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तय समय से 4 महीने पहले जन्मी बच्ची के मसीहा बने डॉक्टर, ऐसे बचाई जान
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 01 Nov 2017 09:01 AM IST
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new born baby
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तय समय से चार महीने पहले ही बच्ची दुनिया में आ गई। बचना मुश्किल था, लेकिन डॉक्टरों ने हिम्मत नहीं छोड़ी और उसकी जान बचा ली। मामला चंडीगढ़ का है। डिलीवरी की तय तारीख से चार महीने पहले जन्मी बच्ची को फोर्टिस ने बचा लिया है। बच्ची का जन्म 12 अगस्त 2017 को हुआ था।
जन्म के समय उसका वजन सिर्फ 670 ग्राम था। उनके फेफड़े भी पूरी तरह से विकसित नहीं हुए थे। हॉस्पिटल के नियोनेटल कंसलटेंट डा. सुनील कुमार अग्रवाल ने बताया कि जन्म लेते ही उसे लेवल थ्री एडवांस एनआईसीयू में स्थानांतरित कर दिया गया था। बच्ची अपने स्तर पर सांस नहीं ले पा रही थी।
इसलिए करीब 9 सप्ताह तक कृत्रिम सांस की जरूरत पड़ी और हमने यह रिस्क लिया। बच्ची अब पूरी तरह से स्वस्थ है। फोर्टिस के फेसिलिटी डायरेक्टर अभिजीत सिंह ने कहा कि हर मुश्किल के चलते इस बच्ची को बचाया गया है। जिसका श्रेय बच्ची के माता पिता को भी जाता है, जिन्होंने अपनी बेटी को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया।
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जन्म के समय उसका वजन सिर्फ 670 ग्राम था। उनके फेफड़े भी पूरी तरह से विकसित नहीं हुए थे। हॉस्पिटल के नियोनेटल कंसलटेंट डा. सुनील कुमार अग्रवाल ने बताया कि जन्म लेते ही उसे लेवल थ्री एडवांस एनआईसीयू में स्थानांतरित कर दिया गया था। बच्ची अपने स्तर पर सांस नहीं ले पा रही थी।
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इसलिए करीब 9 सप्ताह तक कृत्रिम सांस की जरूरत पड़ी और हमने यह रिस्क लिया। बच्ची अब पूरी तरह से स्वस्थ है। फोर्टिस के फेसिलिटी डायरेक्टर अभिजीत सिंह ने कहा कि हर मुश्किल के चलते इस बच्ची को बचाया गया है। जिसका श्रेय बच्ची के माता पिता को भी जाता है, जिन्होंने अपनी बेटी को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया।
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अब ऐसी है बच्ची की हालत
Baby Delivery
डाक्टरों के मुताबिक 24 हफ्ते के नवजात के अधिकांश अंग विकसित भी नहीं होते। धीरे-धीरे, बच्चे की स्थिति में सुधार हुआ और उन्हें अस्पताल में 75 दिन रहने के बाद छुट्टी मिल गई है। अस्पताल से छुट्टी के समय बच्ची का वजन 1.4 किलोग्राम था। बच्ची न्यूरोलॉजिकल तौर पर सामान्य है,
चम्मच से खुराक को अच्छी तरह से ले रही है और उसकी सुनने और देखने की क्षमता भी सामान्य है। बच्ची की मां प्रीति ने कहा कि जन्म के बाद से बच्ची का वजन लगातार कम हो रहा था। उसे लगातार नियोनेटल आईसीयू में रखा गया। उसके भविष्य को लेकर चिंतित थे। तब डॉ सुनील अग्रवाल ने आश्वासन दिया कि वह बच जाएगी।
चम्मच से खुराक को अच्छी तरह से ले रही है और उसकी सुनने और देखने की क्षमता भी सामान्य है। बच्ची की मां प्रीति ने कहा कि जन्म के बाद से बच्ची का वजन लगातार कम हो रहा था। उसे लगातार नियोनेटल आईसीयू में रखा गया। उसके भविष्य को लेकर चिंतित थे। तब डॉ सुनील अग्रवाल ने आश्वासन दिया कि वह बच जाएगी।