पूर्व जेल मंत्री और उनके बेटे समेत 12 लोगों की बढ़ी मुश्किलें, करोड़ों के ड्रग रैकेट केस में आरोप तय
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
करोड़ों रुपये की ड्रग तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में अकाली नेता व पूर्व जेल मंत्री सरवन सिंह फिल्लौर, भाजपा नेता व पूर्व मुख्य संसदीय सचिव अविनाश चंद्र समेत 12 लोगों पर आरोप तय किए । अदालत ने आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग केस की धारा 4 के तहत आरोप तय किए गए। मामले की अगली सुनवाई 23 अक्तूबर हो होगी।
ईडी ने जुलाई 2017 में पांचवां सप्लीमेंट्री चालान पेश किया था। इसके करीब एक साल तीन महीने बाद सीबीआई की अदालत ने आरोप तय किए हैं। इस दौरान पूर्व जेल मंत्री सरवन सिंह फिल्लौर (69), पूर्व सीपीएस अविनाश चंद्र (53), दमनवीर सिंह फिल्लौर (36) निवासी जालंधर, बिजनेसमैन जगजीत सिंह चहल (55) निवासी मोहाली, परमजीत सिंह चहल निवासी लुधियाना (जगजीत का भाई), इंद्रजीत कौर (पत्नी जगजीत सिंह चहल), दविंदर शर्मा (49) निवासी ऊना, जालंधर के शाहकोट निवासी जसविंदर सिंह (इस समय कनाडा में है), सचिन सरदाना (35) निवासी भिवानी, कैलाश सरदाना (65), सुशील व रश्मि सरदाना निवासी हरियाणा का नाम शामिल किया था। इस मामले ईडी अब तक 68 लोगों के खिलाफ चार्जशीट फाइल कर चुकी है। इनमें से नौ एनआईआर हैं।
चालान में इन आठ कंपनियों के नाम भी
चालान में आठ कंपनियों के नाम दर्ज हैं। इनमें चहल टायर वर्ल्ड प्राइवेट लिमिटेड अमृतसर, न्यू पियार रोडवेज प्राइवेट लिमिटेड अमृतसर, एमबीपी फार्मास्युटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड, ट्यूलिप फार्मास्युटिकल्स प्रा. लिमिटेड, चहल टायर्स, चहल रीट्रेड्स प्रा. लिमिटेड, मोनटेक बायो फार्मा प्रा. लिमिटेड, नवरोज फार्मास्युटिकल्स नई दिल्ली का नाम शामिल है।
2013 में ईडी ने दर्ज किया था केस
ईडी ने दलील थी कि पंजाब पुलिस ने 2012-14 में इस ड्रग तस्करी केस का खुलासा किया था। पंजाब पुलिस के पूर्व डीएसपी जगदीश भोला से पूछताछ के बाद देश और विदेश के कई बड़े लोगों के नाम सामने आए थे। वहीं, ईडी ने फतेहगढ़ साहिब थाने में दर्ज आठ एफआईआर को आधार बनाकर 25 मई 2013 को पीएमएल एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। पंजाब पुलिस ने उक्त मामले में 104 के करीब लोगों को चार्जशीट किया था।