चर्चित सुपरकॉप किरण बेदी ने माना, राजनीति में आना बड़ी भूल
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देश की आईपीएस अधिकारी और सुपरकॉप नाम से चर्चित किरण बेदी ने माना है कि राजनीति में आना उनकी बड़ी भूल थी। बेदी ने कहा कि राजनीति उन जैसी शख्सियत के बस की बात नहीं है।
लेकिन उन्होंने कहा कि जो युवा राजनीति को कैरियर बनाने चाहते हैं वह यूनिवर्सिटी स्तर से ही इसकी बेहतर तरीके से तैयारी करें। किरण बेदी के अनुसार युवाओं को राजनीति की बारीकियां सिखाने के लिए यूनिवर्सिटी स्तर पर ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन में कोर्स शुरू किए जाने चाहिए।
बेदी ने यह बात शुक्रवार को पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) में अपनी नई किताब क्रिएटिंग लीडरशिप (रचनात्मक नेतृत्व) के विमोचन के मौके पर कही। पीयू के इमर्जिंग एरिया बिल्डिंग स्थित पुलिस एडमिनिस्ट्रेशन विभाग में कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
इस मौके पर पीयू कुलपति प्रो.अरुण कुमार ग्रोवर, चंडीगढ़ के मेयर अरुण सूद और डीन एल्युमनी प्रो.अनिल मोंगा भी मौजूद थे। इस मौके पर पंजाब और हरियाणा के बीच एसवाईएल मामले पर बेदी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बिल्कुल सही बताया।
बेदी ने जेएनयू मामले में कन्हैया का नाम लिए बिना कहा कि कुछ लोग विवादित बयान देकर रातों रात नेता बनना चाहते हैं। बेदी ने ग्रामीण स्तर पर महिलाओं को बेहतर गवर्नेंस की जानकारी को जरूरी बताया।
पीयू में पॉलिटिकल गवर्नेंस कोर्स शुरू करने की वकालत
किरण बेदी ने यूनिवर्सिटी स्तर पर पॉलिटिकल गवर्नेंस कोर्स शुरू करने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि युवाओं को लॉ, इंजीनियरिंग की तरह राजनीति में आने के लिए तैयार किया जाना चाहिए।
कुलपति प्रो.अरुण कुमार ग्रोवर ने बेदी के सुझाव पर अमल करने का आश्वासन दिया और 2017-18 से यह कोर्स शुरू करने की बात कही। बेदी ने कहा कि युवाओं को कोर्स के साथ राजनीति की इंटर्नशिप भी करनी चाहिए। आज के युवा राजनीति में आने के लिए तोड़फोड़, निंदा और गलत भाषणों का प्रयोग करते हैं। बेदी ने यूनिवर्सिटी को राजनीति का अखाड़ा नहीं बनाने की हिदायत भी दी।
देव के तबादले पर किरण बेदी ने साधी चुप्पी
चंडीगढ़ प्रशासन में किरण बेदी और पूर्व एडवाइजर विजय कुमार देव सबसे चर्चित अधिकारी रहे हैं। बेदी की चंडीगढ़ में आईजी के तौर पर नियुक्ति हुई। लेकिन गृहसचिव से विवाद के चलते 24 दिन बाद ही उनका तबादला कर दिया गया। किरण बेदी से जब पूर्व एडवाइजर विजय देव के अचानक तबादले पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने बचने की कोशिश की। बेदी ने कहा सिविल सर्विसेज में तबादले आम बात हैं।