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बरगाड़ी बेअदबी और बहिबल गोलीकांड में पहली गिरफ्तारी, SIT ने दबोचा पूर्व एससपी, जानें मामला
Mon, 28 Jan 2019 10:09 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदकोट(पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदकोट(पंजाब)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 28 Jan 2019 10:09 AM IST
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पूर्व एसएसपी चरणजीत सिंह
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श्री गुरुग्रंथ साहिब की बेअदबी घटनाओं के विरोध में बहिबल कलां में प्रदर्शन के दौरान हुए गोलीकांड में मारे गए दो सिखों की मौत की जांच कर रही स्पेशल इंवेटिगेशन टीम (एसआईटी) ने एसएसपी चरणजीत शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया। यह गिरफ्तारी शर्मा के होशियारपुर स्थित आवास पर रविवार की सुबह साढ़े चार बजे छापामारी कर की गई। यह खुलासा एसआईटी के वरिष्ठ सदस्य आईजी कुंवर विजय प्रताप ने किया।
आईजी सिंह ने पत्रकारों को वार्ता के दौरान बताया उन्हें जानकारी मिली थी कि मोगा के तत्कालीन एसएसपी चरणजीत शर्मा विदेश भागने की तैयारी में है। उसके पास इंग्लैंड, अमेरिका व कनाडा का वीजा है। इंग्लैंड भागने के लिए वह टिकट बुक करवा रहा है। पूर्व एसएसपी शर्मा को रविवार सुबह साढ़े चार बजे होशियारपुर स्थित उसके निवास स्थान से गिरफ्तार न किया जाता तो वह शाम तक विदेश भाग जाता।
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उन्होंने खुलासा किया की जब शर्मा को गिरफ्तार करने के लिए छापामारी की गई तो उसने भागने का प्रयास किया। एसआईटी को इस बात की आशंका थी, इसलिए उसे गिरफ्तार करने के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। उसे धारा 302 के अंतर्गत गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा की शर्मा की गिरफ्तारी गोलीकांड के चश्मदीद की ओर से एसआईटी को गिए गए बयान के आधार पर की गई है।
गिरफ्तारी के बाद शर्मा से पूछताछ की जा रही है। आईजी सिंह ने दावा किया एसआईटी पर कोई भी राजनैतिक दबाव नहीं है। आईजी सिंह ने बताया एसएसपी को अरेस्ट करने के बाद पुलिस ने तत्कालीन एसएचओ अमरजीत सिंह के निवास स्थान पर भी छापामारी की गई। लेकिन व घर में नहीं मिला। एसआईटी ने ने उनके परिजनों से पूछताछ की है।
उल्लेखनीय है पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट ने 25 जनवरी को बहिबलकलां व बरगाड़ी कांड की जांच को लेकर पुलिस अधिकारियों सहित दायर सभी याचिकाओं के को रद्द करते हुए एसआईटी को जांच आगे बढ़ाने के आदेश दिए थे। अक्तूबर 2015 में चरनजीत मोगा के एसएसपी थे और इंस्पेक्टर अमरजीत सिंह बाजाखाना थाने के प्रभारी थे। बरगाड़ी गोलीकांड समय दोनों ड्यूटी पर तैनात थे, जिस कारण उन्हें मुअत्तल किया गया था। मामले की जांच विशेष जांच टीम कर रही है।
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आईजी सिंह ने पत्रकारों को वार्ता के दौरान बताया उन्हें जानकारी मिली थी कि मोगा के तत्कालीन एसएसपी चरणजीत शर्मा विदेश भागने की तैयारी में है। उसके पास इंग्लैंड, अमेरिका व कनाडा का वीजा है। इंग्लैंड भागने के लिए वह टिकट बुक करवा रहा है। पूर्व एसएसपी शर्मा को रविवार सुबह साढ़े चार बजे होशियारपुर स्थित उसके निवास स्थान से गिरफ्तार न किया जाता तो वह शाम तक विदेश भाग जाता।
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उन्होंने खुलासा किया की जब शर्मा को गिरफ्तार करने के लिए छापामारी की गई तो उसने भागने का प्रयास किया। एसआईटी को इस बात की आशंका थी, इसलिए उसे गिरफ्तार करने के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। उसे धारा 302 के अंतर्गत गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा की शर्मा की गिरफ्तारी गोलीकांड के चश्मदीद की ओर से एसआईटी को गिए गए बयान के आधार पर की गई है।
गिरफ्तारी के बाद शर्मा से पूछताछ की जा रही है। आईजी सिंह ने दावा किया एसआईटी पर कोई भी राजनैतिक दबाव नहीं है। आईजी सिंह ने बताया एसएसपी को अरेस्ट करने के बाद पुलिस ने तत्कालीन एसएचओ अमरजीत सिंह के निवास स्थान पर भी छापामारी की गई। लेकिन व घर में नहीं मिला। एसआईटी ने ने उनके परिजनों से पूछताछ की है।
उल्लेखनीय है पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट ने 25 जनवरी को बहिबलकलां व बरगाड़ी कांड की जांच को लेकर पुलिस अधिकारियों सहित दायर सभी याचिकाओं के को रद्द करते हुए एसआईटी को जांच आगे बढ़ाने के आदेश दिए थे। अक्तूबर 2015 में चरनजीत मोगा के एसएसपी थे और इंस्पेक्टर अमरजीत सिंह बाजाखाना थाने के प्रभारी थे। बरगाड़ी गोलीकांड समय दोनों ड्यूटी पर तैनात थे, जिस कारण उन्हें मुअत्तल किया गया था। मामले की जांच विशेष जांच टीम कर रही है।
ये है मामला
बता दें कि 12 अक्टूबर, 2015 को फरीदकोट जिले के बरगाड़ी गांव में श्री गुरुग्रंथ साहिब के अंग फाड़कर गलियों में फेंक दिए गए थे। इसके विरोध में सिखों ने विरोध प्रदर्शन किया। 14 अक्टूबर, 2015 को कोटकपूरा के बहिबलकलां में पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे लोगों पर गोली चला दी। इस फायरिंग में दो युवकों की मौत हो गई थी। इसके बाद बादल सरकार ने जस्टिस जोरा सिंह आयोग का गठन किया, लेकिन इसकी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई।
फिर सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मामले की जांच के लिए 11 सितंबर 2018 को जस्टिस रंजीत सिंह आयोग बनाया। आयोग ने 16 अगस्त 2018 को अपनी रिपोर्ट को मुख्यमंत्री के हवाले कर दिया था, जिसे 27 अगस्त 2018 को विधानसभा में पेश कर दिया गया। एसआईटी को बहिबल कलां व कोटकपूरा की घटनाओं से संबंधित चार एफआईआर की जांच सौंपी गई थी, जिनमें से बहिबल कलां गोलीकांड के संदर्भ में थाना बाजाखाना की एफआईआर नंबर 129 व 130 शामिल है।
14 अक्टूबर 2015 को दर्ज एफआईआर नंबर 129 में पुलिस ने 600 अज्ञात प्रदर्शनकारियों को इरादा ए कत्ल के आरोप में शामिल किया था, जबकि 21 अक्टूबर 2015 को दर्ज एफआईआर नंबर 130 में तत्कालीन एसआईटी प्रमुख की शिकायत पर हत्या के आरोप में कार्रवाई की गई थी। इसमें एसएसपी मोगा चरनजीत शर्मा समेत चार पुलिस अधिकारियों को नामजद किया, जिसके बाद उक्त अधिकारियों ने हाईकोर्ट की शरण ली थी, पर राहत नहीं मिली।
फिर सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मामले की जांच के लिए 11 सितंबर 2018 को जस्टिस रंजीत सिंह आयोग बनाया। आयोग ने 16 अगस्त 2018 को अपनी रिपोर्ट को मुख्यमंत्री के हवाले कर दिया था, जिसे 27 अगस्त 2018 को विधानसभा में पेश कर दिया गया। एसआईटी को बहिबल कलां व कोटकपूरा की घटनाओं से संबंधित चार एफआईआर की जांच सौंपी गई थी, जिनमें से बहिबल कलां गोलीकांड के संदर्भ में थाना बाजाखाना की एफआईआर नंबर 129 व 130 शामिल है।
14 अक्टूबर 2015 को दर्ज एफआईआर नंबर 129 में पुलिस ने 600 अज्ञात प्रदर्शनकारियों को इरादा ए कत्ल के आरोप में शामिल किया था, जबकि 21 अक्टूबर 2015 को दर्ज एफआईआर नंबर 130 में तत्कालीन एसआईटी प्रमुख की शिकायत पर हत्या के आरोप में कार्रवाई की गई थी। इसमें एसएसपी मोगा चरनजीत शर्मा समेत चार पुलिस अधिकारियों को नामजद किया, जिसके बाद उक्त अधिकारियों ने हाईकोर्ट की शरण ली थी, पर राहत नहीं मिली।
जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट के बाद हुआ नामजद
बरगाड़ी बेअदबी मामले से संबंधित बहिबल कलां गोलीकांड की घटना 14 अक्टूबर 2015 को हुई थी। उस दिन बरगाड़ी बेअदबी की घटना के रोष स्वरूप धरने पर बैठी सिख संगत पर पुलिस ने फायरिंग की थी, जिसमें दो सिख नौजवान किशन भगवान सिंह व गुरजीत सिंह की मौत हो गई थी। इसे लेकर मचे बवाल के बाद पुलिस ने 21 अक्टूबर 2015 को थाना बाजाखाना में अज्ञात पुलिस पार्टी पर हत्या का केस दर्ज किया था।
बेअदबी मामलों की जांच करने वाले जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट के आधार पर इस केस में 11 अगस्त 2018 को तत्कालीन एसएसपी मोगा चरनजीत सिंह शर्मा, एसपी फाजिल्का बिक्रमजीत सिंह, एसएसपी मोगा के रीडर इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह व थाना बाजाखाना प्रभारी एसआई अमरजीत सिंह कुलार को नामजद किया गया। आयोग की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने बहिबलकलां गोलीकांड की घटना में एसएसपी चरनजीत सिंह शर्मा को मुख्य आरोपी बनाया था। घटना वाले दिन बहिबल कलां में रोष धरने दे रही सिख संगत को हटाने पहुंचे पुलिस पार्टी की अगुवाई एसएसपी चरनजीत सिंह शर्मा ही कर रहे थे।
हत्या के केस में नामजद होने के बाद उक्त पुलिस अधिकारियों ने पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट की शरण ले ली थी। दो दिन पहले हाईकोर्ट से उनकी याचिकाएं खारिज होने के बाद इन घटनाओं की जांच कर रही एसआईटी ने इन चार अधिकारियों में से पूर्व एसएसपी समेत तीन को पूछताछ के लिए 29 जनवरी को चंडीगढ़ पेश होने के आदेश दिए थे। पूर्व एसएसपी चरनजीत सिंह शर्मा के विदेश जाने की तैयारी के चलते एसआईटी ने रविवार को ही उन्हें होशियारपुर से गिरफ्तार कर लिया है. जिन्हें रविवार देर शाम फरीदकोट की अदालत में पेश किए जाने की उम्मीद है।
वहीं एसएसपी चरनजीत सिंह शर्मा की गिरफ्तारी के तुरंत बाद रविवार सुबह जिला पुलिस ने माई गोदड़ी कालोनी में दूसरे आरोपी तत्कालीन थाना बाजाखाना प्रभारी अमरजीत सिंह कुलार के घर भी छापा मारा। इस दौरान अमरजीत सिंह कुलार घर पर नहीं मिले । छापामारी टीम की अगुवाई कर रहे सीआईए स्टाफ फरीदकोट के इंचार्ज इंस्पेक्टर नरिन्द्र सिंह ने कहा कि परिवार से जानकारी मिली है कि अमरजीत सिंह कुलार शनिवार से ही कहीं गए हुए हैं। उन्होंने कहा कि मामले में उच्चाधिकारियों के निर्देश पर अगली कार्रवाई की जाएगी।
बेअदबी मामलों की जांच करने वाले जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट के आधार पर इस केस में 11 अगस्त 2018 को तत्कालीन एसएसपी मोगा चरनजीत सिंह शर्मा, एसपी फाजिल्का बिक्रमजीत सिंह, एसएसपी मोगा के रीडर इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह व थाना बाजाखाना प्रभारी एसआई अमरजीत सिंह कुलार को नामजद किया गया। आयोग की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने बहिबलकलां गोलीकांड की घटना में एसएसपी चरनजीत सिंह शर्मा को मुख्य आरोपी बनाया था। घटना वाले दिन बहिबल कलां में रोष धरने दे रही सिख संगत को हटाने पहुंचे पुलिस पार्टी की अगुवाई एसएसपी चरनजीत सिंह शर्मा ही कर रहे थे।
हत्या के केस में नामजद होने के बाद उक्त पुलिस अधिकारियों ने पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट की शरण ले ली थी। दो दिन पहले हाईकोर्ट से उनकी याचिकाएं खारिज होने के बाद इन घटनाओं की जांच कर रही एसआईटी ने इन चार अधिकारियों में से पूर्व एसएसपी समेत तीन को पूछताछ के लिए 29 जनवरी को चंडीगढ़ पेश होने के आदेश दिए थे। पूर्व एसएसपी चरनजीत सिंह शर्मा के विदेश जाने की तैयारी के चलते एसआईटी ने रविवार को ही उन्हें होशियारपुर से गिरफ्तार कर लिया है. जिन्हें रविवार देर शाम फरीदकोट की अदालत में पेश किए जाने की उम्मीद है।
वहीं एसएसपी चरनजीत सिंह शर्मा की गिरफ्तारी के तुरंत बाद रविवार सुबह जिला पुलिस ने माई गोदड़ी कालोनी में दूसरे आरोपी तत्कालीन थाना बाजाखाना प्रभारी अमरजीत सिंह कुलार के घर भी छापा मारा। इस दौरान अमरजीत सिंह कुलार घर पर नहीं मिले । छापामारी टीम की अगुवाई कर रहे सीआईए स्टाफ फरीदकोट के इंचार्ज इंस्पेक्टर नरिन्द्र सिंह ने कहा कि परिवार से जानकारी मिली है कि अमरजीत सिंह कुलार शनिवार से ही कहीं गए हुए हैं। उन्होंने कहा कि मामले में उच्चाधिकारियों के निर्देश पर अगली कार्रवाई की जाएगी।