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Hindi News ›   Chandigarh ›   fraud: fine of 1 lakhs to nature heights infrastructure Ltd

कॉलोनी के लिए जमीन खरीदी नहीं और बेचने लगे प्लॉट

Tue, 13 Oct 2015 12:05 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली Updated Tue, 13 Oct 2015 12:05 PM IST
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fraud: fine of 1 lakhs to nature heights infrastructure Ltd

स्थाई लोक अदालत ने नेचर हाइट्स इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के खिलाफ फैसला सुनाया है। अदालत ने कंपनी पर जहां एक लाख का जुर्माना लगाया है, वहीं प्लॉट के नाम पर लिए गए साढ़े 3 लाख रुपये 12 प्रतिशत ब्याज के साथ वापस करने होंगे।

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इसके अलावा कंपनी को उपभोक्ता को दस हजार रुपये कानूनी खर्च के रूप में देने होंगे। यह सारी अदायगी कंपनी को 30 दिनों में करनी होगी। वरना कंपनी को पूरी रकम पर 16 प्रतिशत ब्याज देना होगा। यह फैसला जज जगरूप सिंह महल की अदालत ने सुनाया।
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अदालत में इस संबंध में केस नत्था सिंह निवासी गांव सनौली, तहसील ऊना हिमाचल प्रदेश ने दायर किया था। उन्होंने अदालत को दी शिकायत में कहा था कि नेचर हाइट्स इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने गांव धनेड़ा तहसील आनंदपुर साहिब में एक कॉलोनी बनाने की तैयारी की थी।
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इसमें उन्होंने 2000 वर्ग गज का प्लॉट लेने की तैयारी की थी। प्लॉट की कीमत कंपनी ने 10.50 लाख रुपये निश्चित की थी। नियमों के मुताबिक उन्हें साल में 1.75 लाख रुपये की किश्त देनी थी। उन्होंने दो किश्तों का भुगतान कर दिया था। लेकिन, उपभोक्ता के ध्यान में आया कि कंपनी ने न तो कॉलोनी के लिए जगह खरीदी थी और न ही कोई योजना बनाई थी।

उपभोक्ता की शिकायत पर अदालत की तरफ से कंपनी को नोटिस जारी किया गया। अदालत में कंपनी ने माना कि उन्होंने उपभोक्ता से साढ़े तीन लाख रुपये लिए है। कंपनी ने अदालत में तर्क दिया कि कंपनी ने किसानों से कॉलोनी बनाने के लिए जमीन खरीद ली है।

वही, गैरकानूनी कॉलोनी को रेगुलर करने के लिए आवेदन किया है। उन्होंने अदालत में एक सूची भी पेश की। सूची में प्लॉट खरीदने वाले लोगों के नाम दर्ज थे। लेकिन, इस सूची में नत्था सिंह का नाम शामिल नहीं था।


अदालत ने कहा कि किसी भी प्रकार की कॉलोनी को बसाने के लिए पहले विभिन्न विभागों से मंजूरी लेनी होती है। जो कि कंपनी ने पूरी नहीं की थी। इसके अलावा कई अन्य कमियां भी सामने आई। वहीं, अदालत ने कंपनी के मैनेजरों को केस से बरी कर दिया।

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