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मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए पढें यह खबर
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 03 Nov 2013 01:22 AM IST
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दीपों का पर्व दिवाली आज है। मां लक्ष्मी को इस बार मात्र 15 मिनट में मनाइए। यह कहना है भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख बीरेंद्र नारायण मिश्र का।
उन्होंने कहा कि लक्ष्मी पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त सिर्फ 15 मिनट शाम 6:10 से 6:25 तक का है। दिवाली के दिन वृष लग्न (स्थिर लग्न) शाम को 6:10 मिनट से शुरू होकर रात 8:04 मिनट तक रहेगा।
शाम को 5:35 बजे से 7:14 मिनट तक शुभ की चौघड़िया होने के कारण यह बहुत शुभ मुहूर्त है। शाम को वृष लग्न, शुभ की चौघड़िया और प्रदोष काल का विशेष महत्व है।
मिश्रा ने कहा कि शाम को वृष लग्न शाम 7:14 मिनट से 8:04 मिनट तक स्थिर और अमृत की चौघड़िया होने के कारण यह भी शुभ मुहूर्त है। रात 8:04 से मिथुन लग्न एवं 8:54 मिनट तक अमृत की चौघड़िया है। यह मध्यम मुहूर्त है।
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8:54 मिनट से 10:33 मिनट तक चर की चौघड़िया रहेगी। यह मध्यम मुहूर्त है। शुभ मुहूर्त में श्री महालक्ष्मी की पूजन, कुबेर पूजन, बहीखाता पूजन, मंदिर और घर में दीप प्रज्वलन करना होगा।
कमल के फूल का आसन देकर करें पूजा...
सेक्टर-18 के श्री राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी और देवालय पूजक परिषद के कोषाध्यक्ष लाल बहादुर दुबे और शिव शक्ति मंदिर सेक्टर-30 के प्रमुख पुजारी श्याम सुंदर शास्त्री के अनुसार सबसे पहले केसर या हल्दी के अष्टदल कमल बनाकर गणेश और लक्ष्मी को स्थापित करने के बाद पूजा प्रारंभ करें। शांति पाठ के संकल्प करें।
लक्ष्मी को कमल के फूल का आसन देकर जल या पंचामृत से स्नान कराएं। सुंदर वस्त्र डालकर केसर युक्त चंदन का तिलक लगाने के बाद फूल चढ़ाकर धूप-दीप दिखाएं। इसके बाद प्रसाद, पान का पत्ता चढ़ाकर प्रार्थना करे और फिर देहली पूजन, बही खाता आदि का पूजन करें।
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उन्होंने कहा कि लक्ष्मी पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त सिर्फ 15 मिनट शाम 6:10 से 6:25 तक का है। दिवाली के दिन वृष लग्न (स्थिर लग्न) शाम को 6:10 मिनट से शुरू होकर रात 8:04 मिनट तक रहेगा।
शाम को 5:35 बजे से 7:14 मिनट तक शुभ की चौघड़िया होने के कारण यह बहुत शुभ मुहूर्त है। शाम को वृष लग्न, शुभ की चौघड़िया और प्रदोष काल का विशेष महत्व है।
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मिश्रा ने कहा कि शाम को वृष लग्न शाम 7:14 मिनट से 8:04 मिनट तक स्थिर और अमृत की चौघड़िया होने के कारण यह भी शुभ मुहूर्त है। रात 8:04 से मिथुन लग्न एवं 8:54 मिनट तक अमृत की चौघड़िया है। यह मध्यम मुहूर्त है।
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8:54 मिनट से 10:33 मिनट तक चर की चौघड़िया रहेगी। यह मध्यम मुहूर्त है। शुभ मुहूर्त में श्री महालक्ष्मी की पूजन, कुबेर पूजन, बहीखाता पूजन, मंदिर और घर में दीप प्रज्वलन करना होगा।
कमल के फूल का आसन देकर करें पूजा...
सेक्टर-18 के श्री राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी और देवालय पूजक परिषद के कोषाध्यक्ष लाल बहादुर दुबे और शिव शक्ति मंदिर सेक्टर-30 के प्रमुख पुजारी श्याम सुंदर शास्त्री के अनुसार सबसे पहले केसर या हल्दी के अष्टदल कमल बनाकर गणेश और लक्ष्मी को स्थापित करने के बाद पूजा प्रारंभ करें। शांति पाठ के संकल्प करें।
लक्ष्मी को कमल के फूल का आसन देकर जल या पंचामृत से स्नान कराएं। सुंदर वस्त्र डालकर केसर युक्त चंदन का तिलक लगाने के बाद फूल चढ़ाकर धूप-दीप दिखाएं। इसके बाद प्रसाद, पान का पत्ता चढ़ाकर प्रार्थना करे और फिर देहली पूजन, बही खाता आदि का पूजन करें।