन थियेटर व 25 प्राइवेट रूम का प्रावधान होगा। करीब 300 करोड़ रुपये का खर्च इस पर किया जाएगा।

पेनक्रियाज व लंग्स ट्रांसप्लांट के लिए तैयार
लीवर, किडनी, हार्ट और बोनमेरो ट्रांसप्लांट के बाद पीजीआई पेनक्रियाज व लंग्स ट्रांसप्लांट के लिए तैयार हो गया है। इसके लिए पीजीआई के डॉक्टरों की ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है। ब्रेन डेड बॉडी मिलते ही ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। पीजीआई में किडनी, लीवर, बोनमेरो ट्रांसप्लांट में अच्छा रुतबा हासिल कर लिया है।

संगरूर में सेटेलाइट सेंटर तो सारंगपुर में एक्सटेंशन

Future of Chandigarh, Public Demands Health Services

पंजाब के मरीजों का बोझ कम करने के लिए संगरूर में पीजीआई अपना सेटेलाइट सेंटर खोल रही है। इसकी नींव पिछले साल अक्टूबर में रखी गई थी। यह दो फेज में तैयार होगा।

पहले फेज में 300 बेड होंगे, जबकि दूसरे बेड में 500 बेड बनाए जाएंगे। इसके अलावा यूटी ने पीजीआई को अपना एक्सटेंशन करने के लिए सारंगपुर में करीब 150 एकड़ जमीन दे दी है।

हार्ट के पेशंट को मिलेगी कैथ लैब

जीएमसीएच 32 में कैथ लैब बनाने की योजना पर काफी दिन से काम चल रहा है। इसके लिए प्लान अप्रूर्व हो चुका है। अब बात उसकी राशि को स्वीकृत देने पर अटकी है।

जीएमसीएच के डायरेक्टर ने बताया कि इस पर स्वास्थ्य मंत्रालय से लगातार बातचीत चल रही है। जल्द ही इस पर कोई अच्छा फैसला आएगा। कैथ लैब बनने से हार्ट के पेशंट को काफी बड़ी राहत मिल जाएगी। अभी मरीजों को पीजीआई ही जाना पड़ता है।

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