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यादें: पीयू के दीक्षांत समारोह में आए थे पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, छात्रों को दिए थे ये खास मंत्र

Mon, 31 Aug 2020 10:57 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Mon, 31 Aug 2020 10:57 PM IST
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Former President Pranab Mukherjee was came to the convocation ceremony of Panjab University
पीयू के 64वें दीक्षांत समारोह में आए थे पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी। - फोटो : फाइल फोटो

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन से पीयू में भी शोक की लहर है। वीसी प्रो. राजकुमार ने दुख जताते हुए कहा कि उनके जीवन से प्रेरणा लेकर तमाम लोग आगे बढ़ रहे हैं और बढ़ेंगे भी। उनकी कमी पूरी नहीं की जा सकती। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी पीयू के 64वें दीक्षांत समारोह में 14 मार्च 2015 को आए थे। उन्होंने जब डिग्रियां बांटीं तो कहा कि उन्हें खुशी है कि डिग्रियां लेने वाले विद्यार्थियों में दो तिहाई छात्राएं हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए प्रेरित किया था। 

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उन्होंने विद्यार्थियों से लेकर शिक्षकों को कई बारीकियां बताईं। उन्होंने कहा था कि ऐसी वैज्ञानिक प्रवृत्ति जो कल्पना को ग्रेड और कक्षा के दायरे से परे ले जाती है, हमारे विद्यार्थियों के लिए जरूरी है। हमारे संस्थानों को अपने विद्यार्थियों में कल्पना शक्ति जागृत करनी चाहिए। शिक्षक को पुस्तकों से अलग सोचने, संकल्पनाओं पर सवाल उठाने तथा जांच के पश्चात ही किसी विचार को स्वीकार करने के लिए विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करना चाहिए। विद्यार्थियों के पास एक बड़ा सपना होना चाहिए जिसे वह अनुसंधान और जांच के माध्यम से वास्तविकता में बदल सकते हैं। कई अन्य बातें भी छात्रों को बताई थी। जिनके जरिये तमाम विद्यार्थी आगे बढ़े।

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प्रणव मुखर्जी का जाना अपूर्णीय क्षति: पवन बंसल

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन से गहरा दुख हुआ है। 35 साल से अधिक समय तक उनके साथ काम कर उन्हें जानने का सौभाग्य मिला। वह ज्ञान के भंडार, चलते-फिरते एनसाइक्लोपीडिया थे। हर मुद्दे पर उनका बहुत योगदान था। वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वार्ताकार के रूप में श्रेष्ठ थे। हर काम को बड़ी ही सहजता एवं आसानी से अंजाम देते थे। उनका जाना एक शून्य है, जिसे कभी भी भरा नहीं जा सकेगा।

प्रणब मुखर्जी के निधन पर भाजपा नेताओं ने जताया दुख
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन पर प्रदेश भाजपा के नेताओं ने दुख व्यक्त किया है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन ने कहा कि प्रणब मुखर्जी भारतीय राजनीति के वह ऊर्जा स्तंभ थे, जिनका आभामंडल सत्ता के गलियारों से लेकर विपक्ष के कार्यालयों तक था। शायद ही कोई ऐसा राजनीतिज्ञ हो, जो प्रणब दा का पिता तुल्य सम्मान न करता हो। 

वहीं, पूर्व सांसद और भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य सत्यपाल जैन ने कहा कि प्रणब मुखर्जी के उनके साथ बहुत ही अच्छे संबंध थे। उनके लोकसभा के कार्यकाल के दौरान प्रणब मुखर्जी गृह मंत्रालय की संसदीय सलाहकार समिति के अध्यक्ष थे और वह उसके सदस्य थे। उन्होंने कहा कि प्रणब मुखर्जी सदैव दलगत राजनीति से ऊपर उठकर काम करते थे। उनका चले जाना समूचे राष्ट्र के लिए कभी न पूरी होने वाली क्षति है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद, पार्षद देवेश मोदगिल समेत अन्य नेताओं ने पूर्व राष्ट्रपति के निधन पर शोक व्यक्त किया।

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