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Chandigarh News: लखीमपुर खीरी कांड की बरसी पर किसानों का प्रदर्शन, पुलिस ने रोका मार्च
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चंडीगढ़। लखीमपुर खीरी कांड की पांचवीं बरसी पर शनिवार को चंडीगढ़ में किसानों और मजदूर संगठनों ने प्रदर्शन किया। किसान भवन सेक्टर-35 से मटका चौक तक मशाल मार्च निकालने की तैयारी थी, लेकिन पुलिस ने शाम पांच बजे से ही किसान भवन के बाहर बैरिकेडिंग कर रास्ता रोक दिया। बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों ने मोमबत्तियां जलाकर लखीमपुर खीरी के शहीद किसानों को श्रद्धांजलि दी और दोषियों को कानून के अनुसार सजा देने की मांग की।
मटका चौक जाने की अनुमति नहीं मिलने पर किसानों ने पीछे की ओर से मार्च निकालने का फैसला किया। इसके बाद किसान आगे और पुलिस उनके पीछे चलती रही। किसान जेडब्ल्यू मैरियट के पास से दक्षिण मार्ग होते हुए सेक्टर-22 की बाजार में दाखिल हुए। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन किसान नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ते रहे। बाद में किसान वापस किसान भवन पहुंचे और कार्यक्रम समाप्त किया।
आयोजकों ने कहा कि 3 अक्तूबर 2021 को लखीमपुर खीरी में हुई घटना में चार किसानों और पत्रकार रमन कश्यप की मौत हुई थी। प्रदर्शन में केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। प्रदर्शन का नेतृत्व किसान नेता सरवन सिंह पंधेर, अमरजीत सिंह मोड़ी, बलदेव सिंह, किरपाल सिंह और गुरमीत सिंह मांगट ने किया। किसान-मजदूर मोर्चा पंजाब-हरियाणा ने मामले की न्यायिक कार्रवाई जल्द पूरी करने, दोषियों को सजा देने और पीड़ित परिवारों से किए वादे लागू करने की मांग की। अमृतसर से किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब का जत्था भी पहुंचा। सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि शहीद किसानों की कुर्बानी को भुलाया नहीं जा सकता और न्याय के लिए आंदोलन जारी रहेगा।
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मटका चौक जाने की अनुमति नहीं मिलने पर किसानों ने पीछे की ओर से मार्च निकालने का फैसला किया। इसके बाद किसान आगे और पुलिस उनके पीछे चलती रही। किसान जेडब्ल्यू मैरियट के पास से दक्षिण मार्ग होते हुए सेक्टर-22 की बाजार में दाखिल हुए। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन किसान नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ते रहे। बाद में किसान वापस किसान भवन पहुंचे और कार्यक्रम समाप्त किया।
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आयोजकों ने कहा कि 3 अक्तूबर 2021 को लखीमपुर खीरी में हुई घटना में चार किसानों और पत्रकार रमन कश्यप की मौत हुई थी। प्रदर्शन में केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। प्रदर्शन का नेतृत्व किसान नेता सरवन सिंह पंधेर, अमरजीत सिंह मोड़ी, बलदेव सिंह, किरपाल सिंह और गुरमीत सिंह मांगट ने किया। किसान-मजदूर मोर्चा पंजाब-हरियाणा ने मामले की न्यायिक कार्रवाई जल्द पूरी करने, दोषियों को सजा देने और पीड़ित परिवारों से किए वादे लागू करने की मांग की। अमृतसर से किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब का जत्था भी पहुंचा। सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि शहीद किसानों की कुर्बानी को भुलाया नहीं जा सकता और न्याय के लिए आंदोलन जारी रहेगा।
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