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गजब का कारनामा: पार्सल जाना था चैना, पहुंचा दिया चाइना, मां को पीजीआई में पड़ा भर्ती कराना
Wed, 13 Feb 2019 10:42 AM IST
Vikas Kumar
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Vikas Kumar
Updated Wed, 13 Feb 2019 10:42 AM IST
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गजब का कारनामा हो गया, जो पार्सल जाना था चैना और पहुंच गया चाइना। जिसका पार्सल था, उनकी मां को भी पीजीआई में भर्ती कराना पड़ा। मामला चंडीगढ़ का है। शहर के राजभवन पोस्ट ऑफिस से जिला फरीदकोट की तहसील जैतो के गांव चैना के लिए भेजा गया एक पार्सल पोस्ट ऑफिस की गलती से चीन (चाइना) के बीजिंग शहर में पहुंच गया।
पार्सल पर लिखा पता बीजिंग शहर में नहीं मिलने पर पार्सल को वापस बीजिंग से भारत भेज दिया गया। कोलकाता से दिल्ली होते हुए 13 दिन बाद पार्सल वापस उस व्यक्ति के पास पहुंचा, जिसने उसे चैना भेजा था। इसके बाद जब मनीमाजरा की रहने वाली बलविंदर कौर ने इंटरनेट पर ट्रैकिंग आईडी से पता करने की कोशिश की कि आखिर पार्सल दिए गए पते पर क्यों नहीं पहुंचा तो उसके होश उड़ गए।
इसके बाद मामला उपभोक्ता फोरम पहुंचा और फोरम ने डाक विभाग को दोषी पाते हुए सेवा में कोताही के लिए 2500 रुपये का जुर्माना लगाया। साथ ही मुकदमे के खर्च के रूप में 2500 रुपये और शिकायतकर्ता को देने के आदेश दिए। यह फैसला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम-1 ने सुनवाई के दौरान जारी किए।
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पार्सल पर लिखा पता बीजिंग शहर में नहीं मिलने पर पार्सल को वापस बीजिंग से भारत भेज दिया गया। कोलकाता से दिल्ली होते हुए 13 दिन बाद पार्सल वापस उस व्यक्ति के पास पहुंचा, जिसने उसे चैना भेजा था। इसके बाद जब मनीमाजरा की रहने वाली बलविंदर कौर ने इंटरनेट पर ट्रैकिंग आईडी से पता करने की कोशिश की कि आखिर पार्सल दिए गए पते पर क्यों नहीं पहुंचा तो उसके होश उड़ गए।
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इसके बाद मामला उपभोक्ता फोरम पहुंचा और फोरम ने डाक विभाग को दोषी पाते हुए सेवा में कोताही के लिए 2500 रुपये का जुर्माना लगाया। साथ ही मुकदमे के खर्च के रूप में 2500 रुपये और शिकायतकर्ता को देने के आदेश दिए। यह फैसला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम-1 ने सुनवाई के दौरान जारी किए।
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ऐसे हुई गलती
बलविंदर कौर ने नेशनल शॉर्टिंग हब, जनरल पोस्ट ऑफिस, सेक्टर-17 स्थित संदेश भवन के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि 18 जनवरी 2018 को उन्होंने जैतो स्थित गांव चैना में रहने वाली अपनी मां जरनैल कौर के लिए रजिस्टर्ड पोस्ट से ब्लड प्रेशर की जरूरी दवाएं भेजी थीं।
इसके बाद 31 जनवरी को पार्सल वापस लौटकर उनके पास आ गया। कोर्ट में डाकघर ने अपने जवाब में कहा कि शिकायतकर्ता ने पूरा पता लिखने के बाद पार्सल के नीचे खासतौर पर Delivery Chaina (डिलीवरी चाइना) लिखा था, क्योंकि डिलीवरी स्टाफ के पास रुटीन में काफी ज्यादा काम रहता है, इसलिए उन्होंने नीचे लिखे शब्द को Delivery China समझ लिया।
कंपनी ने कहा कि पूरा पता लिखने के बाद डिलीवरी चैना शब्द लिखने और दोनों की स्पैलिंग मिलती जुलती होने की वजह से ही सारा संशय पैदा हुआ।
इसके बाद 31 जनवरी को पार्सल वापस लौटकर उनके पास आ गया। कोर्ट में डाकघर ने अपने जवाब में कहा कि शिकायतकर्ता ने पूरा पता लिखने के बाद पार्सल के नीचे खासतौर पर Delivery Chaina (डिलीवरी चाइना) लिखा था, क्योंकि डिलीवरी स्टाफ के पास रुटीन में काफी ज्यादा काम रहता है, इसलिए उन्होंने नीचे लिखे शब्द को Delivery China समझ लिया।
कंपनी ने कहा कि पूरा पता लिखने के बाद डिलीवरी चैना शब्द लिखने और दोनों की स्पैलिंग मिलती जुलती होने की वजह से ही सारा संशय पैदा हुआ।
दवाएं नहीं पहुंचने पर मां को पीजीआई में कराना पड़ा दाखिला
शिकायतकर्ता बलविंदर कौर ने बताया कि समय से दवा नहीं पहुंचने पर उनकी मां जरनैल कौर की तबीयत काफी ज्यादा खराब हो गई। इसके बाद वह सेक्टर-32 स्थित जीएमसीएच में 15 दिन तक भर्ती रहीं। तबीयत में सुधार होता न देख शिकायतकर्ता की मां को पीजीआई तक लेकर जाना पड़ा, जहां से अब उनका इलाज चल रहा है। बलविंदर कौर ने बताया कि कंपनी की गलती की वजह से उनका लाखों का नुकसान हुआ। साथ ही मानसिक प्रताड़ना भी झेलनी पड़ी।