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नगर निगम चुनाव के खिलाफ अदालत में याचिका दायर
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 19 Nov 2016 12:38 AM IST
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कोर्ट
- फोटो : डेमो फोटो
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धनास में पुनर्वास योजना के तहत अलॉट किए गए घरों में रहने वालों को नगर निगम (एमसी) चुनाव में वोट का अधिकार न मिलने पर जिला अदालत में याचिका दायर की गई है। इसमें अगले महीने होने वाले नगर निगम चुनाव पर रोक लगाने या लोगों को वोट का उनका संवैधानिक अधिकार देने की मांग की गई है।
जिला अदालत ने याचिका पर चुनाव आयुक्त, म्यूनिसिपल कमिश्नर और चंडीगढ़ प्रशासन को 28 नवंबर के लिए नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने को कहा है। धनास निवासी मोहम्मद मुकरम उद्दीन की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया है कि धनास में पिछले वर्ष पुनर्वास योजना के तहत कई लोगों को मकान अलॉट किए गए थे। इस एरिया को अगले महीने होने वाले नगर निगम चुनाव के किसी भी वार्ड में शामिल नहीं किया गया है। इसलिए यहां के लोगों को एमसी चुनाव में वोट देने से वंचित कर दिया गया है। ये उनके संवैधानिक अधिकारों का हनन है।
मोहम्मद मुकरम उद्दीन के वकील राकेश गुप्ता ने याचिका में चुनाव आयुक्त, म्यूनिसिपल कमिश्नर और चंडीगढ़ प्रशासन को इसके सेक्रेटरी के जरिए पार्टी बनाया गया है। साथ ही याचिका में कहा गया है कि वोट देना देश के हर नागरिक का अधिकार है। इससे पहले लोक सभा चुनाव में उन्होंने वोट दिया था। ऐसे में अब उन्हें नगर निगम चुनाव में वोट देने से कैसे रोका जा सकता है। अदालत ने उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रतिवादी पक्ष को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने को कहा है।
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जिला अदालत ने याचिका पर चुनाव आयुक्त, म्यूनिसिपल कमिश्नर और चंडीगढ़ प्रशासन को 28 नवंबर के लिए नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने को कहा है। धनास निवासी मोहम्मद मुकरम उद्दीन की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया है कि धनास में पिछले वर्ष पुनर्वास योजना के तहत कई लोगों को मकान अलॉट किए गए थे। इस एरिया को अगले महीने होने वाले नगर निगम चुनाव के किसी भी वार्ड में शामिल नहीं किया गया है। इसलिए यहां के लोगों को एमसी चुनाव में वोट देने से वंचित कर दिया गया है। ये उनके संवैधानिक अधिकारों का हनन है।
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मोहम्मद मुकरम उद्दीन के वकील राकेश गुप्ता ने याचिका में चुनाव आयुक्त, म्यूनिसिपल कमिश्नर और चंडीगढ़ प्रशासन को इसके सेक्रेटरी के जरिए पार्टी बनाया गया है। साथ ही याचिका में कहा गया है कि वोट देना देश के हर नागरिक का अधिकार है। इससे पहले लोक सभा चुनाव में उन्होंने वोट दिया था। ऐसे में अब उन्हें नगर निगम चुनाव में वोट देने से कैसे रोका जा सकता है। अदालत ने उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रतिवादी पक्ष को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने को कहा है।
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