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मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल : जवानों के मेले में उठेगा किसान फतेह का मुद्दा
Fri, 18 Dec 2020 01:53 PM IST
निवेदिता वर्मा
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 18 Dec 2020 01:53 PM IST
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मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल के बारे में जानकारी देते पंजाब सीएम के वरिष्ठ सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल टीएस शेरगिल।
- फोटो : अमर उजाला
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किसान आंदोनल के बीच पंजाब सरकार के अधीनस्थ होने वाले जवानों और सैन्य अफसरों का मेला कहे जाने वाले मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल में इस बार किसानों और उनकी ‘फतेह’ का मुद्दा भी उछलेगा। तीन दिन तक चलने वाले इस फेस्टिवल की थीम इस बार ‘जय जवान जय किसान- जवान फतेह, किसान फतेह’ रखी गई है। इस थीम पर हरियाणा और पंजाब के सियासतदान किसानों के हालात पर चर्चा करेंगे और उनके हकों की आवाज बुलंद करेंगे।
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इस वक्त जब देश में कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन चल रहा है और अन्नदाता सड़कों पर है, उस स्थिति में मिलिट्री फेस्ट के इस थीम के कई सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं। फेस्टिवल के चेयरमैन एवं पंजाब के मुख्यमंत्री के चीफ एडवाइजर लेफ्टिनेंट जनरल टीएस शेरगिल ने इस थीम के अलग मायने बताते हुए इसे सियासत से बिल्कुल परे बताया है।
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चंडीगढ़ में चौथा मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल तीन दिन चलेगा। इस फेस्टिवल में हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ समेत देशभर के विभिन्न राज्यों से सैनिकों, पूर्व सैनिकों, अफसरों, पूर्व अफसरों समेत स्कूली छात्र भी हिस्सा लेते हैं। इस बार कोविड-19 की वजह से ये फेस्टिवल वर्चुअल होगा। जिसमें 17 पैनल चर्चा होंगी। रक्षा विशेषज्ञों के साथ-साथ इसमें एक अहम चर्चा किसानों पर रखी गई है। इस चर्चा की थीम ‘जय जवान जय किसान-जवान फतेह, किसान फतेह’ रखी गई है।
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पंजाब के सीएम भी करेंगे किसानों के हालात, हक की बात
किसानों-जवानों के मुद्दे पर दो घंटे वर्चुअल चलने वाली इस चर्चा में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह समेत सांसद मनीष तिवारी, वित्तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल, हरियाणा के हिसार से सांसद बृजेंद्र सिंह, राज्यसभा सदस्य दीपेंद्र हुड्डा, अशोक गुलाटी और गुल पनाग भाग लेंगी। ये सभी नेता देश में जवानों के साथ-साथ किसानों के मौजूदा हालात, हकों और संघर्ष पर विस्तृत चर्चा करेंगे। जिस माहौल में ये चर्चा होगी, जाहिर है उसमें इस वक्त चल रहे किसान आंदोलन और तीन कृषि कानूनों पर भी बात होगी। पंजाब के मुख्यमंत्री समेत सभी नेता पहले ही किसान आंदोलन और उनकी मांगों को खुला समर्थन दे चुके हैं। अब मिलिट्री फेस्ट की इस पैनल चर्चा में भी इन नेताओं को अपनी बात रखने का मंच मिलेगा।
कोई सियासत नहीं, देश का पेट भरते हैं अन्नदाता : शेरगिल
पंजाब के मुख्यमंत्री के चीफ एडवाइजर एवं फेस्टिवल के चेयरमैन लेफ्टिनेंट जनरल टीएस शेरगिल ने कहा कि फेस्टिवल में किसानों पर किसी प्रकार की सियासत नहीं हो रही है। किसान तो देश के अन्नदाता है, जो सबका पेट भरते हैं। जय जवान-जय किसान का यह नारा पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने दिया था। उनके अनुसार पिछले 4 साल में जम्मू एवं कश्मीर और लद्दाख में पंजाब के 94 जवान शहीद हो गए हैं। यह शहीद जवान ग्रामीण अंचलों से हैं और उनके परिजन किसानी करते हैं। इसलिए इस थीम से हमने जवानों के साथ-साथ उनके परिजनों को भी याद करने का प्रयास किया है।