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अब PGI आने वालों को नहीं भटकना पड़ेगा, 300 बेड की सराय तैयार
विशाल पाठक/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 16 Nov 2017 09:16 AM IST
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300 बेड की पहली एयर कंडिशंड सराय तैयार
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अब पीजीआई में इलाज के लिए आने वाले मरीजों व उनके तामीरदारों को छत के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा। पीजीआई चंडीगढ़ में शहर की पहली फुली एयर कंडिशंड सराय बनकर तैयार हो गई है। सराय में सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, ताकि मरीजों व उनके तामीरदारों को किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो। चंडीगढ़ के डीसी अजित बालाजी जोशी की देखरेख में इस प्रोजेक्ट को पूरा किया गया है। चंडीगढ़ में बतौर डीसी ज्वाइन करते ही आईएएस अजित बालाजी जोशी इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में दिन रात जुटे थे। जोकि अब पूरा हो चुका है।
बता दें कि पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और उत्तर प्रदेश से रोजाना हजारों की संख्या में मरीज यहां अपना इलाज कराने के लिए आते हैं। मरीजों के साथ उनके केयरटेकर भी आते हैं। मरीज के इलाज के दौरान शहर में रुकने के लिए यहां होटलों व अन्य सराय काफी खर्च करना पड़ता है। जो लोग ज्यादा खर्च नहीं कर सकते, उन्हें खुले आसमान के नीचे रात नहीं गुजारनी पड़ती थी। लेकिन अब प्रशासन की इस पहल से लोगों को फायदा होगा। कें द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने 9 सितंबर 2016 को पीअीआई चंडीगढ़ में बनने वाले इस सराय का नींव पत्थर रखा था।
इनफोसिस फाउंडेशन रेडक्रॉस सराय रखा गया नाम
पीजीआई चंडीगढ़ में 300 बेड की सराय बनाई गई है, उसका नाम इनफोसिस फाउंडेशन रेडक्रॉस सराय रखा गया है। यह सराय रेड क्रॉस सोसाइटी व इनफोसिस की मदद से बनाई गई है। कारपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) फंड के तहत सराय बनाई गई है। सराय के निर्माण में आने वाले पूरा खर्च इनफोसिस द्वारा उठाया गया है। वहीं, केंद्र व यूटी प्रशासन की ओर से भी इसके निर्माण में सहयोग किया गया है।
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बता दें कि पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और उत्तर प्रदेश से रोजाना हजारों की संख्या में मरीज यहां अपना इलाज कराने के लिए आते हैं। मरीजों के साथ उनके केयरटेकर भी आते हैं। मरीज के इलाज के दौरान शहर में रुकने के लिए यहां होटलों व अन्य सराय काफी खर्च करना पड़ता है। जो लोग ज्यादा खर्च नहीं कर सकते, उन्हें खुले आसमान के नीचे रात नहीं गुजारनी पड़ती थी। लेकिन अब प्रशासन की इस पहल से लोगों को फायदा होगा। कें द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने 9 सितंबर 2016 को पीअीआई चंडीगढ़ में बनने वाले इस सराय का नींव पत्थर रखा था।
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इनफोसिस फाउंडेशन रेडक्रॉस सराय रखा गया नाम
पीजीआई चंडीगढ़ में 300 बेड की सराय बनाई गई है, उसका नाम इनफोसिस फाउंडेशन रेडक्रॉस सराय रखा गया है। यह सराय रेड क्रॉस सोसाइटी व इनफोसिस की मदद से बनाई गई है। कारपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) फंड के तहत सराय बनाई गई है। सराय के निर्माण में आने वाले पूरा खर्च इनफोसिस द्वारा उठाया गया है। वहीं, केंद्र व यूटी प्रशासन की ओर से भी इसके निर्माण में सहयोग किया गया है।
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डीसी का ड्रीम प्रोजेक्ट हुआ पूरा
पीजीआई
- फोटो : File Photo
सराय पर खर्च हुए 21 करोड़ रुपये
पीजीआई चंडीगढ़ में 300 बेड की जो सराय तैयार की गई है, उस पर कुल 21 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। सराय का निर्माण 65 हजार स्कवेयर फीट एरिया में किया गया है। इसके अलावा सराय में वेटिंग लॉन्ज, क्लॉक रूम, किचन, डाइनिंग, फार्मेसी, केमिस्ट शॉप आदि की भी व्यवस्था की गई है। इसके अलावा सराय के बेसमेंट में 40 से 50 वाहनों के लिए पार्किंग एरिया भी बनाया गया है। 300 बेड की इस सराय को फुली एयर कंडिशंड बनाया गया है। इसके अलावा सराय में लिफ्ट आदि की भी सुविधा की गई है। वहीं, सराय में लिफ्ट के अलावा आधुनिक लाइटिंग सिस्टम, हाई सिक्योरिटी उपकरण और वेंटिलेशन को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं।
सराय में फैमिली रूम भी बनाए गए
सराय में 13 फैमिली रूम भी बनाए गए हैं, इस पर करीब 1 करोड़ रुपए खर्च हुआ है। इन फैमिली रूम में सेपरेट बाथरूम व टायलेट, बेड, डाइनिंग व किचन की व्यवस्था की गई है। बाहरी राज्य से आकर अगर कोई मरीज पीजीआई चंडीगढ़ में इलाज कराने चाहें, तो मरीज व उसके तामीरदार यहां रुक सकेंगे। इसके लिए मरीज व उनके तामीरदारों काफी कम दाम पर यह रूम उपलब्ध कराए जाएंगे।
2016 में सराय बनाने के प्रोजेक्ट को मिली थी मंजूरी
वर्ष 2016 में पीजीआई चंडीगढ़ में 300 बेड की सराय बनाने की मंजूरी मिली थी। पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा की अध्यक्षता में गवर्निंग और इंस्टीट्यूट बॉडी के दौरान प्रशासन द्वारा पेशेंट्स के परिजनों के लिए तैयार की जाने वाली सराय के निर्माण के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई थी। सराय में मरीजों के परिजनों के लिए एयरकंडीशन हाल, रूम्स, मरीजों के लिए सस्ती दवा की दुकान, पीने के लिए साफ पानी की सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
डीसी का ड्रीम प्रोजेक्ट हुआ पूरा
डीसी अजित बालाजी जोशी का यह ड्रीम प्रोजेक्ट था, जोकि अब पूरा हो चुका है। बता दें कि इन दिनों डीसी अजित बालाजी जोशी की केंद्र सरकार में अप्वाइंट को लेकर चर्चा है। कभी भी डीसी अजित बालाजी जोशी को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का पर्सनल सेक्रेटरी अप्वाइंट किया जा सकता है। डीसी अजित बालाजी जोशी अपने इस ड्रीम प्रोजेक्ट को पूरा कर लोगों के हाथ में सौंपकर ही यहां से रवाना होंगे। सूत्रों के मुताबिक पीजीआई में तैयार की गई 300 बेड की सराय का उद्घाटन राष्ट्रपति कर सकते हैं, इसको लेकर प्रशासनिक स्तर पर प्रयास जारी हैं।
पीजीआई चंडीगढ़ में 300 बेड की जो सराय तैयार की गई है, उस पर कुल 21 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। सराय का निर्माण 65 हजार स्कवेयर फीट एरिया में किया गया है। इसके अलावा सराय में वेटिंग लॉन्ज, क्लॉक रूम, किचन, डाइनिंग, फार्मेसी, केमिस्ट शॉप आदि की भी व्यवस्था की गई है। इसके अलावा सराय के बेसमेंट में 40 से 50 वाहनों के लिए पार्किंग एरिया भी बनाया गया है। 300 बेड की इस सराय को फुली एयर कंडिशंड बनाया गया है। इसके अलावा सराय में लिफ्ट आदि की भी सुविधा की गई है। वहीं, सराय में लिफ्ट के अलावा आधुनिक लाइटिंग सिस्टम, हाई सिक्योरिटी उपकरण और वेंटिलेशन को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं।
सराय में फैमिली रूम भी बनाए गए
सराय में 13 फैमिली रूम भी बनाए गए हैं, इस पर करीब 1 करोड़ रुपए खर्च हुआ है। इन फैमिली रूम में सेपरेट बाथरूम व टायलेट, बेड, डाइनिंग व किचन की व्यवस्था की गई है। बाहरी राज्य से आकर अगर कोई मरीज पीजीआई चंडीगढ़ में इलाज कराने चाहें, तो मरीज व उसके तामीरदार यहां रुक सकेंगे। इसके लिए मरीज व उनके तामीरदारों काफी कम दाम पर यह रूम उपलब्ध कराए जाएंगे।
2016 में सराय बनाने के प्रोजेक्ट को मिली थी मंजूरी
वर्ष 2016 में पीजीआई चंडीगढ़ में 300 बेड की सराय बनाने की मंजूरी मिली थी। पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा की अध्यक्षता में गवर्निंग और इंस्टीट्यूट बॉडी के दौरान प्रशासन द्वारा पेशेंट्स के परिजनों के लिए तैयार की जाने वाली सराय के निर्माण के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई थी। सराय में मरीजों के परिजनों के लिए एयरकंडीशन हाल, रूम्स, मरीजों के लिए सस्ती दवा की दुकान, पीने के लिए साफ पानी की सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
डीसी का ड्रीम प्रोजेक्ट हुआ पूरा
डीसी अजित बालाजी जोशी का यह ड्रीम प्रोजेक्ट था, जोकि अब पूरा हो चुका है। बता दें कि इन दिनों डीसी अजित बालाजी जोशी की केंद्र सरकार में अप्वाइंट को लेकर चर्चा है। कभी भी डीसी अजित बालाजी जोशी को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का पर्सनल सेक्रेटरी अप्वाइंट किया जा सकता है। डीसी अजित बालाजी जोशी अपने इस ड्रीम प्रोजेक्ट को पूरा कर लोगों के हाथ में सौंपकर ही यहां से रवाना होंगे। सूत्रों के मुताबिक पीजीआई में तैयार की गई 300 बेड की सराय का उद्घाटन राष्ट्रपति कर सकते हैं, इसको लेकर प्रशासनिक स्तर पर प्रयास जारी हैं।