दिल्ली में केंद्र संग किसानों की बैठक बेनतीजा, रेल रोको आंदोलन 17 अक्तूबर तक बढ़ाया
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किसान मजदूर संघर्ष कमेटी ने रेल रोको आंदोलन को 17 अक्तूबर तक बढ़ाने का फैसला लिया है। 14 अक्तूबर को दिल्ली में आयोजित बैठक में पंजाब के 29 किसान संगठनों में से 28 हिस्सा लेने गई थीं लेकिन खाली हाथ लौटी हैं। गौरतलब है कि किसान मजदूर संघर्ष कमेटी ने दिल्ली में होने वाली बैठक का न्योता ठुकरा दिया था। बुधवार को किसानों का आंदोलन 21वें दिन जारी रहा।
किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के नेता सतनाम सिंह पन्नू व सरवन सिंह ने कहा कि कोर कमेटी ने रेल रोको आंदोलन को 17 अक्तूबर तक बढ़ाने का फैसला लिया है। 14 अक्तूबर को दिल्ली में हुई बैठक में किसान संगठनों को खाली हाथ लौटना पड़ा है। किसानों पर कृषि कानून थोपकर उन्हें बर्बाद किया जा रहा है।
खाद, कीटनाशक दवाएं व अन्य कृषि वस्तुओं के दाम कई गुना बढ़ गए हैं लेकिन फसलों के दामों में बढ़ोतरी नहीं की गई। किसान कर्ज के बोझ तले दब रहा है। दिल्ली से खाली हाथ लौटने के बाद किसान संगठनों ने आंदोलन को और तेज करने की ठान ली है। किसानों ने 21वें दिन पेट्रोल पंप, कॉरपोरेट ऑफिस, टोल प्लाजा व अन्य स्थानों पर धरने देकर केंद्र और कारपोरेट घरानों के पुतले फूंककर प्रदर्शन किया।
अमृतसर: किसानों ने केंद्र के खिलाफ की नारेबाजी
अमृतसर के जंडियाला गुरु के गांव देवीदासपुर में किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी का प्रदर्शन 21वें दिन भी जारी रहा। किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसान नेता सरवन पंधेर ने कहा केंद्र सरकार किसानों की मांगें स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है। जो किसान संगठन केंद्र सरकार से बातचीत करने गए थे वह खाली हाथ लौट आए हैं।
उन्होंने कहा कि किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी ने रेलवे ट्रैक पर धरना 17 अक्तूबर तक बढ़ा दिया है। जब तक केंद्र सरकार किसानों की मांगें नहीं मानती तब तक धरना जारी रहेगा। इसी बीच जंडियाला गुरु की मंडी के आढ़तियों ने मार्केट कमेटी दफ्तर पर प्रदर्शन किया। आढ़ती सरकार से मांग कर रहे थे कि उन्हें डिलीवरी ऑर्डर जारी किए जाएं ताकि धान की खरीद में कोई रुकावट न आए।
बठिंडा: किसानों ने भुच्चों और रामपुरा में घेरे भाजपा नेताओं के आवास
भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के बैनर तले किसानों और उनके परिवार की महिलाओं ने कृषि कानूनों के विरोध में रामपुरा के भाजपा नेता मक्खन जिंदल और भुच्चों के विनोद कुमार के आवास घेरे। किसान पहले ही बडे़ घरानों के व्यापारिक स्थलों के बाहर धरना लगाए हुए हैं। भारतीय यूनियन एकता उगराहां के प्रदेश सचिव हरबिंदर कौर बिंदू, जिला अध्यक्ष शिंगारा सिंह मान ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से पारित कृषि कानून अकेला किसानों के लिए ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए खतरनाक है।
इन कानूनों के जरिए केंद्र सरकार किसानों की जमीन बडे़ घरानों को परोसने वाली है। इसके अलावा बिजली एक्ट-2020 के जरिए राज्यों से बिजली के अधिकार भी केंद्र सरकार ने छीन लिए हैं। अब किसानों को मिलने वाली मुफ्त बिजली सुविधा भी बंद होने की कगार पर है।
भाजपा नेताओं के घर के आगे धरना लगाकर बैठे किसानों ने मांग की कि उक्त कृषि कानूनों को वापस लिया जाए। कर्ज वापस ना करने वाले मजदूरों एवं किसानों का पूरा कर्ज माफ किया जाए। इसके अलावा जिन आंदोलनकारियों पर झूठे केस दर्ज किए गए उनको खारिज किया जाए।
बरनाला: किसानों ने लगाया पक्का धरना
किसानों ने बुधवार को भाजपा के जिला प्रधान यादविंदर सिंह शंटी की कोठी का घेराव कर पक्का धरना शुरू कर दिया। भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के जिला प्रधान चमकौर सिंह नैणेवाल और ब्लॉक प्रधान बलौर सिंह छन्ना ने कहा कि कृषि कानून किसान विरोधी हैं। इसे रद्द करवाने के लिए वह भाजपा के जिला प्रधानों के आवास के सामने पक्का मोर्चा लगा रहे हैं।
धरने की सूचना मिलते ही थाना सदर के प्रभारी बलजीत सिंह ढिल्लों व थाना सिटी-2 के प्रभारी अजैब सिंह पुलिस पार्टी समेत मौके पर पहुंचे। उन्होंने जिला प्रधान के घर को आने वाले रास्तों पर बैरिकेड लगाकर बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात कर दी। भाजपा के जिला प्रधान के आवास के सामने खाली पड़े प्लाट में घास उगी है। किसान यूनियन के सदस्यों ने जेसीबी से सफाई करवाकर वहां पर टेंट का प्रबंध कर पक्का मोर्चा लगा दिया है।
लुधियाना: ‘भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को नहीं पार करने देंगे टोल’
कृषि कानून के खिलाफ आठ दिन से लाडोवाल टोल प्लाजा पर धरना लगाकर बैठे किसानों ने अब भाजपा नेताओं के खिलाफ संघर्ष तेज करने का फैसला किया है। किसान नेताओं का कहना है कि पंजाब में भाजपा का कोई वरिष्ठ नेता आता है तो उसका पूर्ण तौर पर विरोध किया जाएगा।
उसे न तो कोई टोल पार करने दिया जाएगा और न ही किसी धरने में शामिल होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर किसान जत्थेबंदियों को वरिष्ठ भाजपा नेताओं के घरों से निकलने का पता लग जाए तो उन्हें सड़कों पर भी नहीं चढ़ने दिया जाएगा।
भारतीय किसान यूनियन (कादियां) जालंधर के प्रधान अमरीक सिंह ने कहा कि भाजपा नेताओं का अब पंजाब में पूरी तरह से विरोध होगा। किसानों ने पहले भाजपा प्रदेश प्रधान का विरोध किया। अब बाकी वरिष्ठ नेताओं का भी विरोध होगा। टोल प्लाजा पार करना तो दूर अगर किसान नेताओं को उनके कहीं जाने का पता चल गया तो उन्हें सड़क पर भी चढ़ने नहीं दिया जाएगा।
किसान संगठन तब तक धरना जारी रखेगीं जब तक कानून वापस नहीं होते। उन्होंने कहा कि बुधवार को दिल्ली में कृषि अधिकारियों के साथ बैठक बेनतीजा रही। इसके बाद चंडीगढ़ में किसान संगठन बैठक कर रही हैं। बैठक के बाद जो फैसला होगा वह पूरे पंजाब की किसान संगठनों को बता दिया जाएगा। संघर्ष और तेज किया जाएगा। जब तक कोई फैसला नहीं होता तब तक टोल प्लाजा पर धरना जारी रहेगा।