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Chandigarh: अमीर ले रहे गरीबों का गेहूं, DBT का पैसा भी, एक जनवरी से 68 हजार परिवारों का होगा वेरिफिकेशन

Fri, 30 Dec 2022 03:26 PM IST
ajay kumar रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Fri, 30 Dec 2022 03:26 PM IST
सार

खाद्य विभाग ने कुछ महीने पहले भी राशन कार्ड की जांच की प्रक्रिया शुरू की थी लेकिन गेहूं बांटने का काम शुरू होने की वजह से जांच को रोक दिया गया। इस दौरान करीब 1900 परिवार ऐसे मिले, जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत नहीं आते थे। इन सभी के राशन कार्ड को रद्द किया गया।

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Food department will verify 68 thousand families in Chandigarh
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : istock

विस्तार

चंडीगढ़ में करीब 68 हजार परिवारों को खाद्य विभाग मुफ्त गेहूं और खाते में राशन का पैसा भेजा जा रहा है। इनमें से कई परिवार ऐसे हैं, जो संपन्न हैं। उनके घर में एसी भी लगा है, गाड़ी भी है। खाद्य विभाग ने फैसला लिया है कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) का लाभ ले रहे सभी कार्डधारकों का सत्यापन कराया जाएगा। इस प्रक्रिया को एक जनवरी से शुरू करने की योजना है।

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राशन कार्डों की जांच कई तरह से की जा सकती है। खाद्य विभाग की ओर से आरएलए व बिजली विभाग से डाटा लिया जा सकता है, ताकि आधार कार्ड के माध्यम से यह पता लगाया जा सके कि किस-किस कार्ड होल्डर व परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर गाड़ी पंजीकृत है। इसके अलावा बिजली विभाग से भी व्यक्ति के मासिक बिजली खपत की जानकारी ली जा सकती है, क्योंकि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के तहत इस योजना का लाभ सिर्फ वही परिवार ले सकते हैं, जिनकी महीने की बिजली की खपत 300 यूनिट से कम है। विभाग के पास कई लोगों की शिकायतें भी पहुंचती हैं, उसके आधार पर भी कार्रवाई की जाएगी। विभाग की ओर से टीमें बनाकर लोगों के घरों की फिजिकल वेरिफिकेशन भी कराई जाएगी।
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दो महीने पहले सैकड़ों कार्ड किए थे रद्द
खाद्य विभाग ने कुछ महीने पहले भी राशन कार्ड की जांच की प्रक्रिया शुरू की थी लेकिन गेहूं बांटने का काम शुरू होने की वजह से जांच को रोक दिया गया। इस दौरान करीब 1900 परिवार ऐसे मिले, जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत नहीं आते थे। इन सभी के राशन कार्ड को रद्द किया गया। विभाग ने जून 2021 में भी कई कार्डधारकों की जांच कराई थी, जिसके बाद करीब 2000 राशन कार्डों को रद्द किया गया था। बता दें कि खाद्य विभाग जांच के बाद राशन कार्ड को रद्द करने के साथ नए कार्ड बनाने का भी काम कर रहा है। दो महीने में विभाग ने करीब 5000 नए राशन कार्ड बनाए हैं। ये कार्ड जांच की प्रक्रिया को पूरा करने के बाद बनाए गए हैं।
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मनोनीत पार्षद गीता का राशन कार्ड भी हो सकता है रद्द
बीते दिनों नगर निगम सदन की बैठक में आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने मनोनीत पार्षद गीता चौहान पर आरोप लगाया कि सक्षम होने के बावजूद वह मुफ्त का गेहूं ले रही हैं और डीबीटी की लाभार्थी हैं। गीता चौहान ने भी सदन में माना कि वह राशन लेती हैं लेकिन गरीबों को दान दे देती हैं। इस मुद्दे पर खाद्य निदेशक रूपेश कुमार ने कहा कि खाद्य विभाग इसकी जांच कराएगा और अगर सही पाया जाएगा तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


इन परिवारों का राशन कार्ड हो सकता है रद्द

  • राशन कार्ड बनवाया और चंडीगढ़ छोड़कर गांव में जा बसे
  • विभाग को दिए पते पर रहते ही नहीं
  • बड़ा घर है और एसी लगा हुआ है 
  • आरएलए के डाटा के अनुसार, कार्डधारक के नाम गाड़ी पंजीकृत 
  • बिजली की खपत 300 यूनिट से कई गुना ज्यादा

 

विभाग की तरफ से एक जनवरी से कार्डों की जांच की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए तैयारी की जा चुकी है। जांच के दौरान जो भी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत नहीं आता मिलेगा, उनके कार्ड को रद्द किया जाएगा। - रूपेश कुमार, निदेशक, खाद्य विभाग।

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