फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Farmers will be able to grow potato in air with Aeroponics technology

एयरोपॉनिक्स तकनीक से हवा में आलू उगा सकेंगे किसान, सात गुना बढ़ जाएगी पैदावार

Mon, 19 Nov 2018 08:02 AM IST
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 19 Nov 2018 08:02 AM IST
विज्ञापन
Farmers will be able to grow potato in air with Aeroponics technology
Aeroponic Technology

हरियाणा सहित देश के अन्य आलू उत्पादक राज्यों के किसान एयरोपॉनिक्स तकनीक से जल्द ही हवा में भी आलू उगा सकेंगे। इस तकनीक से किसानों की आलू की पैदावार सात गुना तक बढ़ जाएगी। हाल ही में रोहतक में हुई तीन दिवसीय थर्ड एग्री लीडरशिप समिट में इस तकनीक के लिए करनाल के श्यामगढ़ स्थित बागवानी विभाग के अंतर्गत आने वाले आलू अनुसंधान केंद्र और पेरू की राजधानी लीमा स्थित अंतरराष्ट्रीय आलू अनुसंधान केंद्र ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत लीमा स्थित केंद्र हरियाणा सरकार से एयरोपॉनिक्स तकनीक साझा करेगी। हरियाणा सरकार द्वारा अप्रैल, 2019 से इस तकनीक को धरातल पर उतारा जाएगा।  

विज्ञापन


पौधे के बिना उगाया जाएगा आलू
एयरोपॉनिक्स तकनीक में पौधे के बिना मिट्टी के जरिए आलू उगाया जाता है। इसके बाद बड़े-बड़े बॉक्स में आलू के पौधे लटका दिए जाते हैं। हर बॉक्स में पोषक तत्व और पानी डाला जाता है। इस तरह की तकनीक के इस्तेमाल से पौधों की जड़ों में नमी बनी रहती है और थोड़े समय बाद आलू की पैदावार होने लगती है। आमतौर पर आलू के जिस एक पौधे से सिर्फ पांच या 10 आलू पैदा होते हैं, इस तकनीक की मदद से उसी आलू के एक पौधे से 70 आलू तक पैदा होने लगेंगे।
विज्ञापन


केंद्र सरकार ने भी दी मंजूरी
आलू अनुसंधान केंद्र श्यामगढ़ के उपनिदेशक डॉ. सत्येंद्र यादव ने बताया कि चालू वित्त वर्ष के बजट में भी इस तकनीक को लागू करने का प्रावधान है। विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार हो चुकी है। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत केंद्र सरकार ने भी एयरोपॉनिक्स तकनीक को अपनाने का प्रोजेक्ट मंजूर कर दिया है। शिमला स्थित केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान से भी इस तकनीक को लेकर एमओयू किया जाएगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


राज्य सरकार को भेजी गई फाइल
बागवानी विभाग के महानिदेशक डॉ. अर्जुन सिंह सैणी ने बताया कि एयरोपॉनिक्स तकनीक को लागू करने के लिए राज्य सरकार से मंजूरी मांगी गई है। प्रोजेक्ट की फाइल सरकार को भेजी जा चुकी है। जल्द ही स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed