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बादल की सरकार गिराने वाले मनजीत सिंह 'कलकत्ता' नहीं रहे
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 18 Jan 2018 09:37 AM IST
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Manjit Singh Calcutta
- फोटो : File Photo
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साल 1998 में पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की सरकार गिराने वाले पूर्व मंत्री मनजीत सिंह कलकत्ता का बुधवार सुबह निधन हो गया। उन्होंने सुबह साढ़े छह बजे शहर के प्राइवेट अस्पताल में आखिरी सांस ली। 79 वर्षीय मनजीत सिंह कई दिनों से बीमार चल रहे थे। उनका शुगर लेवल घट कर 44 रह गया था। इसके अलावा उन्हें बीते कई दिनों से छाती में जकड़न की शिकायत थी। उनका अंतिम संस्कार वीरवार को किया जाएगा।
सूबे की राजनीति में कलकत्ता एकमात्र ऐसे सियासी नेता थे, जो अपनी ही सरकार के खिलाफ भी बोलने में हिचकते नहीं थे। 1977 में विधायक चुने गए और कैबिनेट मंत्री बने। हायर एजुकेशन मिनिस्टर के तौर पर काम किया और 13 दिसंबर 1998 को उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के खिलाफ बगावत कर दी। अपने बेटे की शादी के दिन उन्होंने विधायक हरमेल सिंह टोहड़ा, रमेशइंद्र सिंगला, सुरजीत सिंह कोहली व इंद्रजीत सिंह जीरा के साथ मिलकर मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।
गुरचरण सिंह टोहड़ा को एसजीपीसी के प्रधान पद से हटाए जाने से वे खफा था। इसके बाद दोबारा सरकार बनाने के लिए भी कलकत्ता ने बादल परिवार के आग्रह पर टोहड़ा से समझौता करवाया था। वे पटना साहिब और दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान भी रहे थे।
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सूबे की राजनीति में कलकत्ता एकमात्र ऐसे सियासी नेता थे, जो अपनी ही सरकार के खिलाफ भी बोलने में हिचकते नहीं थे। 1977 में विधायक चुने गए और कैबिनेट मंत्री बने। हायर एजुकेशन मिनिस्टर के तौर पर काम किया और 13 दिसंबर 1998 को उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के खिलाफ बगावत कर दी। अपने बेटे की शादी के दिन उन्होंने विधायक हरमेल सिंह टोहड़ा, रमेशइंद्र सिंगला, सुरजीत सिंह कोहली व इंद्रजीत सिंह जीरा के साथ मिलकर मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।
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गुरचरण सिंह टोहड़ा को एसजीपीसी के प्रधान पद से हटाए जाने से वे खफा था। इसके बाद दोबारा सरकार बनाने के लिए भी कलकत्ता ने बादल परिवार के आग्रह पर टोहड़ा से समझौता करवाया था। वे पटना साहिब और दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान भी रहे थे।
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राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार
Manjit Singh Calcutta
- फोटो : File Photo
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्रसिद्ध अकाली नेता, सिख विद्वान और शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व मुख्य सचिव मनजीत सिंह कलकत्ता के निधन पर गहरा शोक प्रकट किया है।
अपने शोक संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री मनजीत सिंह कलकत्ता मानवीय मूल्यों पर आधारित राजनीति में विश्वास रखते थे। उन्होंने सिख सिद्धांतों के प्रचार व प्रसार के लिए अथक कार्य किया।
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अमृतसर में मनजीत सिंह कलकत्ता के संस्कार के अवसर पर उन्हें पूर्ण राजकीय सम्मान देने की घोषणा भी की है। दिवंगत आत्मा के सम्मान के तौर पर राज्य सरकार ने बुधवार दोपहर को अपने समस्त कार्यालयों और शिक्षा संस्थाओं को आधे दिन के लिए बंद रखने की घोषणा भी की।
अपने शोक संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री मनजीत सिंह कलकत्ता मानवीय मूल्यों पर आधारित राजनीति में विश्वास रखते थे। उन्होंने सिख सिद्धांतों के प्रचार व प्रसार के लिए अथक कार्य किया।
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अमृतसर में मनजीत सिंह कलकत्ता के संस्कार के अवसर पर उन्हें पूर्ण राजकीय सम्मान देने की घोषणा भी की है। दिवंगत आत्मा के सम्मान के तौर पर राज्य सरकार ने बुधवार दोपहर को अपने समस्त कार्यालयों और शिक्षा संस्थाओं को आधे दिन के लिए बंद रखने की घोषणा भी की।