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संयुक्त किसान मोर्चा का एलान: 26 जून को देश के सभी राज्यपाल आवास पर धरना देंगे किसान, राष्ट्रपति को भेजेंगे ज्ञापन
Wed, 16 Jun 2021 02:05 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 16 Jun 2021 02:05 AM IST
सार
अखिल भारतीय किसान महासंघ के अध्यक्ष प्रेम सिंह भंगू ने धान और अन्य फसलों के एमएसपी में मामूली वृद्धि को खारिज करते हुए मांग की है कि एमएसपी को स्वामीनाथन फॉर्मूला सी-टू प्लस 50 फीसदी के अनुसार दिया जाए और सभी फसलों का विपणन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बिजली अधिनियम में संशोधन का भी विरोध किया।
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किसान आंदोलन। (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
केंद्रीय कृषि कानूनों के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा एक बार फिर बड़े आंदोलन की तैयारी में जुट गया है। देश में किसान इन कानूनों के विरोध में 26 जून को राज्यपाल आवास पर धरना देंगे। साथ ही राज्यपाल के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजेंगे। जिसमें एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) स्वामीनाथन फार्मूले के अनुरूप देने की मांग की जाएगी।
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चंडीगढ़ स्थित किसान भवन में मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से अखिल भारतीय किसान महासंघ के अध्यक्ष प्रेम सिंह भंगू ने बताया कि किसान आंदोलन के सात महीने और मोदी सरकार के सात साल पूरे होने पर 26 जून को 'कृषि बचाओ और लोकतंत्र बचाओ' के नाम से पूरे देश में किसान मुहिम शुरू करेंगे। इस मुहिम के तहत पूरे देश में राज्यपालों के आवास के सामने बड़े पैमाने पर धरने का आयोजन किया जाएगा।
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राज्यपाल के जरिए राष्ट्रपति को ज्ञापन दिया जाएगा और मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया जाएगा। क्योंकि मोदी सरकार किसानों के प्रति उदासीन और अड़ियल रवैया अपनाए हुए है। 26 जून को लोकतांत्रिक अधिकारों और नागरिक स्वतंत्रता की बहाली के रूप में भी मनाया जाएगा, क्योंकि 26 जून 1975 को मौलिक अधिकारों का हनन करते हुए देश में आपातकाल लगा दिया गया था।
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उन्होंने कहा कि जब तक कृषि कानूनों को निरस्त नहीं किया जाता और एमएसपी को कानूनी अधिकार नहीं बना दिया जाता, तब तक मोर्चा को मजबूत और तेज करने का संकल्प लिया है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के अधिवक्ता जोगिंदर सिंह तूर ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर ओंकार सिंह, त्रिलोक सिंह चौधरी, चरणजीत कौर और विपिन कुमार, हाकम सिंह मनाना, अमरजीत सिंह और मलकीत सिंह उपस्थित थे।