टीकाकरण में धांधली: मनीमाजरा के रेस्त्रां मालिक के नाम पर जम्मू-कश्मीर में लगी दूसरी डोज, पुलिस को दी शिकायत
सरकारी रिकार्ड में एक व्यक्ति की दूसरी डोज जम्मू कश्मीर और एक की डोज आंध्रप्रदेश के व्यक्ति को लगी दिखा रहा है। अस्पताल प्रबंधन ने उन दोनों लोगों को दूसरी डोज लगाने से मना कर दिया है।
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कोरोना महामारी से बचाव के लिए सरकार द्वारा चलाए जा रहे टीकाकरण में भी धांधली हो रही है। किसी व्यक्ति भी आधार कार्ड पर किसी अन्य को टीका लगाने के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे ही दो मामले मनीमाजरा सिविल अस्पताल में सामने आए हैं। जहां सरकारी रिकार्ड में एक व्यक्ति की दूसरी डोज जम्मू कश्मीर और एक की डोज आंध्रप्रदेश के व्यक्ति को लगी दिखा रहा है। अस्पताल प्रबंधन ने उन दोनों लोगों को दूसरी डोज लगाने से मना कर दिया है। अब एक पीड़ित व्यक्ति ने मनीमाजरा थाना में शिकायत भी दर्ज करवाई है।
कश्मीर के व्यक्ति को दूसरी डोज
डेराबस्सी में रेस्त्रां के मालिक जसबीर सिंह ने बताया कि उन्होंने 31 अगस्त को मनीमाजरा के सिविल अस्पताल में कोविशील्ड की पहली डोज लगवाई थी। इसके बाद वो अपनी दूसरी डोज लगवाने के लिए गुरुवार दोपहर करीब डेढ़ बजे मनीमाजरा अस्पताल पहुंचे। पहले तो अस्पताल के कर्मियों ने यह कह कर टाल दिया कि उनके मोबाइल नंबर पर वैक्सीनेशन का कोई रिकॉर्ड नहीं है। इसके बाद जब उन्होंने अपना आधार कार्ड दिया, तो सरकारी रिकॉर्ड से पता चला कि उनकी दूसरी डोज 18 नवंबर को जम्मू कश्मीर के रामबाण में सरकारी स्कूल में लगे कैंप में लगाई जा चुकी है। उन्होंने बताया कि वह कभी जम्मू कश्मीर गए ही नहीं। बावजूद इसके अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें दूसरी डोज लगाने से मना कर दिया।
डर के कारण दी पुलिस को शिकायत
जसबीर ने बताया कि जब उन्हें पता चला कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल जम्मू कश्मीर में हो रहा है तो उनके पांव के नीचे से जमीन खिसक गई। जसबीर का कहना है कि जम्मू कश्मीर अति संवेदनशील राज्य है। अगर कोई उनके आधार कार्ड का गलत इस्तेमाल कर कुछ अप्रिय घटना को अंजाम दे देगा तो उनके लिए मुसीबत खड़ी हो सकती है। इसी डर के कारण उन्होंने इसकी शिकायत मनीमाजरा पुलिस को दी।
आंध्रप्रदेश में लगी दूसरी डोज
ऐसी ही एक और समस्या मनीमाजरा के कुलदीप कुमार शर्मा को पेश आई थी। पेशे से ड्राइवर कुलदीप शर्मा ने बताया कि उन्होंने वैक्सीनेशन की पहली डोज 14 जून को मनीमाजरा सिविल अस्पताल में लगवाई थी। दूसरी डोज 17 सितंबर को लगनी थी। 19 सितंबर को जब वे मनीमाजरा अस्पताल दूसरी डोज लगवाने के लिए पहुंचे तो उन्हें पता चला कि उनकी दूसरी डोज तो आंध्र प्रदेश में तेजबली को लग चुकी है। उन्होंने डॉक्टरों को बहुत समझाने का प्रयास किया कि उनको दूसरी डोज नहीं लगी। परंतु डॉक्टरों ने यह कह कर पल्ला झाड़ लिया कि उन्हें हर एक डोज का हिसाब देना पड़ता है। इसलिए वो उसे दोबारा डोज नहीं लगा सकते ।