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Kisan Andolan: कुंद पड़ने लगी किसान आंदोलन की धार, 29 तक दिल्ली कूच नहीं, आज कैंडल मार्च
Sat, 24 Feb 2024 01:17 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Sat, 24 Feb 2024 01:17 AM IST
सार
हरियाणा सीमा पर पंजाब के किसानों का आंदोलन कमजोर पड़ने लगा है। इस बीच दिल्ली कूच को 29 फरवरी तक टाल दिया है। 24 फरवरी को शंभू और खनौरी बॉर्डर पर किसान कैंडल मार्च निकालेंगे।
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किसान आंदोलन।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
शंभू बॉर्डर पर किसान आंदोलन की धार कुंद पड़ने लगी है। एक ओर शंभू मोर्चा पर किसानों की संख्या कम हो रही है, दूसरी ओर संयुक्त किसान मोर्चा ने दिल्ली कूच का कार्यक्रम फिलहाल 29 फरवरी तक टाल दिया है। किसान अब सीधे टकराव से बचना चाह रहे हैं। किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा है कि अगर नौजवान ही नहीं रहेंगे तो जमीनों का क्या करेंगे। हालांकि शंभू और खनौरी बॉर्डर पर सभी किसान संगठन सरकार के खिलाफ अपना शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जारी रखेंगे।
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किसान नेताओं का यह भी कहना है कि किसानों की संख्या कम नहीं हो रही बल्कि वह खनौरी बॉर्डर की ओर शिफ्ट हो गए हैं। खनौरी बॉर्डर पर शुभकरण व अन्य किसानों को श्रद्धांजलि देते हुए शनिवार 24 फरवरी को शंभू और खनौरी बॉर्डर पर कैंडल मार्च निकाला जाएगा। किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल और सरवण सिंह पंधेर ने शुक्रवार शाम को मीडिया को बताया कि 25 फरवरी को दोनों बॉर्डर पर युवा और तमाम किसान संगठनों के लिए सेमिनार होगा, जिसमें किसानी और खेतीबाड़ी से जुड़े बुद्धिजीवियों को बुलाया जाएगा।
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26 फरवरी को ट्रैक्टर मार्च के बाद दोपहर बाद शंभू और खनौरी बॉर्डर पर पीएम मोदी और हरियाणा के सीएम के अलावा कॉरपोरेट घरानों के करीब 20 फुट ऊंचे पुतले फूंके जाएंगे। 27 को संयुक्त किसान मोर्चा और किसान मजदूर मोर्चा आपसी चर्चा करेंगे। 28 को दोनों एक मंच पर आकर अपनी मांगों पर बातचीत होगी। 29 फरवरी को दिल्ली कूच को लेकर फैसला लिया जाएगा।
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