विभागीय परीक्षा में फेल कर्मचारियों पर गिरी गाज, चार एसडीओ सहित पांच किए गए बर्खास्त
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हरियाणा के बिजली वितरण निगमों ने 4 एसडीओ व एक अकाउंटेंट को बर्खास्त कर दिया है, जबकि 7 एसडीओ रिवर्ट किए गए हैं। विभागीय परीक्षा पास न करने के चलते यह कार्रवाई की गई है। बर्खास्त किए गए एसडीओ 2009 में लगे थे। भर्ती के लिए निकले विज्ञापन में विभागीय परीक्षा पास करने का उल्लेख नहीं किया गया था। नियुक्ति के समय ऑफर लेटर में यह शर्त जोड़ दी गई।
वितरण निगमों में कार्यरत एसडीओ के अनुसार वे दिन रात काम में लगे रहते हैं। रात में भी वह सो नहीं पाते, क्योंकि मोबाइल आते रहते हैं। एग्जाम की तैयारी का समय ही नहीं मिलता। आल हरियाणा पावर कारपोरेशनज वर्कर यूनियन ने इस निर्णय पर सवाल उठाए हैं। यूनियन ने इस निर्णय और गुरुग्राम सर्कल की 5 सब डिवीजनों को निजी हाथों में देने के खिलाफ प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ने का एलान कर दिया है।
यूनियन के राज्य प्रधान सुरेश राठी व महासचिव नरेश कुमार ने बताया कि आंदोलन के निर्णय के तहत 14 नवंबर को प्रदेश की सब डिवीजनों में प्रदर्शन किए जाएंगे। गुरुग्राम में सर्कल कार्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा। प्रर्दशनों के बाद उप मंडल अधिकारियों को ज्ञापन दिए जाएंगे। उन्होंने दो टूक कहा कि इसके बाद राज्य कार्यकारिणी की मीटिंग बुलाकर अगले आंदोलन का निर्णय लिया जाएगा।
सोमवार को यूनियन का शिष्टमंडल बिजली वितरण निगमों के चेयरमैन से मिला था और सभी मुद्दे उनके समक्ष रखे थे। लेकिन, चेयरमैन यूनियन को संतुष्ट नही कर पाए। इसलिए यूनियन को आंदोलन छेड़ने का निर्णय लेने पर मजबूर होना पड़ा है। तीन साल पहले भी गुरुग्राम में 7 सब डिवीजन का आपरेशन एवं मैंटीनेंस का काम निजी हाथों में दिया गया था, जो बुरी तरह विफल रहा। उसके बाद निगमों के कर्मचारियों ने ही बिजली आपूर्ति सुचारू रूप से चलाने का काम किया था।
सीएम के आदेश भी नहीं हुए लागू
यूनियन के चेयरमैन देवेंद्र हुड्डा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुभाष लांबा व उप प्रधान एनपी सिंह चौहान ने बताया कि बीते बीस जुलाई को मुख्यमंत्री के साथ सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा की मीटिंग में एसए की नई भर्ती होने के बाद आउटसोर्सिंग नीति पार्ट-2 के विरुद्ध ठेकेदारों के मार्फत लगे डीसी रेट अनुबंध कर्मियों को ठेकेदारों को बीच से हटाकर पार्ट दो में करने और पहले से सीधे निगमों के रोल पर लगे डीसी रेट अनुबंध कर्मियों को ठेकेदारों के मार्फत न करने के निर्देश दिए थे।
मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव के कहने के बावजूद कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। मुख्यमंत्री के कहने के बावजूद बिजली निगमों के पेंशनर्ज की पेंशन सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार संशोधित नहीं की गई है। सरकार के लिखित आदेश के बावजूद डीसी रेट अनुबंध कर्मियों की 8-9 जनवरी 2019 की हड़ताल अवधि की छुट्टियां पास नहीं की जा रही। बार बार कहने के बावजूद सब स्टेशनों पर पुरानी यार्ड स्टीक के अनुसार सात कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं कर रहे।