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राजस्थान की घटना पर पीजीआई के डॉक्टरों में रोष

Thu, 31 Mar 2022 01:54 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Thu, 31 Mar 2022 01:54 AM IST
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Fury among PGI doctors over Lalsot incident
चंडीगढ़। राजस्थान के लालसोट में 29 मार्च को प्रसव के बाद प्रसूता की मौत पर डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के मामले को लेकर पीजीआई रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन में नाराजगी है। घटना के विरोध में रेजिडेंट डॉक्टरों ने बुधवार को काली पट्टी बांधकर ड्यूटी की। उन्होंने सरकार से कामकाज के लिए सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने की मांग की है।
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एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. राहुल चक्रवर्ती का कहना है कि कार्यस्थल पर उत्पीड़न के बीच काम करना मुश्किल है। प्रसव के बाद महिला की मौत पर संबंधित डॉक्टर के खिलाफ धारा 302 के तहत कानूनी कार्रवाई करना कहां तक उचित है। अगर ऐसा है तो फिर तो हम सभी डॉक्टरों के लिए इस धारा को रिजर्व कर देना चाहिए। क्योंकि इलाज के दौरान हर मरीज की जान बचाना हमारे लिए संभव नहीं। लालसोट में हुई घटना के दौरान पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश की अनदेखी कर कार्रवाई की। जिस डॉक्टर ने अपने कार्यकाल के दौरान असंख्य मरीजों की जान बचाई उस पर हत्या का आरोप लगाकर आत्महत्या के लिए विवश किया गया है। यह अन्याय है। सभी को एक बात ठीक से समझनी होगी कि हम भगवान नहीं हैं। किसी की जिंदगी बचाने या किसी की मौत होने में हमारी कोई भूमिका नहीं। हम बस अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। हमेशा बेहतर करने का प्रयास कर सकते हैं, लेकिन हर बार सफल होने की गारंटी नहीं दे सकते।
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रेजिडेंट डॉक्टरों की ये हैं मांगें
- डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय कानून बने
- डॉक्टरों पर हमला करने वालों को दंडित किया जाए
- सभी डॉक्टरों के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण मिले
- मारपीट (मानसिक/शारीरिक) के मामलों में डॉक्टर की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया सरल हो
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