फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Friendship Day: Devendra Chhabra helped a friend relative during Corona period

Friendship Day: ब्लैक फंगस से आफत में थी जान, दोस्त रातोंरात दिल्ली से लेकर आया 'संजीवनी'

Sun, 01 Aug 2021 11:23 AM IST
ajay kumar नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sun, 01 Aug 2021 11:23 AM IST
सार

कहते हैं कि अगर सच्चा दोस्त मिल जाए तो कायनात की हर खुशी मिल जाती है। वैसे दोस्ती निभाने का दम कई भरते हैं लेकिन एक सच्चे दोस्त की परख विपत्ति में होती है। अगर विपत्ति के समय दोस्त का साथ मिल जाए तो मुसीबत का दूर होने में ज्यादा वक्त नहीं लगता। आज फ्रेंडशिप डे के विशेष मौके पर हम आपको ऐसे लोगों के बारे में जानकारी दे रहे हैं, जिन्होंने कोरोना काल में अपने दोस्तों को इस विपत्ति से निकाला। 

विज्ञापन
Friendship Day: Devendra Chhabra helped a friend relative during Corona period
जतिन और देवेंद्र छाबड़ा। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोरोना काल में लोगों को रिश्तों की अहमियत का पता चला। लेकिन दोस्तों की यारी का जवाब नहीं है। सुख हो या दुख... दोस्त हर परिस्थिति पर खड़ा मिलता है। चंडीगढ़ के सेक्टर- 41 निवासी देवेंद्र छाबड़ा ने बताया कि उनके दोस्त के रिश्तेदार को ब्लैक फंगस हो गया था। डॉक्टरों ने कहा कि इंजेक्शन नहीं मिले तो बचाना मुश्किल होगा। 

विज्ञापन


इंजेक्शन के लिए देवेंद्र ने राजस्थान से लेकर दिल्ली तक अपने सूत्र दौड़ा दिए। रातोंरात दिल्ली से इंजेक्शन लाकर देवेंद्र ने अपने दोस्त के रिश्तेदार की जान बचाई। जतिन छाबड़ा की बड़हेरी में बर्तनों की दुकान है। देवेंद्र ने बताया कि उनके घर में बर्तन शुरू से ही जतिन की दुकान से आते हैं। 
विज्ञापन


धीरे-धीरे ग्राहक और दुकानदार का संबंध पारिवारिक दोस्ती में बदल गया। कोरोना की दूसरी लहर में जब ब्लैक फंगस ने दस्तक दी तो जतिन के पंजाब में रहने वाले एक रिश्तेदार की तबीयत ज्यादा खराब हो गई। वह मरीज को लेकर चंडीगढ़ आ गए। उस परिस्थिति में डॉक्टरों ने स्पष्ट कहा कि इंजेक्शन नहीं है और बिना इंजेक्शन के मरीज को बचाना मुश्किल है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


जतिन ने तत्काल देवेंद्र को फोन लगाया। देवेंद्र ने दिल्ली से लेकर राजस्थान तक के अपने दोस्तों से मदद मांगी। किसी मेडिकल स्टोर संचालक दोस्त ने देवेंद्र को बताया कि दिल्ली से इंजेक्शन मिल सकते हैं लेकिन कोई जाने वाला चाहिए। देवेंद्र ने बिना वक्त बर्बाद किए रातोंरात दिल्ली जाने की तैयारी की।


इस दौरान रास्ते में देवेंद्र को पुलिस ने भी रोका लेकिन उनकी समस्या को सुनकर जाने दिया। सुबह तक देवेंद्र ने इंजेक्शन दोस्त को उपलब्ध करा दिए। डॉक्टरों ने तत्काल इलाज शुरू कर दिया और मरीज को खतरे से बाहर लाया आया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed