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बेमिसाल: बचपन में किया वायदा पूरा किया, दोस्तों को हेलीकॉप्टर से आसमान में घुमाया
ब्यूरो/अमर उजाला, अंबाला कैंट(हरियाणा)
Updated Tue, 25 Apr 2017 09:28 AM IST
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हेलीकॉप्टर लेकर आया, दोस्तों को आसमान की सैर कराई
वाह दोस्ती हो तो ऐसी। देहरादून से अपना हेलीकॉप्टर लेकर आया और बचपन में दोस्तों से किया वायदा पूरा करते हुए उन्हें आसमान की सैर कराई। मामला अंबाला कैंट के बराड़ा का है। थंबड़ गांव के जंगबीर ने अपने दोस्तों को आसमान में सैर करवाने का वादा पूरा कर ही दिया। बचपन में कभी कागज के जहाज बनाकर उड़ाने वाला पूर्व डीआईजी और दो बार राष्ट्रपति पदक से सम्मानित जंगबीर सिंह चौहान रविवार को हेलीकाप्टर लेकर गांव थंबड़ पहुंच गया।
गांव के लोग यह देखकर हैरान हो गए कि आखिर कौन हेलीकाप्टर लेकर पहुंचा है। वे देहरादून से अंबाला के बराड़ा स्थित गांव थंबड़ पहुंचे थे। जंगबीर ने गांव थंबड़ के राजकीय स्कूल से अपनी प्रारंभिक शिक्षा हासिल की। इसके बाद वह बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से स्नातक पास किया और बाद में मर्चेंट नेवी में भर्ती हुए। इसके बाद इंडियन कॉस्ट गार्ड में डीआईजी पद से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर सिविल एविएशन में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
जंगबीर ने बताया कि बचपन में वे अपने दोस्तों के साथ गलियों में कागज के जहाज बनाकर उड़ाया करते थे। उनका सपना था कि वे हवाई जहाज उड़ाएंगे। इसी को लेकर मन में सपना पाल लिया और इसी ओर कदम बढ़ा लिए और यह सपना पूरा किया। साथ ही उन्होंने अपने दोस्तों से वायदा किया था कि वह एक दिन उनको आसमान में सैर करवाएगा। रविवार को जंगबीर सिंह चौहान गांव थंबड़ में हेलीकाप्टर लेकर पहुंच गए अपने दोस्तों के साथ किए वायदे को पूरा करने के लिए।
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गांव के लोग यह देखकर हैरान हो गए कि आखिर कौन हेलीकाप्टर लेकर पहुंचा है। वे देहरादून से अंबाला के बराड़ा स्थित गांव थंबड़ पहुंचे थे। जंगबीर ने गांव थंबड़ के राजकीय स्कूल से अपनी प्रारंभिक शिक्षा हासिल की। इसके बाद वह बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से स्नातक पास किया और बाद में मर्चेंट नेवी में भर्ती हुए। इसके बाद इंडियन कॉस्ट गार्ड में डीआईजी पद से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर सिविल एविएशन में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
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जंगबीर ने बताया कि बचपन में वे अपने दोस्तों के साथ गलियों में कागज के जहाज बनाकर उड़ाया करते थे। उनका सपना था कि वे हवाई जहाज उड़ाएंगे। इसी को लेकर मन में सपना पाल लिया और इसी ओर कदम बढ़ा लिए और यह सपना पूरा किया। साथ ही उन्होंने अपने दोस्तों से वायदा किया था कि वह एक दिन उनको आसमान में सैर करवाएगा। रविवार को जंगबीर सिंह चौहान गांव थंबड़ में हेलीकाप्टर लेकर पहुंच गए अपने दोस्तों के साथ किए वायदे को पूरा करने के लिए।
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करीब सौ लोगों को करवाई आसमान की सैर
चौपर हेलीकॉप्टर
जैसे ही जंगबीर गांव में हेलीकाप्टर लेकर उतरे तो एक बार ग्रामीण भी भौचक्के रह गए। ग्रामीणों को लगा कि शायद कोई वीआईपी गांव में पहुंचा है। धीरे-धीरे गांव में लोगों का जमावड़ा हेलीकाप्टर देखने के लिए पहुंच गए। जब हेलीकाप्टर से जंगबीर सिंह चौहान उतरे तो पता चला कि यह गांव का ही रहने वाला है, जो हेलीकाप्टर लेकर पहुंचा है। इसके बाद तो लोगों की अच्छी खासी भीड़ मौके पर जमा हो गई। इस दौरान पुलिस ने भी लोगों को काबू किया। जंगबीर सिंह चौहान ने एक-एक कर करीब सौ लोगों को आसमान की सैर करवाई और अपने दोस्तों के साथ किया गया वायदा पूरा किया।
दो बार राष्ट्रपति अवार्ड से सम्मानित
जंगबीर सिंह चौहान को दो बार राष्ट्रपति अवार्ड से सम्मानित किया गया। कई बार उन्होंने सरकार द्वारा दिए गए टास्क को भी पूरा किया। उन्होंने बताया कि एक बार लक्षदीप में एयर एंबुलेंस के पायलट रहते हुए समुद्र में करीब 60 मील दूर नौका पलटने की सूचना मिली थी। इसी पर कार्रवाई करते हुए उन्होंने 27 लोगों को रेसक्यू किया। इसी तरह सीआरपीएफ के एंटी नक्सल कार्रवाई के दौरान भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं।
दो बार राष्ट्रपति अवार्ड से सम्मानित
जंगबीर सिंह चौहान को दो बार राष्ट्रपति अवार्ड से सम्मानित किया गया। कई बार उन्होंने सरकार द्वारा दिए गए टास्क को भी पूरा किया। उन्होंने बताया कि एक बार लक्षदीप में एयर एंबुलेंस के पायलट रहते हुए समुद्र में करीब 60 मील दूर नौका पलटने की सूचना मिली थी। इसी पर कार्रवाई करते हुए उन्होंने 27 लोगों को रेसक्यू किया। इसी तरह सीआरपीएफ के एंटी नक्सल कार्रवाई के दौरान भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं।