Nuh Violence: भूपेंद्र हुड्डा बोले- हरियाणा पुलिस हर स्थिति से निपटने में सक्षम, सही मार्गदर्शन की जरूरत
नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में हुड्डा ने कहा कि जुलाई में ही गुरुग्राम में जी-20 की मीटिंग हुई, जिसमें अपराध और सुरक्षा विषय पर चर्चा की गई। हुड्डा ने सवाल उठाया कि क्या सुरक्षा सिर्फ सत्ता में बैठे हुए लोगों के लिए है? आम नागरिक सुरक्षा के लिए किसके पास जाए? सरकार को पता होना चाहिए कि प्रत्येक नागरिक को सुरक्षा देना सरकार का काम है।
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हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के सुरक्षा को लेकर दिए गए बयान पर पलटवार किया है। हुड्डा ने कहा कि वह खुद दो बार प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं, उन्हें पता है कि हरियाणा पुलिस हर स्थिति से निपटने के लिए सक्षम है, बस उसे सही मार्गदर्शन की जरूरत है लेकिन हैरत की बात है कि मुख्यमंत्री नागरिकों की सुरक्षा को लेकर दुर्भाग्यपूर्ण बयान देते हैं। मुख्यमंत्री कहते हैं कि पुलिस सभी को सुरक्षा नहीं दे सकती।
नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में हुड्डा ने कहा कि जुलाई में ही गुरुग्राम में जी-20 की मीटिंग हुई, जिसमें अपराध और सुरक्षा विषय पर चर्चा की गई। हुड्डा ने सवाल उठाया कि क्या सुरक्षा सिर्फ सत्ता में बैठे हुए लोगों के लिए है? आम नागरिक सुरक्षा के लिए किसके पास जाए? सरकार को पता होना चाहिए कि प्रत्येक नागरिक को सुरक्षा देना सरकार का काम है लेकिन मौजूदा सरकार के रवैये के चलते ही आज हरियाणावासी खुद को देश में सबसे ज्यादा असुरक्षित महसूस करते हैं।
उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट की निगरानी में नूंह हिंसा की न्यायिक जांच होनी चाहिए। दंगा भड़काने और दंगा करने वालों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। हुड्डा ने कहा है कि हिंसा भाजपा-जजपा सरकार की विफलता का नतीजा है। क्योंकि खुद भाजपा के नेता और केंद्र में मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने भी इस बात को माना है। मामले की संवेदनशीलता और हालत को समझने व एहतियाती कदम उठाने में सरकार पूरी तरह फेल साबित हुई। यहां तक कि स्थानीय पुलिस ने सरकार को पहले ही रिपोर्ट दे दी थी। बावजूद इसके सरकार द्वारा उचित कदम नहीं उठाए गए।
नूंह घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ें सीएम : दीपेंद्र हुड्डा
राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने मांग की है कि नूंह की घटनाओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री तुरंत अपना पद छोड़ें। उन्होंने मुख्यमंत्री के उस बयान को गैर जिम्मेदाराना बताया, जिसमें उन्होंने कहा कि ‘हर व्यक्ति को सुरक्षा नहीं दी जा सकती। मुख्यमंत्री के इस बयान से न केवल आम जनता का मनोबल टूटेगा बल्कि अपराधियों के हौसले भी बढ़ेंगे।
हुड्डा ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षा प्रदान करना सरकार का पहला काम है, जो सरकार अपने नागरिकों को सुरक्षा नहीं दे सकती, उसे एक पल भी सत्ता में रहने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि नूंह की घटनाएं या तो सरकार की मिलीभगत है या उसकी नाकामी है। प्रदेश की जनता का इस सरकार से पूरी तरह से विश्वास उठ चुका है।
सीएम जनता की सुरक्षा नहीं कर सकते तो सत्ता में रहने का अधिकार नहीं : सैलजा
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव कुमारी सैलजा ने भी मुख्यमंत्री मनोहर लाल पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री प्रदेश के हर व्यक्ति की सुरक्षा नहीं कर सकते तो उन्हें सत्ता में रहने का अधिकार नहीं है। उन्हें तुरंत त्यागपत्र दे देना चाहिए। फिर जनता जिसके हाथों में खुद को सुरक्षित महसूस करेगी, उसे चुन लेगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का यह बयान किसी भी हरियाणवी को स्वीकार नहीं है कि हर व्यक्ति की सुरक्षा पुलिस नहीं कर सकती। जबकि पौने तीन करोड़ हरियाणवियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रदेश सरकार के पास है। यह प्रदेश सरकार को देखना होगा कि वह अपने नागरिकों को कैसे सुरक्षित रख सकती है।