Stubble burning in Punjab: पराली जलाने पर एक्शन में पंजाब सरकार, चार कृषि अधिकारियों पर गिरी गाज
सीएम भगवंत मान के निर्देश के बाद कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने संगरूर के मुख्य कृषि अधिकारी हरबंस सिंह, समाना के कृषि अधिकारी सतीश कुमार, चोहला साहिब के कृषि अधिकारी हरपाल सिंह और पट्टी के कृषि अधिकारी भूपिंदर सिंह को तुरंत प्रभाव से निलंबित किया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पंजाब में पराली जलाने पर राज्य की आप सरकार एक्शन मोड में आ गई है। प्रदेश में पराली जलाने की अधिक घटनाओं वाले जिलों के चार कृषि अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। कृषि मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने इसको लेकर आदेश जारी किया है।
दिल्ली और आसपास के शहरों में प्रदूषण का स्तर बढ़ने पर केंद्र ने पंजाब पर सवाल उठाए थे। वहीं बढ़ती समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री स्वयं फील्ड में उतर आए हैं। सीएम भगवंत मान ने समस्या के समाधान के लिए आठ सूत्रीय कार्यक्रम लांच किया है।
जानकारी के अनुसार पराली जलाने पर पंजाब सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। जिन क्षेत्रों में पराली जलाने के ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं, उनसे संबंधित कृषि अधिकारियों पर गाज गिरी है। कृषि मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने रविवार को चार अधिकारियों के निलंबित करने का आदेश जारी किया है।
इसके अलावा दूसरे जिलों के अधिकारियों को भी लापरवाही बरतने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी जारी की गई है। गौर हो कि दिल्ली और आसपास के शहरों में प्रदूषण का स्तर बढ़ने पर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि पंजाब ने पराली जलाने से रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। इसके बाद पंजाब ने यह बड़ी कार्रवाई की है।
आज मैंने पंजाब के संगरूर, पटियाला और तरनतारन के चार अधिकारियों को पराली जलाने की घटनाओं पर लापरवाही बरतने पर सस्पेंड कर दिया, किसानों की मदद और उन्हें समझाने कि अपनी ड्यूटी ठीक से ना करने पर सख्त कार्यवाही होगी @BhagwantMann @AAPPunjab @AamAadmiParty @ANI pic.twitter.com/6YJfeb62RC
— Kuldeep Dhaliwal (@KuldeepSinghAAP) October 30, 2022
इन अधिकारियों पर गिरी गाज
सीएम भगवंत मान के निर्देश के बाद कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने संगरूर के मुख्य कृषि अधिकारी हरबंस सिंह, समाना के कृषि अधिकारी सतीश कुमार, चोहला साहिब के कृषि अधिकारी हरपाल सिंह और पट्टी के कृषि अधिकारी भूपिंदर सिंह को तुरंत प्रभाव से निलंबित किया है।
यह है सीएम का आठ सूत्रीय कार्यक्रम
- अब तक 1.20 लाख पराली संभालने वाली मशीनें बांटी गई, यह क्रम जारी है।
- सीआरएम मशीनों के गांव स्तरीय मालिकों के फोन नंबरों की जानकारी किसानों तक पहुंचाना।
- विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और विधायक संवेदनशील इलाकों में किसान संगठनों और सरपंचों के साथ मुलाकात और गुरुद्वारों से पराली न जलाने की अपील करेंगे।
- स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग के सहयोग से बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान।
- मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में सभी जिलों की कार्रवाई की साप्ताहिक समीक्षा।
- पराली न जलाने वाली पंचायतों और किसानों का मिलेगा प्रोत्साहन।
- फौरी कार्रवाई के लिए पराली जलाने की घटनाओं की रियल टाइम जानकारी।
- पराली जलाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई।
देश के 21 शहरों में 300 से ऊपर पहुंचा एक्यूआई
पराली जलाने की घटनाएं बढ़ने से देश के 21 शहरों में प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा है। देश के 21 शहरों में औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 300 से ऊपर की श्रेणी में पहुंच गया। इनमें दिल्ली के अलावा हरियाणा के 11 शहर, पांच शहर बिहार के, चार शहर उत्तर प्रदेश के शामिल हैं। देश में गाजियाबाद और हरियाणा में गुरुग्राम का मानेसर शहर सबसे ज्यादा प्रदूषित है। शनिवार शाम तक गाजियाबाद में 384, मानेसर में 354, दिल्ली में 357, ग्रेटर नोएडा में 364, नोएडा में 381 एक्यूआई दर्ज किया गया। अधिकांश शहरों में इस वर्ष प्रदूषण का यह सर्वोच्च स्तर है।
पंजाब में अब तक 10214 घटनाएं
15 सितंबर से 28 अक्तूबर तक पंजाब में 10214 जगह पराली जलाने की घटनाएं हुई हैं। इसमें से 7100 से ज्यादा घटनाएं बीते छह दिन में ही हुई हैं। वहीं हरियाणा में सिर्फ 1701 जगह पराली जली है। इस बार कैथल में सबसे ज्यादा 464, कुरुक्षेत्र 269, करनाल में 234, फतेहाबाद में 221 और जींद में 161 जगह पराली जली। इसे लेकर प्रदेशभर में 1041 चालान किए गए हैं, जिसके तहत 2550000 रुपये जुर्माना लगाया गया। वहीं पराली में आग लगाने की सूचना न देने पर कैथल की डीसी ने सीवन के 10, खरौदी के 6, फरल व पीडल के 4-4 नंबरदारों को निलंबित किया है।