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कांग्रेस छोड़ते ही 'सोनिया-राहुल' पर गरजे बराड़

Tue, 06 Jan 2015 05:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 06 Jan 2015 05:39 PM IST
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former MP jagmeet brar resign from congress party

जगमीत बराड़ ने कहा कांग्रेस को अलविदा

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चंडीगढ़। पूर्व सांसद जगमीत बराड़ ने आखिर कांग्रेस को अलविदा कह दिया। सोमवार को प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने पार्टी सदस्यता से इस्तीफा देने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि वह मंगलवार से अपने समर्थकों से मिलने की मुहिम शुरू करेंगे। उनकी सलाह के बाद ही भविष्य के बारे में फैसला लेंगे। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ जम कर भड़ास निकाली।

जगमीत बराड़ ने अपने स्टाइल में कोट्स, शेअरों और ऐतिहासिक घटनाओं का हवाला देते हुए कांग्रेस के शीर्ष और प्रदेश नेतृत्व पर हमला बोला। वहीं, भाजपा और पीएम नरेंद्र मोदी के प्रति उनका सॉफ्ट कॉर्नर नजर आया। अपने इस्तीफे के अंश सुनाते हुए बराड़ ने कहा कि हर चीज की एक हद होती है।
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एक सम्मानित सियासतदान के तौर पर शर्मिंदगी सहने की भी हद होती है। कहा, सियासत में ऊंच-नीच चलती रहती है पर अब वह और अपनी बेइज्जती नहीं करवा सकते। उन्होंने खुद से सवाल किया कि पार्टी में कंट्रोलर को कौन कंट्रोल करता है।

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कांग्रेस और शिअद में वंश और परिवारवाद हावी

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सोनिया गांधी और राहुल गांधी का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि पार्टी के लोकतंत्र के मुताबिक वर्करों को तय करना चाहिए कि उनका नेतृत्व कौन करेगा। न कि दिल्ली में बैठे हाईकमान को। कभी देश को आजाद कराने वाली पार्टी आज फैमिली अंडरटेकिंग बन कर रह गई है।

जगमीत ने कहा कि उन्होंने पार्टी की मजबूती को सुझाव दिए थे। अगर वह पार्टी विरोधी है तो आंतरिक लोकतंत्र खत्म हो चुका है। इस्तीफा भेजने के बाद एक सीनियर नेता ने उनसे संपर्क किया। उन्होंने कह दिया कि पांच महीने इंतजार किया कि पार्टी उन्हें समझ सके। जगमीत ने कहा कि कांग्रेस और शिअद में वंश और परिवारवाद हावी है।

शिअद में एक परिवार का कब्जा है, तो कांग्रेस में चंद लोग जिनका संबंध पैसे से या राजघराने से है, काबिज हैं। वह चाहते हैं कि दोनों पार्टियों के अच्छे नेता इकट्ठे होकर सियासत को नई दिशा दें। वह मंगलवार को गदरी बाबा काशीराम मड़ौली के रोपड़ स्थित गांव से मत्था टेक कर समर्थकों से मिलने का आभियान शुरु करेंगे।

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