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'जिंदगी भर की कमाई थे मेरे मेडल, चोरी हो गए पर देश के लिए नहीं कराऊंगा FIR'
रूबी सिंह/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 08 Jan 2018 09:46 AM IST
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Balbir Singh Senior
- फोटो : अमर उजाला
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हॉकी के महान खिलाड़ी, पूर्व ओलंपियन और पद्मश्री बलबीर सिंह सीनियर ने कहा कि ओलंपिक मेडल उनकी जिंदगी भर की कमाई थे, जो स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई), पटियाला की लापरवाही से खो गए हैं। लेकिन देश की साख के लिए मैं एफआईआर दर्ज नहीं करवाऊंगा। मुझे मेरा देश खुद से ज्यादा अजीज है। मैं नहीं चाहता मेरी वजह से देश पर आंच आए।
बलबीर सिंह ने 1985 में स्पोर्ट्स म्यूजियम में रखने के लिए साई पटियाला को अपने 36 मेडल, 120 तस्वीरें और ओलंपिक के 2 ब्लेजर सौंपे थे। जिनके गुम होने की जानकारी उनको 2012 में उस समय मिली जब लंदन ओलंपिक में सम्मानित होने के लिए उनको आमंत्रित किया गया। लंदन ओलंपिक में सम्मानित होने वाले खिलाड़ियों को अपना कलेक्शन डिस्प्ले करना था। जब बलबीर सीनियर ने डिस्प्ले के लिए अपने मेडल साई से मांगे तो पता चला कि वे म्यूजियम से गुम हैं।
अमर उजाला से बातचीत में पूर्व हॉकी ओलंपियन बलबीर सीनियर ने कहा कि इसके बाद से वे अपने मेडल की तलाश में जुटे हुए हैं। उनको वापस पाने के लिए वे केंद्रीय खेल मंत्रालय, खेल मंत्रियों और साई अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। परंतु अभी तक उनके हाथ खाली हैं। उनका कहना है कि अपनी धरोहर को वापस पाने की ललक तो है, लेकिन इसके लिए वे पुलिस का सहारा कभी नहीं लेंगे। उन्होंने कहा कि वे देश के लिए खेले हैं। यह देश ही उनकी जिंदगी है, भले ही हॉकी उनका पहला प्यार है पर देश से बढ़कर कुछ नहीं है। यदि वे एफआईआर दर्ज कराते हैं, तो विदेश में भी यह सुर्खियां बनेगी, जो उन्हें स्वीकार नहीं है। बलबीर सिंह सीनियर इन दिनों अपनी बेटी के साथ चडीगढ़ सेक्टर-36 में रह रहे हैं।
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बलबीर सिंह ने 1985 में स्पोर्ट्स म्यूजियम में रखने के लिए साई पटियाला को अपने 36 मेडल, 120 तस्वीरें और ओलंपिक के 2 ब्लेजर सौंपे थे। जिनके गुम होने की जानकारी उनको 2012 में उस समय मिली जब लंदन ओलंपिक में सम्मानित होने के लिए उनको आमंत्रित किया गया। लंदन ओलंपिक में सम्मानित होने वाले खिलाड़ियों को अपना कलेक्शन डिस्प्ले करना था। जब बलबीर सीनियर ने डिस्प्ले के लिए अपने मेडल साई से मांगे तो पता चला कि वे म्यूजियम से गुम हैं।
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अमर उजाला से बातचीत में पूर्व हॉकी ओलंपियन बलबीर सीनियर ने कहा कि इसके बाद से वे अपने मेडल की तलाश में जुटे हुए हैं। उनको वापस पाने के लिए वे केंद्रीय खेल मंत्रालय, खेल मंत्रियों और साई अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। परंतु अभी तक उनके हाथ खाली हैं। उनका कहना है कि अपनी धरोहर को वापस पाने की ललक तो है, लेकिन इसके लिए वे पुलिस का सहारा कभी नहीं लेंगे। उन्होंने कहा कि वे देश के लिए खेले हैं। यह देश ही उनकी जिंदगी है, भले ही हॉकी उनका पहला प्यार है पर देश से बढ़कर कुछ नहीं है। यदि वे एफआईआर दर्ज कराते हैं, तो विदेश में भी यह सुर्खियां बनेगी, जो उन्हें स्वीकार नहीं है। बलबीर सिंह सीनियर इन दिनों अपनी बेटी के साथ चडीगढ़ सेक्टर-36 में रह रहे हैं।
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मेडल देश को करूंगा समर्पित
Balbir Singh Senior
- फोटो : अमर उजाला
खेल मंत्री राठौड़ ने मेडल दिलाने का दिया आश्वासन
94 वर्षीय पद्मश्री बलबीर सिंह सीनियर के परिवार नेे खोए मेडल के संबंध में सितंबर 2017 में केंद्रीय खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ से मुलाकात की । राठौड़ ने उन्हें मेडल दिलाने का आश्वासन तो दिया, लेकिन अभी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। परिवार के लोग बताते हैं कि इससे पहले 17 मई 2017 को खेल सचिव इंजेती श्रीनिवास ने साई की ओर से एफआईआर कराने की पेशकश की, लेकिन अब तक ऐसानहीं हुआ है। उनका कहना है कि साई क ी तरफ से पटियाला पुलिस में मेडल के मिसिंग की रिपोर्ट दी गई है।
ब्लेजर की तारीख तक एनआईएस ने गलत दर्ज करवाई: सुशबीर कौर
बलबीर सिंह सीनियर की बेटी सुशबीर एवं बेटे कबीर ने बताया कि साई की ओर से पुलिस को दी गई मिसिंग की सूचना भी सही नहीं है। मिसिंग रिपोर्ट में बताया गया है कि ब्लेजर 10 जुलाई 2017 से नहीं मिल रहा है। जबकि बलबीर सिंह ने जब साई पटियाला से आरटीआई के जरिये मेडल और अन्य सामान के बारे में जानकारी मांगी थी तो जुलाई 2012 में उनको लिखित जानकारी दी थी कि ब्लेजर नहीं मिल रहा है।
मेडल देश को करूंगा समर्पित
बलबीर सिंह सीनियर ने कहा कि यदि उनको यह मेडल वापस मिल जाता है तो वह उसे देश को समर्पित कर देंगे।
94 वर्षीय पद्मश्री बलबीर सिंह सीनियर के परिवार नेे खोए मेडल के संबंध में सितंबर 2017 में केंद्रीय खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ से मुलाकात की । राठौड़ ने उन्हें मेडल दिलाने का आश्वासन तो दिया, लेकिन अभी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। परिवार के लोग बताते हैं कि इससे पहले 17 मई 2017 को खेल सचिव इंजेती श्रीनिवास ने साई की ओर से एफआईआर कराने की पेशकश की, लेकिन अब तक ऐसानहीं हुआ है। उनका कहना है कि साई क ी तरफ से पटियाला पुलिस में मेडल के मिसिंग की रिपोर्ट दी गई है।
ब्लेजर की तारीख तक एनआईएस ने गलत दर्ज करवाई: सुशबीर कौर
बलबीर सिंह सीनियर की बेटी सुशबीर एवं बेटे कबीर ने बताया कि साई की ओर से पुलिस को दी गई मिसिंग की सूचना भी सही नहीं है। मिसिंग रिपोर्ट में बताया गया है कि ब्लेजर 10 जुलाई 2017 से नहीं मिल रहा है। जबकि बलबीर सिंह ने जब साई पटियाला से आरटीआई के जरिये मेडल और अन्य सामान के बारे में जानकारी मांगी थी तो जुलाई 2012 में उनको लिखित जानकारी दी थी कि ब्लेजर नहीं मिल रहा है।
मेडल देश को करूंगा समर्पित
बलबीर सिंह सीनियर ने कहा कि यदि उनको यह मेडल वापस मिल जाता है तो वह उसे देश को समर्पित कर देंगे।