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केंद्र पर भड़के किसान: कानूनी गारंटी के बिना MSP बढ़ाने का क्या फायदा, आठ को गैर भाजपा सांसदों को देंगे ज्ञापन
Thu, 20 Jun 2024 06:04 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 20 Jun 2024 06:04 PM IST
सार
किसान नेता सरबजीत सिंह पंधेर ने कहा कि वे 8 जुलाई को भाजपा को छोड़कर सभी सांसदों को ज्ञापन देंगे और संसद में किसानों की आवाज बुलंद करने की अपील करेंगे। सांसदों से अपील की जाएगी कि वह संसद के मानसून सत्र में एमएसपी को लेकर निजी विधेयक लेकर आएं, ताकि केंद्र सरकार पर एमएसपी की कानूनी गारंटी को लेकर दबाव बनाया जा सकें।
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किसान संगठनों की बैठक।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
संयुक्त किसान मोर्चा गैर राजनीतिक ग्रुप के जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि जब तक सरकार की तरफ से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी नहीं दी जाती है, तब तक फसलों पर एमएसपी बढ़ाने का कोई फायदा नहीं है।
केंद्र सरकार की तरफ से 14 फसलों पर एमएसपी की बढ़ोतरी को खारिज करते हुए डल्लेवाल ने कहा कि इससे किसानों का कोई फायदा नहीं होने वाला है। केंद्र सरकार सिर्फ अपनी पीठ थपथपाने का काम कर रही है। फसलों पर एमएसपी तो पहले भी देने का दावा किया जाता है, लेकिन जब तक इस एमएसपी पर फसलों की खरीद ही नहीं होगी तो इसका फायदा क्या है। डल्लेवाल वीरवार को किसान भवन में प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उनके साथ किसान नेता सरबजीत सिंह पंधेर समेत अन्य नेता भी मौजूद थे।
डल्लेवाल ने कहा कि सरकार इस बढ़ोतरी को लेकर वाहवाही लूटने में लगी हुई है, जबकि सच्चाई ये है कि एमएसपी में ये बहुत ही कम बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से पिछले कुछ सालों में महंगाई बढ़ी है। उसके हिसाब में ये बढ़ोतरी नाकाफी है। हालत ये है कि किसान कम कीमत पर अपनी फसलें बेचने पर मजबूर हैं, लेकिन सरकार उस तरफ ध्यान नहीं दे रही है।
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सरबजीत सिंह पंधेर ने कहा कि वे 8 जुलाई को भाजपा को छोड़कर सभी सांसदों को ज्ञापन देंगे और संसद में किसानों की आवाज बुलंद करने की अपील करेंगे। सांसदों से अपील की जाएगी कि वह संसद के मानसून सत्र में एमएसपी को लेकर निजी विधेयक लेकर आएं, ताकि केंद्र सरकार पर एमएसपी की कानूनी गारंटी को लेकर दबाव बनाया जा सकें। उन्होंने कहा कि बरसातों का मौसम अभी शुरू होना है, लेकिन सतलुज दरिया में अभी से पानी बढ़ना शुरू हो गया है। खेत भी पानी की चपेट में आना शुरू हो गए हैं, लेकिन सरकार अभी तक बाढ़ को लेकर उचित इंतजाम करने के लिए गंभीरता नहीं दिखा रही है।
17 जुलाई को करेंगे अंबाला एसपी ऑफिस का घेराव
पंधेर ने कहा कि हरियाणा पुलिस की तरफ से नौजवान किसानों को टॉर्चर किया जा रहा है। नौजवान नवदीप पर पुलिस की तरफ से कई केस दर्ज किए गए हैं। वह इसके खिलाफ 17 जुलाई को अंबाला एसपी ऑफिस के बाहर अपना मोर्चा लगाएंगे और मांग करेंगे कि तुरंत इस प्रक्रिया को रोका जाना चाहिए। हरियाणा में किसानों को कार्रवाई का डर दिखाकर डराया व धमकाया जा रहा है। हरियाणा सरकार से ये भी मांग करेंगे कि 13 फरवरी से पहले जो भी रास्ते आंदोलन की वजह से बंद किए गए थे, उनको तुरंत खोला जाना चाहिए। रास्ते बंद होने से स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब के सीएम भगवंत मान ने भी आज तक हरियाणा की इस कार्रवाई का विरोध नहीं किया है। कहा कि यूपी में पीएम मोदी की गाड़ी पर जूता फेंका गया। ये सुरक्षा में बहुत बड़ी चूक है, लेकिन इस पर कोई भी कुछ नहीं बोल रहा है। यही अगर अन्य राज्यों में हुआ होता तो अब तक हालात कुछ और होते।
सीएम मान से अपील, शहीद किसानें के परिजनों को दें नौकरी
डल्लेवाल ने सीएम मान से अपील की कि वादे के मुताबिक किसान आंदोलन के दौरान शहीद किसानों के परिजनों को नौकरी दी जानी चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है तो वह जल्द ही इसे लेकर भी अपना संघर्ष शुरू कर देंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब में बिजली के हालात बहुत खराब है। लंबे-लंबे कट लग रहे हैं और किसानों को भी जरुरत मुताबिक बिजली नहीं मिल रही है।
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केंद्र सरकार की तरफ से 14 फसलों पर एमएसपी की बढ़ोतरी को खारिज करते हुए डल्लेवाल ने कहा कि इससे किसानों का कोई फायदा नहीं होने वाला है। केंद्र सरकार सिर्फ अपनी पीठ थपथपाने का काम कर रही है। फसलों पर एमएसपी तो पहले भी देने का दावा किया जाता है, लेकिन जब तक इस एमएसपी पर फसलों की खरीद ही नहीं होगी तो इसका फायदा क्या है। डल्लेवाल वीरवार को किसान भवन में प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उनके साथ किसान नेता सरबजीत सिंह पंधेर समेत अन्य नेता भी मौजूद थे।
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डल्लेवाल ने कहा कि सरकार इस बढ़ोतरी को लेकर वाहवाही लूटने में लगी हुई है, जबकि सच्चाई ये है कि एमएसपी में ये बहुत ही कम बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से पिछले कुछ सालों में महंगाई बढ़ी है। उसके हिसाब में ये बढ़ोतरी नाकाफी है। हालत ये है कि किसान कम कीमत पर अपनी फसलें बेचने पर मजबूर हैं, लेकिन सरकार उस तरफ ध्यान नहीं दे रही है।
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सरबजीत सिंह पंधेर ने कहा कि वे 8 जुलाई को भाजपा को छोड़कर सभी सांसदों को ज्ञापन देंगे और संसद में किसानों की आवाज बुलंद करने की अपील करेंगे। सांसदों से अपील की जाएगी कि वह संसद के मानसून सत्र में एमएसपी को लेकर निजी विधेयक लेकर आएं, ताकि केंद्र सरकार पर एमएसपी की कानूनी गारंटी को लेकर दबाव बनाया जा सकें। उन्होंने कहा कि बरसातों का मौसम अभी शुरू होना है, लेकिन सतलुज दरिया में अभी से पानी बढ़ना शुरू हो गया है। खेत भी पानी की चपेट में आना शुरू हो गए हैं, लेकिन सरकार अभी तक बाढ़ को लेकर उचित इंतजाम करने के लिए गंभीरता नहीं दिखा रही है।
17 जुलाई को करेंगे अंबाला एसपी ऑफिस का घेराव
पंधेर ने कहा कि हरियाणा पुलिस की तरफ से नौजवान किसानों को टॉर्चर किया जा रहा है। नौजवान नवदीप पर पुलिस की तरफ से कई केस दर्ज किए गए हैं। वह इसके खिलाफ 17 जुलाई को अंबाला एसपी ऑफिस के बाहर अपना मोर्चा लगाएंगे और मांग करेंगे कि तुरंत इस प्रक्रिया को रोका जाना चाहिए। हरियाणा में किसानों को कार्रवाई का डर दिखाकर डराया व धमकाया जा रहा है। हरियाणा सरकार से ये भी मांग करेंगे कि 13 फरवरी से पहले जो भी रास्ते आंदोलन की वजह से बंद किए गए थे, उनको तुरंत खोला जाना चाहिए। रास्ते बंद होने से स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब के सीएम भगवंत मान ने भी आज तक हरियाणा की इस कार्रवाई का विरोध नहीं किया है। कहा कि यूपी में पीएम मोदी की गाड़ी पर जूता फेंका गया। ये सुरक्षा में बहुत बड़ी चूक है, लेकिन इस पर कोई भी कुछ नहीं बोल रहा है। यही अगर अन्य राज्यों में हुआ होता तो अब तक हालात कुछ और होते।
सीएम मान से अपील, शहीद किसानें के परिजनों को दें नौकरी
डल्लेवाल ने सीएम मान से अपील की कि वादे के मुताबिक किसान आंदोलन के दौरान शहीद किसानों के परिजनों को नौकरी दी जानी चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है तो वह जल्द ही इसे लेकर भी अपना संघर्ष शुरू कर देंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब में बिजली के हालात बहुत खराब है। लंबे-लंबे कट लग रहे हैं और किसानों को भी जरुरत मुताबिक बिजली नहीं मिल रही है।