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Chandigarh News: जीएमएसएच 16 में 5वीं मंजिल पर लगी आग, 6 मरीजों को सुरक्षित निकाला
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चंडीगढ़: अस्पताल में आग जैसी स्थिति कितनी खतरनाक हो सकती है और उससे कैसे निपटा जाए, यह समझाने के लिए जीएमएसएच-16 में बुधवार को मॉक ड्रिल की गई। इसमें डॉक्टरों से लेकर सुरक्षा कर्मियों तक सभी ने मिलकर आपात स्थिति से निपटने का अभ्यास किया। यह फायर सेफ्टी वीक के तहत आयोजित फायर सेफ्टी मॉक ड्रिल थी।
डॉ. दीपिंदर सिंह के नेतृत्व और डॉ. गौरव पवार के समन्वय में हुई इस ड्रिल में 5वीं मंजिल पर आग लगने की काल्पनिक स्थिति बनाई गई। अलर्ट मिलते ही अस्पताल की इमरजेंसी प्रणाली सक्रिय हो गई। कैजुअल्टी से प्रशासन को सूचना दी गई और साथ ही ईआरएसएस-112 व सेक्टर-17 फायर स्टेशन को तुरंत अलर्ट किया गया।
ड्रिल का सबसे अहम हिस्सा छह मरीजों का सुरक्षित रेस्क्यू रहा, जिन्हें सीढ़ियों और खिड़की के माध्यम से बाहर निकालकर असेंबली एरिया तक पहुंचाया गया। वहां उनका रेड, येलो, ग्रीन और ब्लैक श्रेणी में ट्रायेज कर इलाज शुरू किया गया।
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फायर ब्रिगेड की टीम समय पर पहुंची और पूरे ऑपरेशन को सफलतापूर्वक संभाला। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की ड्रिल से न केवल स्टाफ की तैयारी मजबूत होती है, बल्कि वास्तविक आपात स्थिति में जान बचाने में भी मदद मिलती है।
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डॉ. दीपिंदर सिंह के नेतृत्व और डॉ. गौरव पवार के समन्वय में हुई इस ड्रिल में 5वीं मंजिल पर आग लगने की काल्पनिक स्थिति बनाई गई। अलर्ट मिलते ही अस्पताल की इमरजेंसी प्रणाली सक्रिय हो गई। कैजुअल्टी से प्रशासन को सूचना दी गई और साथ ही ईआरएसएस-112 व सेक्टर-17 फायर स्टेशन को तुरंत अलर्ट किया गया।
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ड्रिल का सबसे अहम हिस्सा छह मरीजों का सुरक्षित रेस्क्यू रहा, जिन्हें सीढ़ियों और खिड़की के माध्यम से बाहर निकालकर असेंबली एरिया तक पहुंचाया गया। वहां उनका रेड, येलो, ग्रीन और ब्लैक श्रेणी में ट्रायेज कर इलाज शुरू किया गया।
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फायर ब्रिगेड की टीम समय पर पहुंची और पूरे ऑपरेशन को सफलतापूर्वक संभाला। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की ड्रिल से न केवल स्टाफ की तैयारी मजबूत होती है, बल्कि वास्तविक आपात स्थिति में जान बचाने में भी मदद मिलती है।