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वित्त वर्ष समाप्ति पर, बजट अभी तक बकाया

Sat, 25 Jan 2014 02:44 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 25 Jan 2014 02:44 PM IST
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Financial Year on Closing, Budget still outstanding
2013-14 की वार्षिक योजना के तहत विभिन्न विभागों के लिए मंजूर हुई राशि में से अभी तक बड़े हिस्से का उपयोग नहीं हो पाया है।
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इसके चलते विभागों पर संबंधित अधिक से अधिक राशि का उपयोग जल्द से जल्द करने का दबाव है, ताकि सरकार आगामी लोकसभा चुनाव में इसका लाभ ले सके।

वित्त वर्ष की समाप्ति में ढाई माह से कम का समय तो बचा ही है, इसके साथ ही किसी भी वक्त लोकसभा चुनाव की तिथियों की घोषणा से लागू होने पर कोड ऑफ कंडक्ट की तलवार भी लटक रही है।

कई विभाग तो ऐसे हैं, जिनमें मंजूर राशि का 50 प्रतिशत से भी कम पैसा जारी या खर्च हुआ है। इनमें खेल एवं युवक सेवाओं, सहकारिता, डेयरी डेवलपमेंट, शहरी क्षेत्र में वाटर सप्लाई एवं सेनिटेशन, शहरी विकास, रोजगार सृजन और औद्योगिक प्रशिक्षण जैसे महत्वपूर्ण विभाग शामिल हैं।
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जानकारी के अनुसार वार्षिक योजना में खेल एवं युवक सेवाओं के लिए 115 करोड़ रुपये रखे गए थे। इनमें से अभी तक केवल 28 करोड़ रुपये ही खर्च किए गए हैं।

इसी प्रकार सहकारिता के 17 करोड़ रुपये में से एक भी पैसा उपयोग नहीं हुआ, जबकि डेयरी डेवलमेंट के 23 करोड़ रुपये में से मात्र एक करोड़ का ही इस्तेमाल हुआ है।
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योजना में शहरी क्षेत्र में वाटर सप्लाई एवं सेनिटेशन के लिए 205 करोड़ रुपये रखे गए थे। इनमें से 18 करोड़ रुपये ही रिलीज हो पाए हैं। शहारी विकास के लिए रखे गए 290 करोड़ में से 105 करोड़ रुपये ही अभी तक प्रयोग किए गए हैं।


रोजगार सृजन तथा औद्योगिक प्रशिक्षण के लिए क्रमश: 28 और 39 करोड़ रुपये रखे गए थे। इनमें से क्रमश: 12 और नौ करोड़ रुपये ही इस्तेमाल किए जा सके हैं।

सॉइल एंड वाटर कंजर्वेशन, फिशरीज, फूड प्रोसेसिंग, सिविल एविएशन, रोड ट्रांसपोर्ट, पर्यावरण, वन एवं वन्य जीवन, पर्यटन, न्यूट्रीशन, डिफेंस सर्विसेज वेलफेयर आदि से संबंधित योजना राशि की हालत भी करीब-करीब ऐसी ही है।

एक उच्चाधिकारी के अनुसार इस बारे में हाल ही में हुई विभिन्न विभागों की बैठक में चर्चा भी हो चुकी है और उसके बाद से काम में तेजी आई है।
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