फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   flat transfer fees of housing project now easier and Cheap in chandigarh

बड़ी राहत, सीएचबी के फ्लैट्स ट्रांसफर कराना अब सस्ता, जानिए कितना?

Fri, 01 Jul 2016 01:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 01 Jul 2016 01:37 AM IST
विज्ञापन
flat transfer fees of housing project now easier and Cheap in chandigarh
सीएचबी - फोटो : DEMO Pics

सेक्टर-63 के हाउसिंग प्रोजेक्ट में अब फ्लैट खरीद कर ट्रांसफर कराना एक लाख रुपये सस्ता हो गया है। सीएचबी बोर्ड की वीरवार को होने वाली बैठक में यह निर्णय लिया गया है।

विज्ञापन

यह एक लाख का वन टाइम चार्ज हाउसिंग बोर्ड ने एक मार्च को फ्लैट्स से 5 साल की लॉकिंग पीरियड  की शर्त हटाने के बदले में लगाई थी। लेकिन अब ट्रांसफर फीस के साथ अतिरिक्त लिया जाने वाले एक लाख रुपये की फीस नहीं लगेगी।
विज्ञापन


साथ ही बुधवार को सिटीजन चार्टर समय की कमी के कारण पास नहीं हो पाया है। सदस्यों ने निर्णय लिया कि सिटीजन चार्टर पर ज्यादा चर्चा की जरूरत है। इसलिए जुलाई में होने वाली बैठक में चार्टर को पास किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


बोर्ड की बैठक में सदस्यों ने यह भी मामला उठाया कि इस समय जिन मकानों की ट्रांसफर फीस 15 प्रतिशत चार्ज की जा रही है, वह काफी ज्यादा है इसे 5 प्रतिशत किया जाए। इस पर निर्णय लिया गया कि अगली बैठक में जब सिटीजन चार्टर पास किया जाएगा तो ट्रांसफर फीस को कराई जाएगी।

अधिकारियों के फोन के बिल पर कटौती
बोर्ड की बैठक में अधिकारियों के फोन बिल (लैंडलाइन और मोबाइल) की सीमा 9 हजार रुपये तय की गई। इससे पहले माह में आने वाले बिल की कोई सीमा नहीं थी। कई अधिकारियों के हर माह बिल 20 हजार रुपये तक आते थे। ऐसे में अब 9 हजार से ज्यादा का मासिक बिल आने पर अधिकारी खुद जेब से इसका भुगतान करेंगे। इससे पहले कोई सीमा नहीं थी।

हैंडसेट जमा न कराने वालों के वेतन में से कटेगी राशि
बोर्ड की बैठक में निर्णय लिया गया कि जिन अधिकारियों और कर्मचारियों ने सरकारी मोबाइल सेट अभी तक जमा नहीं कराए हैं, उनके वेतन से राशि काट ली जाए। बोर्ड ने दो माह पहले यह निर्णय लिया था कि अब सरकारी खजाने से किसी को भी मोबाइल नहीं लेकर दिया जाएगा। पहले से मिले फोन भी वापस किए जाएंगे। बोर्ड के एक्स ऑफिशयल सदस्य प्रेम कौशिक के अनुसार कई कर्मचारियों ने तो फैसले के बाद अब मोबाइल चोरी होने की डीडीआर दर्ज कराने के बाद प्रति भी जमा कराई है, जबकि उन्हें भी राशि का भुगतान करना होगा।

कैंप ऑफिस के खर्च का भी मामला आया लेकिन चर्चा नहीं

flat transfer fees of housing project now easier and Cheap in chandigarh
वकील - फोटो : demo pics

बैठक में सीईओ डॉ. एसबी दीपक कुमार ने अपने सरकारी घर (कैंप ऑफिस) और खरीदे गए सामान पर 22 लाख 94 हजार रुपये का खर्च हाउसिंग बोर्ड के सरकारी खजाने से होेने का मामला एक बार फिर से बोर्ड में आया, लेकिन इस पर चर्चा नहीं हुई।

तीन माह पहले बोर्ड के सदस्यों ने निर्णय लिया था कि कोई अधिकारी अगर सरकारी मकान पर खर्च करता है तो उसकी क्या प्रक्रिया है। इस पर पॉलिसी बनानी चाहिए। इसलिए यह मुद्दा फिर से चर्चा के लिए आया लेकिन समय कम होने के कारण इस पर चर्चा नहीं हुई। साथ ही सीईओ दीपक कुमार भी बैठक में मौजूद नहीं थे, वह छुट्टी लेकर शहर से बाहर गए हैं।

मालूम हो कि जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि सीईओ ने इस खर्च का निर्णय अपने स्तर पर लिया है। बोर्ड और चेयरमैन से यह खर्च पास नहीं कराया है।

लिफ्टें खराब होने का मामला भी गरमाया
सीएचबी बोर्ड की बैठक में सेक्टर-63 के हाउसिंग प्रोजेक्ट में लिफ्टें खराब होने का मामला भी गरमाया। बोर्ड के सदस्य प्रेम कौशिक का कहना है कि बंद लिफ्टों को ठीक कराने के लिए कहा गया है। मालूम हो कि पिछले साल अक्तूबर में ही इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन हुआ है और इतनी जल्दी लिफ्टें खराब हो रही हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed