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चंडीगढ़ः धनास लेक में तीसरे साल भी मछलियां मरीं, ये रही वजह
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 21 Aug 2017 12:17 PM IST
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धनास लेक में मरी मिली मछलियां
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चंडीगढ़ स्थित धनास लेक में लगातार तीसरे साल काफी मछलियां मरी हुई मिली, जिसके चलते आसपास के लोगों में सनसनी फैली हुई। रविवार सुबह काफी मछलियां मरी मिलीं। पर्यावरण विभाग मछलियों की मौत के लिए आक्सीजन की कमी और बारिश को कारण बता रहा है, जबकि यहां सैर करने वाले पर्यावरण विभाग को दोषी ठहरा रहे हैं। उनका कहना है कि विभाग ने लेक के पानी की सफाई नहीं करवाई जिसके कारण गंदगी होने से मछलियों की मौत हुई है। गौरतलब है कि पिछले तीन साल से लगातार धनास लेक में मछलियां मर रही हैं।
मछलियां मरने से फैली दुर्गंध
धनास की लेक का रखरखाव पर्यावरण विभाग ही करता है। लेक में बुरी तरह से काई जमी हुई है। रविवार को वन विभाग के कर्मचारियों ने मरी हुई मछलियों को किश्ती की मदद से पानी से निकाला। मछलियां मरने से सुबह सैर करने वालो को दुर्गंध का भी सामना करना पड़ा। पिछले साल यहां पर पानी के बीच सोलर प्लांट भी लगाया गया है।
आक्सीजन देने वाला यंत्र खराब
वन विभाग के अनुसार इस सोलर प्लांट से एक यंत्र की मदद से मछलियों को आक्सीजन भी दी जाती है इसके साथ ही यह पानी साफ करने में भी मददगार साबित होता है लेकिन यह यंत्र भी चल नहीं रहा है।
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गंदगी से हुई मछलियों की मौत
हाउसिंग बोर्ड रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सरदार सुखदेव सिंह का कहना है कि लेक की कभी भी सफाई नहीं होती है। गंदगी फैली हुई है जिस कारण मछलियों की मौत हुई है। उनका कहना है कि लेक के रखरखाव पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। यहां पर लाइटें भी टूटी हुई है जिस कारण शाम के बाद अंधेरा छा जाता है। उनका कहना है कि विभाग की लापरवाही के कारण मछलियों की मौत हुई है।
धनास लेक में रविवार को 10 से 15 मछलियां मरी मिलीं। धूप से सोलर प्लांट चलता है जिस कारण हो सकता है कि मछलियों को आक्सीजन न मिली हो। बारिश के कारण गंदगी भी हो जाती है। पूरे मामले पर विभाग की नजर है। लाइटें लगाने की जिम्मेवारी नगर निगम की है।
- संतोष कुमार, निदेशक, पर्यावरण विभाग
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मछलियां मरने से फैली दुर्गंध
धनास की लेक का रखरखाव पर्यावरण विभाग ही करता है। लेक में बुरी तरह से काई जमी हुई है। रविवार को वन विभाग के कर्मचारियों ने मरी हुई मछलियों को किश्ती की मदद से पानी से निकाला। मछलियां मरने से सुबह सैर करने वालो को दुर्गंध का भी सामना करना पड़ा। पिछले साल यहां पर पानी के बीच सोलर प्लांट भी लगाया गया है।
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आक्सीजन देने वाला यंत्र खराब
वन विभाग के अनुसार इस सोलर प्लांट से एक यंत्र की मदद से मछलियों को आक्सीजन भी दी जाती है इसके साथ ही यह पानी साफ करने में भी मददगार साबित होता है लेकिन यह यंत्र भी चल नहीं रहा है।
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गंदगी से हुई मछलियों की मौत
हाउसिंग बोर्ड रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सरदार सुखदेव सिंह का कहना है कि लेक की कभी भी सफाई नहीं होती है। गंदगी फैली हुई है जिस कारण मछलियों की मौत हुई है। उनका कहना है कि लेक के रखरखाव पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। यहां पर लाइटें भी टूटी हुई है जिस कारण शाम के बाद अंधेरा छा जाता है। उनका कहना है कि विभाग की लापरवाही के कारण मछलियों की मौत हुई है।
धनास लेक में रविवार को 10 से 15 मछलियां मरी मिलीं। धूप से सोलर प्लांट चलता है जिस कारण हो सकता है कि मछलियों को आक्सीजन न मिली हो। बारिश के कारण गंदगी भी हो जाती है। पूरे मामले पर विभाग की नजर है। लाइटें लगाने की जिम्मेवारी नगर निगम की है।
- संतोष कुमार, निदेशक, पर्यावरण विभाग