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पंजाबः पैतृक गांव में हुआ मारे गए गैंगस्टर अंकित भादू का अंतिम संस्कार, दादा ने उठाए सवाल

Sun, 10 Feb 2019 09:19 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अबोहर (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अबोहर (पंजाब) Published by: खुशबू गोयल Updated Sun, 10 Feb 2019 09:19 AM IST
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Funeral of gangster Ankit Bhadu in Tight security at abohar
गांव में हुआ अंकित भादू का अंतिम संस्कार

जीरकपुर में हुए एनकाउंटर में मारे गए गैंगस्टर अंकित भादू का शनिवार शाम करीब 6 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच अंतिम संस्कार कर दिया गया। शनिवार दोपहर जीरकपुर से अंकित का शव लेकर परिजन करीब साढ़े चार बजे गांव शेरेवाला पहुंचे और करीब एक घंटे तक रीति रिवाज के बाद गांव की शिवपुरी में उसका अंतिम संस्कार किया गया। जहां उसके चाचा के बेटे सुधीर ने उसे मुखाग्नि दी। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे और पूरा गांव छावनी में तब्दील रहा।

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इस दौरान हजारों की संख्या में लोग वहां मौजूद रहे। वहीं गैंगस्टर अंकित भादू के पूरे परिवार का रो-रो कर बुरा हाल था। अंतिम संस्कार से पहले घरेलू रस्में पूरी की गई और शमशान स्थल में बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए। अंकित की मां और बहन रोते हुए कह रही थी कि करीब अढाई वर्ष पहले जब अंकित घर से फरार हुआ था तो उस दिन से ही वे उसका चेहरा देखने को तरस रही थीं। लेकिन आज ईश्वर ने उसका सब कुछ छीन लिया।

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Funeral of gangster Ankit Bhadu in Tight security at abohar
जीरकपुर एनकाउंटर

इधर अंकित के दादा जसवंत सिंह भादू ने बताया कि अगर जीरकपुर पुलिस चाहती तो दूसरे साथियों की भांति अंकित को भी जिंदा गिरफ्तार कर सकती थी। जसवंत सिंह ने बताया कि वे जिंदा पकड़े गए दोनों गैंगस्टरों से मिलकर सच्चाई जानना चाहते थे लेकिन पुलिस ने उन्हें मिलने नहीं दिया। उन्होंने बिना किसी राजनीतिक पार्टी का नाम लिए बिना कहा कि उसे किसी न किसी पार्टी का संरक्षण जरूर था। 

उन्होंने युवाओं से अपील की कि कोई भी युवा अंकित भादू जैसे कार्य करने का प्रयास न करे। ताकि समाज में अमन शांति कायम रखी जा सके। ज्ञात हो कि अंकित भादू पर पंजाब और राजस्थान में करीब 15 मामले दर्ज थे। जिनमें पुलिस को इसकी तलाश थी। शुक्रवार को अंकित का शव लेने के लिए उसके चाचा पूर्व सरपंच रविंद्र भादू, गांव के मौजूदा सरपंच संदीप भादू, दादा जसवंत भादू तथा अनिल कुमार सहित थाना बहाववाला से सब इंस्पेक्टर बलजीत सिंह व दो अन्य पुलिस कर्मचारी जीरकपुर गए थे।

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