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जज्बाः तलवारबाजी से काट दीं गरीबी की जंजीरें
संजीव पंगोत्रा/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 04 Mar 2014 11:58 AM IST
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जिनके पैरों में जान होती है, उनकी मंजिल आसान होती है, पंख से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है। कुछ इस तरह के ही जोश और जुनून के साथ शहर का नाम नेशनल स्तर पर रौशन कर रहे हैं सिटी ब्यूटीफुल के तलवारबाज।
गरीबी भले इनकी मेहनत के आड़े आती हो, लेकिन फिर भी इन तलवारबाजों ने देश के विभिन्न स्थानों पर खेलते हुए न केवल गोल्ड मेडल बटोरे साथ ही कई रिकार्ड भी अपने नाम किए।
ये होनहार तलवारबाज दिए हैं गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-10 स्थित फेसिंग अकादमी ने। यहां की लड़कियाें की टीम हो या फिर लड़कों की दोनों में एक से बढ़कर एक बेहतरीन तलवारबाज हैं।
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इसी साल खेली गई स्कूल नेशनल गेम्स में इस एकेडमी की लड़कियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 18 मेडल जीते और नंबर 1 की पोजीशन हासिल की।
जीते हुए मेडल में 10 गोल्ड, 4 सिल्वर, 4 ब्रांज मेडल शामिल हैं। वहीं लड़कों के वर्ग में स्कूल नेशनल गेम्स में कुल 21 मेडल अपने नाम किए है।
कमजोर आर्थिक स्थिति आती है आड़े
अकादमी में अधिकतर खिलाड़ी गरीब परिवारों से संबंध रखते हैं। सरकारी स्कूल के इन खिलाड़ियों में टैलेंट की कमी नहीं, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर हैं। इन सबके बावजूद इनके हौसले में कमी नहीं है और लगातार मेडल अपने नाम कर रहे हैं।
- खेल उपकरणाें और आपरेटर्स की कमी
यहां की कोच चरणजीत कौर के अनुसार शहर की यह एकमात्र फेसिंग एकेडमी है। यहां पर 60 से अधिक खिलाड़ी हैं। यहां पर एक ही आपरेटर है, जिसपर खिलाड़ी अपना अभ्यास करते हैं। इससे उनकी बारी देर से आती है।
वहीं उपकरणाें की कमी भी है। बारी बारी से खिलाड़ी एक दूसरे के उपकरण इस्तेमाल करते हैं। कोच के अनुसार अगर यहां पर एक आपरेटर और उपकरण की सुविधा मिल जाए तो आने वाले समय में यहां के तलवारबाज अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताआें में मेडल लाकर देश का नाम रोशन कर सकते हैं।
एकेडमी के बच्चे शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। यहां पर आपरेटर और उपकरण की कुछ कमी की बात सामने आई है। इसकेलिए फेसिंग फेडरेशन के प्रेसीडेंट को बताया गया है जल्द ही खिलाड़ियाें को सभी सुविधाएं मिल जाएगी।
- एसपी शर्मा, सेक्रेटरी, चंडीगढ़ फेसिंग एसोसिएशन
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गरीबी भले इनकी मेहनत के आड़े आती हो, लेकिन फिर भी इन तलवारबाजों ने देश के विभिन्न स्थानों पर खेलते हुए न केवल गोल्ड मेडल बटोरे साथ ही कई रिकार्ड भी अपने नाम किए।
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ये होनहार तलवारबाज दिए हैं गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-10 स्थित फेसिंग अकादमी ने। यहां की लड़कियाें की टीम हो या फिर लड़कों की दोनों में एक से बढ़कर एक बेहतरीन तलवारबाज हैं।
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इसी साल खेली गई स्कूल नेशनल गेम्स में इस एकेडमी की लड़कियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 18 मेडल जीते और नंबर 1 की पोजीशन हासिल की।
जीते हुए मेडल में 10 गोल्ड, 4 सिल्वर, 4 ब्रांज मेडल शामिल हैं। वहीं लड़कों के वर्ग में स्कूल नेशनल गेम्स में कुल 21 मेडल अपने नाम किए है।
कमजोर आर्थिक स्थिति आती है आड़े
अकादमी में अधिकतर खिलाड़ी गरीब परिवारों से संबंध रखते हैं। सरकारी स्कूल के इन खिलाड़ियों में टैलेंट की कमी नहीं, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर हैं। इन सबके बावजूद इनके हौसले में कमी नहीं है और लगातार मेडल अपने नाम कर रहे हैं।
- खेल उपकरणाें और आपरेटर्स की कमी
यहां की कोच चरणजीत कौर के अनुसार शहर की यह एकमात्र फेसिंग एकेडमी है। यहां पर 60 से अधिक खिलाड़ी हैं। यहां पर एक ही आपरेटर है, जिसपर खिलाड़ी अपना अभ्यास करते हैं। इससे उनकी बारी देर से आती है।
वहीं उपकरणाें की कमी भी है। बारी बारी से खिलाड़ी एक दूसरे के उपकरण इस्तेमाल करते हैं। कोच के अनुसार अगर यहां पर एक आपरेटर और उपकरण की सुविधा मिल जाए तो आने वाले समय में यहां के तलवारबाज अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताआें में मेडल लाकर देश का नाम रोशन कर सकते हैं।
एकेडमी के बच्चे शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। यहां पर आपरेटर और उपकरण की कुछ कमी की बात सामने आई है। इसकेलिए फेसिंग फेडरेशन के प्रेसीडेंट को बताया गया है जल्द ही खिलाड़ियाें को सभी सुविधाएं मिल जाएगी।
- एसपी शर्मा, सेक्रेटरी, चंडीगढ़ फेसिंग एसोसिएशन