किसान आंदोलन: पंजाब में फिर मालगाड़ियों का परिचालन ठप, रेलवे ने बताई ये वजह
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रेल डिवीजन फिरोजपुर ने 24 अक्तूबर से मालगाड़ियों की सेवाएं बंद कर दी हैं। मंडल रेल प्रबंधक राजेश अग्रवाल ने कहा कि उन्हें ट्रेनें चलाने के लिए ट्रैक बिल्कुल साफ चाहिए। जब चाहें किसान ट्रैक पर धरना देना शुरू कर दें, इस तरह से ट्रेनें नहीं चलाई जा सकती हैं। जब तक स्थिति पूर्णरूप से बहाल नहीं होती तब तक पंजाब से किसी भी मालगाड़ी का परिचालन नहीं किया जाएगा। यह रोक पहले 24-25 अक्तूबर तक थी, अब इसे 29 अक्तूबर तक बढ़ा दिया गया है।
डीआरएम ने कहा कि ट्रेन चलाने के नियम होते हैं। जिस ट्रैक से ट्रेन गुजरती है, उस सेक्शन के स्टेशनों पर उपलब्ध स्टाफ से फिरोजपुर कंट्रोल के अधिकारियों का संपर्क होता है। ट्रेन पायलट सिग्नल के जरिए ट्रेन चलाता है। कहीं भी ट्रेन रोक लें, ऐसा नियम रेलवे में नहीं होता है। जब तक ट्रैक क्लीयर नहीं होगा, मालगाड़ियां ट्रैक पर नहीं दौड़ सकेंगी। उन्होंने किसान संगठनों से अपील की है कि वे रेल ट्रैक और स्टेशनों को पूरी तरह खाली कर दें ताकि पंजाब की जनता को उत्तम रेल सेवा प्रदान की जा सके।
डीआरएम अग्रवाल ने कहा कि 24 सितंबर से किसान संगठनों के आंदोलन शुरू करने के कारण रेल सेवाएं बंद कर दी गई थीं। 21 अक्तूबर को किसान संगठनों द्वारा मालगाड़ी सेवा बहाल करने के लिए रेल ट्रैक छोड़ने की घोषणा की गई। उसके बाद उत्तर रेलवे के फिरोजपुर और अंबाला मंडल द्वारा तत्काल प्रभाव से मालगाड़ियों का परिचालन शुरू किया गया।
22-23 अक्तूबर को अंबाला और फिरोजपुर डिवीजन में कुल 173 मालगाड़ियों का आवागमन किया। इन दो दिनों के दौरान रोमाना अलबेल सिंह में एक खाली रैक को रोका गया जिसे वापस लाना पड़ा। इसी तरह कुछ अन्य मालगाड़ियां भी रोकी गईं।
केंद्र सरकार खुद ही मालगाड़ियां नहीं चलाना चाहती : पंधेर
वहीं किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के महासचिव सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि किसानों के कारण मालगाड़ियां बंद नहीं हुई हैं। केंद्र सरकार ने जानबूझकर मालगाड़ियां बंद की हैं और बदनाम किसानों को किया जा रहा है। केंद्र सरकार पंजाब को देश का हिस्सा नहीं मानती है। सरवन ने कहा कि किसानों ने सभी रेल पटरियों से धरना उठा दिया है। उन जगहों पर धरना चल रहा है, जहां मालगाड़ियों की आवाजाही नहीं है। थर्मल प्लांट का ट्रैक खाली पड़ा है। केंद्र सरकार खुद ही मालगाड़ियां नहीं चलाना चाहती है।