फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Fines of 14.50 lakh on four different firms, hisar news

बोतल पर 1000 ग्राम का लेबल लगा बेच रहे थे 580 ग्राम सरसों का तेल, 10 लाख का जुर्माना

Sat, 18 Nov 2017 12:53 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार(हरियाणा) Updated Sat, 18 Nov 2017 12:53 AM IST
विज्ञापन
Fines of 14.50 lakh on four different firms, hisar news
mustard oil bottle
अतिरिक्त उपायुक्त की अदालत ने उपभोक्ताओं को धोखा देकर ठगी करने पर चार अलग-अलग फर्मों पर 14.50 लाख का जुर्माना लगाया गया है। इसमें सरसों के तेल की बोतल पर 1000 ग्राम का लेबल लगाकर उसमें 580 ग्राम पैक करने वाली फर्म पर 10 लाख का जुर्माना लगाया गया। 
विज्ञापन


 पुरानी सब्जी मंडी के पास सरसों के तेल की पैकिंग करने वाली एक फर्म की प्रशासनिक अधिकारियों ने जांच की। इसमें कंपनी की ओर से पैक कर बेची जा रही बोतल को सैंपल के तौर पर लिया गया। फूड सेफ्टी एक्ट के तहत बोतल के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया। जब तोल किया तो बोतल में 580 ग्राम सरसों का तेल निकला। बोतल पर लगे लेबल पर 1000 ग्राम लिखा गया था। हर बोतल में करीब 420 ग्राम तेल कम देकर उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी की जा रही थी। अदालत में चले अभियोग के बाद एडीसी की अदालत ने फर्म पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह फर्म पिछले 12 साल से सरसों के तेल का कारोबार कर रही थी। बोतल का डिजाइन घुमावदार कर इस तरह का बनाया गया था कि देखने में पूरी बोतल दिखती थी। तेल निकाल कर मापा तो करीब 420 ग्राम कम निकलता था।
विज्ञापन


केस नंबर दो
अनाज मंडी में सरसों के तेल की दुकान पर 25 दिसंबर 2015 को सैंपल लिए गए थे। इस पर फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अॅथारिटी ऑफ इंडिया एफएसएसआई का मार्का नहीं लगा था। बिना मार्का तेल को पैक कर बेचना पूरी तरह से अवैध है। इसके बाद विभाग की ओर से यह केस एडीसी कोर्ट में भेजा गया था। इस फर्म पर एडीसी कोर्ट ने 1.5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

 

उत्पाद के बारे में हर जानकारी देना जरूरी

Fines of 14.50 lakh on four different firms, hisar news
mustard oil bottle
कोल्ड ड्रिंक में कलर न लिखने पर तीन लाख 
डीएन कॉलेज रोड पर एक इंटरनेशनल ब्रांड कोल्ड ड्रिंक के सैंपल लिए। इसमें 17 अगस्त 2015 को कंपनी के रिटेल कारोबारी और 30 अगस्त 2015 को कंपनी के मेन स्टाकिस्ट के यहां सैंपल लिए गए। इन दोनों पर सैंपल पर कोल्ड ड्रिंक के कलर को नहीं लिखा गया था। इस पर रिटेल कारोबारी और मेन स्टाकिस्ट दोनों को 1.50-1.50 लाख का जुर्माना लगाया है। 

उत्पाद के बारे में हर जानकारी देना जरूरी
2011 के फूड सेफ्टी एक्ट के अनुसार अगर किसी उत्पाद को पैकिंग कर बेचा जाता है तो उस पर लेबल होना चाहिए। इस पर कंपनी का नाम, पता, उत्पाद की मात्रा, उत्पाद में डाले गए कंटेंट, बैच नंबर, लॉट नंबर, एक्सपायरी डेट, एफएसएसएआई मार्का, लाइसेंस नंबर का उल्लेख होना चाहिए। ऐसा न होने पर एडीसी की कोर्ट में केस चलाया जाता है। अगर उत्पाद की गुणवत्ता को लेकर किसी तरह का सैंपल लिया जाए तो उसका केस सिविल कोर्ट में चलाया जाता है। इसमें क्रिमिनल केस चलाया जाता है। 

तीन महीने में 20 लाख का जुर्माना
पिछले तीन महीने में एडीसी कोर्ट लेबल और मार्का संबंधी पांच फैसले दे चुकी है। इसमें अब तक कुल 20 लाख 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। करीब दो महीने पहले हल्दी-मिर्च की फर्म पर छह लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। 

मानकों पर खरा न उतरने वाली फर्मों के केस एडीसी कोर्ट में चलाए गए थे। इनमें तीन अलग-अलग फर्मों 14.50 लाख रुपये पर जुर्माना लगाया गया है। एक हजार ग्राम बताकर 580 ग्राम पैकिंग देने वाली फर्म पर 10 लाख का जुर्माना लगाया है। 
-प्रेम सिंह, गवर्नमेंट फूड सेफ्टी इंस्पेक्टर हिसार
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed