चंडीगढ़ में दशहरा: कहीं यज्ञ तो कहीं शोभायात्रा और बिना पटाखे पुतले जले, हजारों की भीड़ उमड़ी
राम, लक्ष्मण और हनुमान ने बच्चों में उपहार बांटे। जनता में रामलीला के प्रत्येक किरदार के साथ फोटो खिंचवाने का उत्साह दिखा।
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भले ही रावण का कद छोटा हो गया हो, लेकिन दशहरे के प्रति लोगों के उत्साह में कोई कमी नहीं आई है। दशहरा ग्राउंड में हजारों की संख्या में उमड़ी भीड़ इस बात की गवाह है। लोग अपने परिवार के साथ दशहरा देखने के लिए आए। उन्होंने घंटों रावण के पुतले जलने का इंतजार किया। इसके बाद सड़कों पर जाम की स्थिति बनी। खास बात यह है कि इस बार दशहरे मनाने का अलग रंग देखने को मिला। कहीं पर यज्ञ तो कहीं पर शोभायात्रा और कहीं पर केवल रावण का पुतला ही जलाकर दशहरा मनाया गया। इस दौरान राम-रावण के बीच हुए संवाद और युद्ध ने दर्शकों में रोमांच भर दिया।
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चंडीगढ़ सेक्टर- 46 के श्री सनातन धर्म मंदिर से भव्य और आकर्षक शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में श्री बदंी केदार रामलीला कमेटी 45-46 के कलाकार रहे। श्री बद्री केदार रामलीला कमेटी के सभापति भूपेंद्र शर्मा ने बताया कि शोभयात्रा का जगह-जगह भव्य स्वागत हुआ। उन्होंने बताया कि राम और रावण की सेना शोभायात्रा में शामिल थी। जयश्री राम और जय शंकर के जयघोष लगते रहे। इस बार रावण का 10 फुट का पुतला भी शोभयात्रा में आकर्षण का केंद्र रहा।
सेक्टर- 46 के श्री सनातन धर्म दशहरा कमेटी की ओर से आयोजित कार्यक्रम में केवल रावण का पुतला दहन किया गया। रावण का कद करीब 25 फुट ही था, लेकिन यहां दर्शकों की काफी भीड़ थी। मुख्य संरक्षक जतिंदर भाटिया ने बताया कि सेक्टर 46 की मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से आकर्षक स्वागती गेट बनाए गए। शोभा यात्रा में राजश्री राम, वनवासी श्री राम, रावण-जटाऊ संवाद, परशुराम-लक्ष्मण संवाद, अंगद-मेघनाद संवाद, अहिपत-महिपत संवाद और रावण-शनि की झांकियां खास आकर्षण का केंद्र रही। कार्यक्रम में मंदिर के पुजारियों को मुख्य अतिथि बनाया गया। सफल आयोजन के लिए भाटिया ने सभी सहयोगियों का धन्यवाद किया गया। कमेटी की ओर से बच्चों को तीर, तलवार, गदा व अन्य चीजें बांटी गईं।
सेक्टर- 29 में जला 60 फुट का रावण
ओसीएफ सांस्कृतिक मंच सेक्टर- 29 ने विजयदशमी का त्यौहार बड़ी ही धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर ओसीपएफ के महाप्रबंधक दीपांजन मजूमदार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपर महाप्रबंधक दुष्यंत कुमार ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। इस बार के दशहरा की विशेषता यह रही कि इस बार रावण का पुतला 6 बच्चों ने मिल कर बनाया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने बुराई पर अच्छाई के प्रतीक दशहरा पर्व की शुभकामाएं दी। 60 फुट के पुतले का बहुत ही सादगी से दहन किया गया। एक साल बाद दशहरा मनाने के लिए लोगों में विशेष उत्साह दिखा। सेक्टर- 29 में आयोजित दशहरे के दौरान रावण के पुतले में पटाखे भी बजे। हालांकि पुलिस घोषणा कर गई थी कि पुतला में पटाखा नहीं जलना चाहिए।
मलोया कॉलोनी में जला 50 फुट के रावण का पुतला
मलोया कॉलोनी के डिस्पेंसरी के साथ लगते ग्राउंड में विशाल ड्रामाटिक रामलीला क्लब मलोया की ओर से दशहरा का आयोजन हुआ। बड़ी संख्या में लोग इस कार्यक्रम में पहुंचे। पहले 30 फुट का रावण जलाते थे, लेकिन इस बार 50 फुट का बनाया। कुंभकर्ण का 45 और मेघनाद का पुतला 35 फुट का बनाया गया था। पहले दशहरा कॉलोनी के बीच में मनाते थे। इस बार खुले में मनाया गया। क्लब के चेयरमैन दिलावर सिंह, प्रधान राजेश कुमार और उपचेयरमैन संजय बिहारी ने बताया कि प्रशासन के निर्देशों के अनुसार काम किया।
मनीमाजरा में पुलिस घुसी पुतलों के अंदर, पटाखे निकाले, फिर जलाया
सेक्टर- 17 : पटाखों की आवाज निकालने के लिए लगा दिए बड़े-बड़े स्पीकर
प्रशासन ने पटाखों पर प्रतिबंध लगाया तो सेक्टर-17 के परेड ग्राउंड में रावण दहन के दौरान पटाखों की कमी को दूर करने के लिए बड़े-बड़े स्पीकर लगा दिए गए। स्पीकर की वजह से लोगों ने बिना प्रदूषण पटाखों केशोर के बीच रावण दहन का आनंद लिया। श्री रामलीला कमेटी ने इस पटाखे न चलाने के आदेश का पालन भी कर लिया और लोगों को पटाखों की कमी भी महसूस नही हुई। यहां पर 12 फुट के कोरोना, 70 फुट के रावण, 60 फुट के कुंभकरण व मेघनाद का दहन देखने के लिए हजारों लोग पहुंचे थे। रावण से पहले कोरोना का दहन किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में वित्त सचिव डॉ. विजय नामदेव राव जड़े मौजूद रहे।
पुतला जलाकर नहीं, हवन यज्ञ कर मनाया दशहरा पर्व
सेक्टर-43 में नव दशहरा कमेटी पिछले 25 वर्षों से लगातार रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले जलाती थी, लेकिन कोरोना महामारी के चलते समिति ने पुतले जलाने के बजाए हवन यज्ञ कर दशहरा पर्व मनाया। कार्यक्रम में पूर्व सांसद सत्यपाल जैन मुख्यातिथि के तौर पर उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि हवन यज्ञ भी बुराइयों को भस्म कर वातावरण को शुद्ध बनाने का काम करता है, इसलिए समाज में बीमारियों और कुरीतियों का अंत हवन यज्ञ के माध्यम से भी किया जा सकता है। कोरोना महामारी के कारण पुतले बनाकर जलाना और भारी जनसमूह इकट्ठा करना संभव नहीं है। इस अवसर पर जीके गिरधर, डॉ. राजेश मित्तल, जीएस थिंड, डीके सिंह, प्रदीप पुरी, एडी राजपूत, प्रीती वर्मा, अनामिका वालिया और रमेश निक्कू आदि उपस्थित रहे।
आखिरी वक्त में जारी किए आदेश, इसलिए पटाखों के साथ ही जले पुतले
यूटी प्रशासन ने 12 अक्तूबर की शाम को ये आदेश जारी किया कि रावण में पटाखों का इस्तेमाल नहीं होगा। तब तक सभी रामलीला कमेटियों ने रावण का पुतला बनाने का काम लगभग पूरा कर लिया था। कुछ रामलीला कमेटियों ने पुतलों में पटाखे भी लगा दिए थे। इसलिए ही ये स्थिति पैदा हुई। रामलीला कमेटियों के पदाधिकारियों ने इसका जिम्मेदार प्रशासन को ठहराया है। उनका कहना है कि अगर प्रशासन को पटाखों पर प्रतिबंध लगाना ही था तो ये आदेश कुछ दिन पहले जारी करते, ताकि पुतलों में पटाखे डालते ही नहीं। नियमों के अनुसार ही वह पुतला तैयार करवाते, लेकिन हर बार आखिरी वक्त में फैसला लेने की आदत से असमंजस की स्थिति पैदा हुई है।
जिसका डर था वही हुआ
यूटी प्रशासन को डर था कि रावण दहन में कोरोना के दिशा निर्देशों का पालन कराना बेहद कठिन होगा। उनका अंदेशा सच साबित हुआ। हर रावण दहन आयोजन स्थल पर लोगों की भारी भीड़ जुटी। सामाजिक दूरी के नियम हवा हो गए। बहुत से लोगों ने मास्क भी नहीं लगाए थे। कोरोना के नियमों का जमकर मजाक उड़ाया गया। स्टेज से नियमों को मानने की घोषणा की जाती रही, लेकिन किसी ने परवाह नही की।
सेक्टर-34 में एसडीएम की नहीं सुनी, पटाखों के साथ जलाए पुतले
सेक्टर-34 में रावण दहन से पहले हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ। रामलीला कमेटी के सदस्य रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन पटाखे से करने पर अड़े थे जबकि अधिकारी हर हाल में प्रशासन के फैसले पर अमल कराना चाहते थे। दोनों पक्षों के बीच डेढ़ घंटे तक बहस और तनातनी चलती रही, इस दौरान संशय बना रहा कि पुतला दहन होगा या नहीं। आखिर में प्रशासन के आदेश को ताक पर रखकर अधिकारियों के सामने ही पुतलों को पटाखों के साथ जलाया गया।
पटाखों से रावण दहन की सूचना पर एसडीएम दक्षिण रूपेश कुमार अपनी टीम के साथ शाम साढ़े पांच बजे सेक्टर-34 के मैदान में पहुंचे। उन्होंने रामलीला कमेटी के सदस्यों से रावण के पुतले में पटाखे नहीं लगाने का शपथपत्र मांगा, लेकिन कमेटी सदस्यों ने उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया और कार्यक्रम जारी रखा। इस पर एसडीएम ने खुद माइक लिया और घोषणा की कि जब तक कमेटी के सदस्य शपथपत्र नहीं देते पुतलों का दहन नहीं किया जाएगा। आदेश नहीं माने तो कार्रवाई होगी। इस पर कमेटी के सदस्य भड़क गए और कहा कि चाहे 200 लोगों पर पर्चा हो जाए, पुतला दहन होकर रहेगा। कहा कि उन्होंने प्रशासक और सलाहकार से अनुमति ले ली है। एसडीएम ने लिखित आदेश दिखाने को कहा, जिसे नहीं दिखाया गया। इसके बाद एसडीएम ने पुलिस बल को पुतलों के पीछे तैनात कर दिया और आदेश दिया कि इन्हें नहीं जलाया जाएगा। इसके बाद एसडीएम मौके से चले गए।
अरुण सूद बोले-आज भी उल्लास से मनाएंगे दशहरा
एसडीएम के निकलने के बाद शाम 5:40 बजे भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अरुण सूद मंच पर पहुंचे। कमेटी ने उनका स्वागत किया। इसके बाद सूद ने सबको विजयदशमी की बधाई दी। कहा कि इस बार का दशहरा खास है क्योंकि अयोध्या में राम जन्मभूमि पर मंदिर का निर्माण शुरू हो चुका है। आगे कहा कि एक आशंका थी कि इस बार पटाखे शायद दशहरे पर नहीं होंगे लेकिन राम की कृपा से हम जैसे दशहरा सदियों से मनाते आएं हैं, आज भी उसी उल्लास के साथ मनाएंगे। सूद के इतना कहते कि कमेटी के सदस्यों ने मंच पर अनार चलाकर खुशी जाहिर कर दी। इसके बाद पुलिस बल भी रावण के पुतलों के पीछे से हटकर भीड़ संभालने में जुट गई।
सवा छह बजे शुरू हुआ तीनों पुतलों का दहन
सेक्टर-34 में शाम छह बजे मंच से राम और रावण संवाद के साथ पटाखे चलने शुरू हो गए। इसके बाद हनुमान ने अशोक वाटिका को जलाया, इसमें भी काफी पटाखे लगाए गए थे। इसके बाद क्रम से पहले मेघनाद, फिर कुंभकर्ण और रावण के पुतलों का दहन किया गया। तीनों पुतलों में काफी संख्या में पटाखे लगाए गए थे।
आधे घंटे जाम में फंसे रहे लोग
सेक्टर-34 में हजारों की संख्या में बच्चे, बूढ़े और व्यस्क दशहरे का कार्यक्रम देखने पहुंचे थे। इस कारण पुतलों के दहन के बाद सेक्टर-34 के चारों तरफ की सड़कों पर लगभग आधे घंटे तक जमा लगा रहा। साढ़े छह बजे पुतले दहन के बाद कार्यक्रम खत्म हुआ और लगभग सात बजकर पांच मिनट तक गाड़ियां जाम में फंसी रहीं। इस दौरान आम लोगों ने भी सड़कों पर ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु करने में मदद की।
सेक्टर-34 में जिन भी लोगों ने नियमों का उल्लंघन किया है, उन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं। - रूपेश कुमार, एसडीएम दक्षिण, चंडीगढ़